Rohini Seat Results: दिल्ली में विधानसभा की कुल 70 सीटें हैं। इन सभी सीटों पर बीते 5 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हुई थी और आज यानी 8 फरवरी को इन सीटों पर हुई वोटों की गिनती की गई जिसके पूरा होते ही नतीजे भी सामने आ गए हैं। इस सीट पर पिछले दो बार से भाजपा जीत हासिल कर रही थी और इस बार भी भाजपा ने ही इस सीट पर जीत दर्ज की है। इसका मतलब यह है कि भाजपा ने इस सीट पर हैट्रिक मार ली है। भाजपा के विजेन्द्र गुप्ता ने हैट्रिक मारते हुए AAP नेता प्रदीप मित्तल को 37816 वोटों के अंतर से हरा दिया।
2020 और 2015 में कैसे थे नतीजे
रोहिणी दिल्ली के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है और एक GEN सीट है। इस सीट पर भाजपा और AAP के बीच में कड़ी टक्कर रहती है। इस सीट पर 2020 में हुए चुनाव में भाजपा विजेंद्र गुप्ता ने 12,648 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। उन्हें 53.67% वोट शेयर के साथ 62,174 वोट मिले थे। उन्होंने आम आदमी पार्टी के राजेश नाम बंसीवाल को हराया था। अगर हम 2015 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो तब भी भाजपा के विजेंद्र गुप्ता ने ही इस सीट से जीत हासिल की थी। 2015 के विधानसभा चुनाव में विजेंद्र गुप्ता को 49.83% वोट शेयर के साथ 59,866 वोट मिले थे। उन्होंने तब AAP उम्मीदवार सी.एल.गुप्ता को 5,367 वोटों के अंतर से हराया था।
क्या है इस सीट का इतिहास?
आपको बता दें कि साल 2008 में हुए परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई थी और इस सीट पर तब भाजपा ने जीत दर्ज की थी। भाजपा के जय भगवान अग्रवाल ने पहली बार इस सीट से जीत दर्ज की थी। 2008 के बाद जब साल 2013 में दूसरी बार रोहणी सीट पर चुनाव हुए तो इस सीट से आम आदमी पार्टी को जीत मिली और राजेश गर्ग ने जीत दर्ज की। भाजपा के जय भगवान अग्रवाल चुनाव हार गए थे। इसके बाद आया 2015 का विधानसभा चुनाव और तब AAP ने 67 सीटों पर जीत दर्ज की थी। मगर तीन सीटें जो भाजपा के खाते में गई उनमें से एक रोहिणी की सीट भी थी। यानी 2015 में भाजपा ने जीत हासिल की। फिर साल 2020 में भी रोहिणी सीट पर भाजपा का कब्जा रहा और पार्टी के विजेंद्र गुप्ता इस सीट से जीत गए।