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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने लगाई नीट यूजी रिजल्ट पर रोक, जानें क्या है ये पूरा माजरा

 Edited By: Shailendra Tiwari
 Published : May 16, 2025 02:44 pm IST,  Updated : May 16, 2025 02:44 pm IST

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए NEET UG 2025 के रिजल्ट पर रोक लगा दी है, हाईकोर्ट के इस आदेश से 21 लाख छात्र देश भर में प्रभावित हो सकते हैं।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट- India TV Hindi
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट Image Source : SOCIAL MEDIA

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने मेडिकल क्षेत्र के अंडरग्रेजुएट कोर्सो में एडमिशन के लिए 4 मई को आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट यानी नीट-यूजी के रिजल्ट घोषित करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह रोक इंदौर के एक उम्मीदवार की याचिका पर गुरुवार को लगाई है। इससे नीट यूजी की परीक्षा देने वाले बच्चों में हड़कंप-सा मच गया है कि आखिर ऐसा क्यों किया गया?

याचिका में क्या कहा गया?

मिली जानकारी के मुताबिक, उम्मीदवार ने अपनी याचिका में कहा कि नीट-यूजी परीक्षा के दौरान इंदौर में मौसम खराब होने के बाद बिजली गुल हो गई, जिससे एंट्रेंस एग्जाम में वह सभी प्रश्न अटेम्प्ट नहीं कर सका, इसलिए उसे नीट यूजी परीक्षा में दोबारा बैठने का मौका दिया जाना चाहिए। इस पर हाईकोर्ट के जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने उम्मीदवार को तत्काल तौर पर राहत देते हुए अपने निर्देश में कहा कि याचिका की अगली सुनवाई तक नीट-यूजी के रिजल्ट घोषित नहीं किए जाएं। इसके अलावा, उन्होंने याचिका पर अगली सुनवाई की तारीख 30 जून तय की।

21 लाख छात्रों ने दी नीट परीक्षा

गौरतलब है कि कोर्ट का यह आदेश नीट-यूजी में बैठे देश भर के तकरीबन 21 लाख उम्मीदवारों को प्रभावित कर सकता है। हाईकोर्ट ने मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए), सरकार और मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी को नोटिस जारी किया है और इन सभी से 4 हफ्तों के भीतर जवाब भी मांगा है। 

मामले में सिंगल बेंच ने कहा, ‘‘प्रतिवादी 4 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में बैठे याचिकाकर्ता को उचित परिस्थितियां प्रदान करने में असफल रहे हैं। जिससे परीक्षा के दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों में बिजली गुल हो गई।’’

कोर्ट ने आगे यह भी बताया कि 13 मई को प्रतिवादियों के वकील से कोर्ट ने कहा था कि मामले में संबंधित अधिकारियों से उचित निर्देश लिए जाएं, लेकिन इसके बावजूद प्रतिवादियों की ओर से कोई भी वकील 15 मई (गुरुवार) को कोर्ट में पैरवी के लिए उपस्थित नहीं हुआ।

वकील ने रखा अपना पक्ष

याचिकाकर्ता के वकील मृदुल भटनागर ने बताया, "इंदौर में नीट-यूजी के लिए बनाए गए कई केंद्रों में जनरेटर या बिजली का अन्य वैकल्पिक इंतजाम नहीं था, जबकि मौसम विभाग की ओर से 4 मई को इंदौर में आंधी-तूफान आने की चेतावनी पहले ही रखी थी।" 

उन्होंने आगे बताया कि 4 मई को जब मौसम बिगड़ा, तो 3 घंटे की एंट्रेंस एग्जाम के दौरान शहर के कई केंद्रों में 1 से 2 घंटे तक बिजली गुल रही जिससे उम्मीदवारों अपने प्रश्न हल नहीं कर पाए। भटनागर ने यह भी दावा किया कि अचानक बिजली गुल होने के कारण कुछ सेंटर्स पर मोमबत्ती के उजाले में भी नीट-यूजी की परीक्षा कराई गई।

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