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NBEMS ने MBBS ट्रेनी डॉक्टरों के लिए जारी किया अहम संशोधित गाइडलाइन, नहीं जाना तो होगा नुकसान

 Published : Sep 12, 2024 11:14 am IST,  Updated : Sep 12, 2024 11:14 am IST

NBEMS ने MBBS ट्रेनी डॉक्टरों के लिए स्टाईपैंड संबंधित संशोधित गाइडलाइन जारी किया है। ट्रेनी डॉक्टर ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर इसे देख सकते हैं।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : FILE PHOTO

MBBS ट्रेनी डॉक्टरों ने लिए NBEMS यानी नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंस ने एक नोटिस जारी किया है। ये नोटिस स्टाईपैंड को लेकर संशोधित गाइडलाइन है, जिसे जानना बेहद जरूरी है। ऑफिशियल गाइडलाइन में स्पष्ट कहा गया है कि NBEMS ट्रेनी को मान्यता प्राप्त हॉस्पिटल/मेडिकल इंस्टीट्यूट द्वारा स्टाईपैंड देना अनिवार्य है। प्राइवेट हॉस्पिटल, सरकारी इंस्टीट्यूट, सेंट्रल PSUs, रेलवे, ईएसआईसी (ESIC), केंद्र स्वायत्त निकायों और केंद्र सरकार के सभी अस्पतालों में ट्रेनी डॉक्टर एनबीईएमएस (NBEMS) की ऑफिशियल वेबसाइट natboard.edu.in पर जाकर नोटिस देख सकते हैं।

कितना मिलना चाहिए स्टाईपैंड?

नोटिस में कहा कि पोस्ट MBBS DNB (ब्रॉड स्पेशिलिटी) कोर्सेज में पढ़ने वाले फर्स्ट ईयर के मेडिकल ट्रेनी को 35,000 रुपये का स्टाईपैंड मिलेगा। सेकेंड ईयर के मेडिकल ट्रेनी को 37,000 रुपये और थर्ड ईयर में पढ़ने वाले मेडिकल ट्रेनी को 39,000 रुपये स्टाईपैंड दिया जाना चाहिए। इसक साथ ही पोस्ट डिप्लोमा डीएनबी (ब्रॉड स्पेशिलिटी) कोर्सेज में पढ़ने वाले फर्स्ट ईयर के मेडिकल ट्रेनी को 37,000 रुपये स्टाईपैंड मिलेगा। साथ ही सेकेंड ईयर के मेडिकल ट्रेनी 39,000 रुपये के स्टाईपैंड दिया जाए।

पोस्ट एमबीबीएस- ब्रॉड स्पेशिलिटी के लिए कितना?

इसके अलावा, दो वर्षीय डिप्लोमा (पोस्ट एमबीबीएस- ब्रॉड स्पेशिलिटी) कोर्सेज में पढ़ने वाले फर्स्ट ईयर के छात्र को 35,000 रुपये और सेकेंड ईयर में पढ़ने वाले ट्रेनी को 37,000 रुपये देने चाहिए। डॉक्टर एनबी (सुपर स्पेशलिस्ट) कोर्सेज में पढ़ने वाले छात्र को फर्स्ट ईयर में 41,000 रुपये स्टाईपैंड, सेकेंड ईयर में 43,000 रुपये और थर्ड ईयर में छात्रों को 45,000 रुपये स्टाईपैंड दिए जाएं। साथ ही एफएनबी (FNB) कोर्सेज के उम्मीदवारों को, फर्स्ट ईयर में 41,000 रुपये और सेंकेंड ईयर में 43,000 रुपये का स्टाईपैंड मिलना चाहिए।

दी गई अस्पतालों को सलाह

आगे नोटिस में कहा गया कि हॉस्पिटल को समय-समय पर राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों द्वारा लागू किए गए बदलावों के मुताबिक स्टाईपैंड में संशोधन करते रहना चाहिए। हॉस्पिटल एनबीईएमएस द्वारा तय की गई न्यूनतम स्टाईपैंड से ज्यादा स्टाईपैंड ट्रेनी डॉक्टर को दे सकते हैं। साथ ही कहा गया कि अगर उम्मीदवार को हॉस्टल (आवास) दिया जाता है, तो वे बदले में स्टाईपैंड को कम कर सकते हैं।

Notice

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