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NCERT ने कक्षा-9 के सिलेबस में शामिल किया SIR और EC, 'बेमिसाल' चुनावी प्रक्रिया के बारे में पढ़ेंगे स्टूडेंट्स

 Reported By: Anamika Gaur Edited By: Shaswat Gupta
 Published : Jun 26, 2026 10:31 am IST,  Updated : Jun 26, 2026 10:31 am IST

NCERT ने अपनी नई कक्षा-9 की सामाजिक विज्ञान की किताब में चुनाव आयोग और SIR पर विस्तार से जानकारी दी है। इसमें भारत की चुनावी प्रक्रिया के बारे में बताया गया है।

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NCERT ने पाठ्यक्रम में जोड़ा SIR और EC. Image Source : REPORTER INPUT

NCERT ने कक्षा-9 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तकों में एक और अध्याय जोड़ा है। इसमें छात्र-छात्राओं को अब मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) और चुनाव आयोग (Election Commission) के बारे में पढ़ाया जाएगा। नई किताब में भारत की चुनावी प्रक्रिया को 'बेमिसाल' बताया गया है। पुस्तक के मुताबिक, चुनाव आयोग देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के साथ-साथ मतदाता सूची तैयार करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने का काम करता है। 

SIR के बारे में क्या-क्या पढ़ेंगे स्टूडेंट्स

सामाजिक विज्ञान की किताब में पहली बार स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर अलग से अध्याय शामिल किया गया है। इसमें बताया गया है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना, उसकी जांच करना और अशुद्धियों को शुद्ध करना है। NCERT के अनुसार, इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाता है कि कोई भी योग्य मतदाता वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे और कोई अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। किताब में यह भी बताया गया है कि SIR के दौरान 18 साल की उम्र पूरी करने वाले नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं। वहीं, जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है या जिन्होंने अपना पता बदल लिया है अथवा जिनके नाम एक से ज्यादा बार दर्ज हैं उनके नाम सूची से हटाए जाते हैं। इसके अलावा, अंतिम मतदाता सूची जारी करने से पहले लोगों से दावे और आपत्तियां भी मांगी जाती हैं, ताकि किसी भी गलती को समय रहते सुधारा जा सके। 

चुनाव प्रक्रिया के बारे में भी जानेंगे छात्र

नई किताब में चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए EVM, VVPAT, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट और मतदाता जागरूकता अभियान जैसे उपायों का भी जिक्र किया गया है। छात्रों के लिए एक गतिविधि भी दी गई है, जिसमें उन्हें 1977, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद बनी गठबंधन सरकारों का अध्ययन करने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि NCERT की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक के पाठ्यक्रम में यह परिवर्तन ऐसे समय में किया गया है, जब देश के कई विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। 

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