पटना: बिहार में विधानसभा चुनावों के दिन करीब आते ही राजनीतिक बयार काफी तेज चलने लगी है। 28 अक्टूबर को सूबे में चुनाव के पहले चरण का मतदान होना है, और सभी पार्टियां अपना पूरा जोर लगा रही हैं। बिहार की चकाई विधानसभा सीट पर भी 28 अक्टूबर को ही वोट डाले जाएंगे। यहां से राष्ट्रीय जनता दल ने जहां सिटिंग विधायक सावित्री देवी को एक बार फिर मौका दिया है, वहीं जेडीयू ने संजय प्रसाद को मैदान में उतारा है।
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चकाई विधानसभा में राष्ट्रीय जनता दल की अच्छी-खासी पकड़ मानी जाती है, इसलिए अंदाजा लगाया जा रहा है कि यहां कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। बिहार में बीजेपी और जेडीयू के गठजोड़ वाला एनडीए कागजों पर मजबूत दिखता है, लेकिन हकीकत में कौन कहां ठहरता है, यह चुनावों के बाद मतगणना के वक्त ही पता चलेगा। फिलहाल महागठबंधन का नेतृत्व कर रही आरजेडी की पूरी कोशिश एनडीए की सत्ता को उखाड़ फेंकने की है।
2015 के विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनता दल की सावित्री देवी ने त्रिकोणीय मुकाबले में आसान जीत दर्ज की थी। उन्होंने निर्दलीय सुमित कुमार सिंह को 12 हजार से भी ज्यादा वोटों से हराया था। सावित्री देवी को उन चुनावों में कुल 47064 वोट मिले थे, जबकि निर्दलीय सुमित कुमार सिंह के नाम पर 34951 लोगों ने बटन दबाया था। तब एनडीए की तरफ से चुनाव लड़ रही लोक जनशक्ति पार्टी के प्रत्याशी विजय कुमार सिंह 28535 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे थे, जबकि 11068 वोटों के साथ बीएसपी के जोवना हंसदा चौथे नंबर पर थे। यहां नोटा को 7379 वोट मिले थे।