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ममता बनर्जी ने बताया, चुनाव लड़ने के लिए आखिर नंदीग्राम को ही क्यों चुना

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 10, 2021 07:29 pm IST,  Updated : Mar 10, 2021 07:40 pm IST

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को नंदीग्राम विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया।

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को नंदीग्राम विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया। Image Source : PTI

हल्दिया: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को नंदीग्राम विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया। ममता बनर्जी ने चुनाव जीतने का विश्वास जताते हुए कहा कि वह नंदीग्राम से कभी खाली हाथ नहीं लौटी हैं। इस सीट पर उनका मुकाबला पूर्व में अपने सहयोगी और अब भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी से होगा। बनर्जी ने तृणमूल प्रदेश अध्यक्ष सुव्रत बक्शी की उपस्थिति में हल्दिया सब डिविजनल कार्यालय में नामांकन दाखिल किया। इससे पहले उन्होंने 2 किलोमीटर लंबे रोड शो में हिस्सा लिया और एक मंदिर में पूजा अर्चना की। नामांकन दाखिल करने में बाद बनर्जी एक और मंदिर गईं।

ममता ने बताया, क्यों लड़ रही हैं नंदीग्राम से चुनाव

ममता बनर्जी ने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि मैं नंदीग्राम सीट से जीत हासिल करूंगी। मैं आसानी से भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ सकती थी। मैं जब जनवरी में नंदीग्राम आई थी तब यहां से कोई विधायक नहीं था क्योंकि तत्कालीन विधायक ने इस्तीफा दे दिया था। मैंने आम लोगों के चेहरे को देखा और यहां से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।’ पूर्वी मिदनापुर जिला परिषद के उपाध्यक्ष शेख सुफियान को बनर्जी का चुनाव एजेंट नियुक्त किया गया है। बनर्जी ने कहा, ‘मैं यहां से कभी खाली हाथ नहीं लौटी। नंदीग्राम केवल एक नाम नहीं है यह एक आंदोलन का नाम है। मैं सभी का नाम भूल सकती हूं लेकिन नंदीग्राम का नाम नहीं भूल सकती। मेरे लिए इस स्थान का इतना महत्व है।’

‘सिंगूर या नंदीग्राम से चुनाव लड़ना चाहती थी’
तृणमूल अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने इस बार सिंगूर या नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का मन बनाया था। यह दोनों स्थान 2011 में भूमि अधिग्रहण के विरोध में हुए आंदोलन का केंद्र थे। उन्होंने कहा, ‘मैं एकदम स्पष्ट रूप से कहती हूं कि इस स्थान को कोई भी धर्म के आधार पर बांट नहीं सकता। नंदीग्राम आंदोलन के समय सभी समुदायों ने इसमें भाग लिया था। जो आज इसकी विरासत के बारे में भाषण दे रहे हैं वह उस समय कहीं नहीं थे जब यहां हिंसा हो रही थी। मैं अकेले लड़ रही थी।’ मुख्यमंत्री कोलकाता की भवानीपुर सीट छोड़ने के बाद पहली बार नंदीग्राम से चुनाव लड़ रही हैं। उन्होंने नंदीग्राम में एक घर किराए पर लिया है जहां से वह चुनाव प्रचार करेंगी।

सुवेंदु ने कहा- मैं भूमिपुत्र हूं, ममता बाहरी हैं
वहीं, बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘बाहरी’ करार देते हुए खुद को ‘भूमिपुत्र’ बताया। कभी तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे अधिकारी ने बनर्जी पर चुनाव से पहले धर्म के आधार पर लोगों को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी प्रमुख ने मंगलवार नंदीग्राम में चंडीपाठ भी 'गलत तरीके से' किया। सुवेंदु ने अपने चुनाव कार्यालय का उद्घाटन करते हुए कहा, 'वह (बनर्जी) नंदीग्राम में बाहरी हैं। वह यहां पर मतदान भी नहीं करती। मैं न केवल भूमिपुत्र हूं बल्कि इस इलाके का नियमित मतदाता भी हूं। मैं वर्षों से इस इलाके के लोगों के साथ हूं जबकि बनर्जी केवल चुनाव के दौरान यहां आती हैं।'

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