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Ye Public Hai Sab Jaanti Hai: आजगढ़ का ‘दुर्ग’ नौवीं बार भी बचा ले जाएंगे ‘दुर्गा प्रसाद’?

 Reported By: Jitender Chauhan
 Published : Mar 03, 2022 06:26 pm IST,  Updated : Mar 03, 2022 06:49 pm IST

कभी कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले इस इलाके को अब समाजवादी पार्टी का गढ़ कहा जाता है। सपा के कद्दावर नेता दुर्गा प्रसाद की इस इलाके में अच्छी पैठ है। क्या सपा के गढ़ में इस बार खिल जाएगा 'कमल'?

Highlights

  • आजगढ़ का ‘दुर्ग' नौवीं बार भी बचा ले जाएंगे ‘दुर्गा प्रसाद’?
  • क्या सपा के गढ़ में सेंध लगा पाएगी BJP?
  • क्यों लगातार जीतते आ रहे दुर्गा प्रसाद?

आजगढ़ की सदर विधानसभा सीट सपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है। इस सीट से दुर्गा प्रसाद यादव आठ बार से विधायक हैं। नौवीं जीत अपने नाम करने के लिए दुर्गा प्रसाद एक बार फिर चुनावी मैदान में उतर आए हैं। यह सीट यादव बाहुल्य सीट मानी जाती है। इस विधानसभा में सवर्ण मतदाताओं की भी बड़ी तादाद है। अन्य पिछड़ा वर्ग और दलित मतदाता भी इस विधानसभा में चुनाव परिणाम निर्धारित करने में निर्णयाक भूमिका निभाते हैं। विधायक दुर्गा प्रसाद का दावा है कि उनके कार्यकाल में इस क्षेत्र का बहुत विकास हुआ है, यही वजह है कि यहां कि जनता उनको हर बार अपना प्रतिनिधित्व करने के लिए विधानसभा भेजती है। हालांकि विपक्ष का कहना है कि विधायक के दावे में कोई दम नहीं है। वैसे सच्चाई जानने के लिए इंडिया टीवी (India TV)'  का खास कार्यक्रम 'ये पब्लिक है सब जानती है (Ye Public Hai Sab Jaanti Hai)' की टीम आजगढ़ की सदर विधानसभा पहुंची थी। टीम ने जनता से पूछा- आखिर क्यों हर बर दुर्गा प्रसाद ही यहां से चुनाव जीतते हैं? इसके जवाब में जनता कहना था कि ‘दुर्गा प्रसाद जनता के नेता हैं। वह जनता के सुख-दुख में शामिल रहते हैं। जब भी जनता को उनकी ज़रूरत होती है बहुत आसानी से वो मुलाकात करते हैं। यहीं वजह है कि हर बार जनता उनको चुनको चुनती है।‘ हालांकि इलाके में कुछ ऐसी भी जनता मिली जो विधायक बदलने के मूड में दिखी।

 

यहां ज्यादातर लोग कारोबार से जुड़े हैं

आजमगढ़ सदर विधानसभा के इतिहास की बात करें तो यह इलाका काशी और अवध के बीच है और इसे दुर्वासा, चंद्रमा और दत्तात्रेय ऋषि की तपोभूमि के तौर पर जाना जाता है। यह धरती साहित्यकारों की भी धरती रही है। इस विधानसभा सीट का अधिकांश क्षेत्र शहर से सटा हुआ है। जिसके कारण यहां ज्यादातर लोग कारोबार से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा खेती भी लोगों की आजीवीका का मुख्य साधन है। 

 

पहले कांग्रेस का गढ़ कहा जाता था इलाका 

इस सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो यहां परिस्थितियों के हिसाब से समीकरण बदलते रहते हैं। कभी कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले इस इलाके को अब समाजवादी पार्टी का गढ़ कहा जाता है। सपा के कद्दावर नेता दुर्गा प्रसाद की इस इलाके अच्छी पैठ है। यही वजह है कि 1985 से लेकर 2017 के विधानसभा चुनाव तक यहां की जनता ने दुर्गा प्रसाद को विधायक बनाए रखा. 

 

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