नई दिल्ली: केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेता व दिल्ली के पूर्व विधायक विजय जौली ने कहा कि 'उड़ता पंजाब' फिल्म ने पंजाबियत को नीचा दर्शाया है। यह यथार्थ से परे है। नई दिल्ली के ओडियन सिनेमाघर में इस विवादास्पद फिल्म को देखने के बाद जौली ने शनिवार को कहा कि पूरी फिल्म में गाली-गलौज, आपत्तिजनक व अपमानित करने वाले शब्दों की भरमार है। क्रूर हिंसा का चित्रण, हत्याओं, खुलेआम बंदूक शक्ति का चलन तथा उन्मुक्त ढंग से मानव रक्त बहाने का प्रदर्शन द्वारा क्रूरता व घृणा फैलाने वाली फिल्म है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र अभिव्यक्ति तथा नशीले पदार्थो के खिलाफ चलाए गए अभियान के खिलाफ कोई नहीं है। लेकिन इसके चित्रण के साथ पंजाबी भाषा में डायलॉग गंदे-गंदे व अश्लील शब्दों से भरे पड़े हैं। यह फिल्म सभ्य समाज की वास्तविकता से बहुत दूर है।
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जौली ने कहा, "मेरे पिता भारत विभाजन के बाद वर्ष 1947 में पाकिस्तान के पंजाब, लाहौर से भारत आए। मैं दिल्ली में पैदा हुआ और मुझे अपने पंजाबी होने पर गर्व है। लेकिन यदि कोई पंजाबियत का अपमान करेगा या उसे नीचा दिखाएगा तो मैं उसका विरोध करने के लिए बाध्य हूं।"
भाजपा नेता ने कहा, "इस फिल्म को देखने के बाद मेरे पंजाबी गौरव को बुरी तरह से चोट पहुंची है। मेरा मन बेहद दुखी है।"
जौली ने कहा कि फिल्म अभिनेता शाहिद कपूर, अभिनेत्री करीना कपूर व आलिया भट्ट ने अच्छा अभिनय किया है। लेकिन पंजाबी संवादों की अदायगी में खुलेआम अभद्र भाषा का प्रयोग हुआ है। कोई भी पंजाबी परिवार आज के युग में ऐसे आपत्तिजनक व विस्फोटक शब्दों का प्रयोग नहीं करता है।