विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी 'हनुमान अंश' इस साल की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक बन गई है। 2 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ क्लब में एंट्री कर ली है। बॉक्स ऑफिस पर अब भी ये फिल्म शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म को मिल रही तारीफों के चलते अब दर्शक इसकी ओटीटी रिलीज का इंतजार कर रहे हैं। फिल्म किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी, दर्शक लगातार यही जानना चाह रहे हैं। हालांकि, अब तक ये साफ नहीं हो सका है कि फिल्म किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी, लेकिन हाल ही में ये चर्चा जरूर होने लगी थी कि फिल्म को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से 100 करोड़ की डील ऑफर हुई है। इन दावों पर अब फिल्म की निर्माता रागिनी सोना ने प्रतिक्रिया दी है और तमाम दावों को खारिज कर दिया है।
ओटीटी डील पर क्या बोलीं 'हनुमान अंश' की निर्माता?
रागिनी सोना ने एनडीटीवी के साथ बातचीत में 'हनुमान अंश' की ओटीटी डील पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि फिल्म की टीम फिलहाल इस पर ध्यान दे रही है कि दर्शक फिल्म देखें। फिलहाल उनका डिजिटल डील पर ध्यान नहीं है। उन्होंने साफतौर पर कहा कि फिल्म की ओटीटी रिलीज को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है और न ही उन्हें कोई ऑफर मिला है। फिल्म की टीम मिलकर डिजिटल रिलीज का फैसला करेगी और सही समय आने पर इसकी आधिकारिक घोषणा करेगी।
ओटीटी रिलीज की अफवाहों को किया खारिज
एनडीटी से बातचीत में रागिनी सोना ने कहा- 'ऐसा कुछ नहीं है। ये सब सिर्फ अफवाहें हैं। कृपया इन सब बातों पर ध्यान न दें। आज फिल्म कितने लोग देख रहे हैं, ये मायने रखता है। हमें किसी ऑफर या किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म से मिलने वाली रकम की चिंता नहीं है। हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग सिनेमाघर जाकर ये फिल्म देखें, इसे प्यार दें और पसंद करें। दर्शक खुद फिल्म का प्रचार कर रहे हैं, मैंने पहले ऐसा कभी नहीं देखा, न सुना। ये नीम करौली बाबा का ही चमत्कार है। नंबर आते-जाते रहते हैं। मैं अपनी टीम की तरफ से साफ तौर पर ये कहना चाहती हूं कि हमारे पास ओटीटी रिलीज का कोई ऑफर नहीं है और न ही हम ऐसे किसी ऑफर की तलाश में हैं। जो भी होगा, टीम साथ मिलकर फैसला करेगी और जल्दी ही इसकी जानकारी दे दी जाएगी। हमें खुद नहीं पता कि ये ओटीटी पर कब आएगी, इसलिए सिनेमाघर जाकर फिल्म देखिए।'
ओटीटी प्लेटफॉर्म ने रिजेक्ट कर दी थी 'हनुमान अंश'
कुछ दिनों पहले 'हनुमान अंश' के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने बताया था कि एक ओटीटी प्लेटफॉर्म ने उनकी फिल्म रिजेक्ट कर दी थी। उन्होंने बताया कि कैसे जब वह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के पास अपनी फिल्म लेकर पहुंचे तो न सिर्फ ओटीटी प्लेटफॉर्म ने ये फिल्म रिजेक्ट कर दी, बल्कि उनका अपमान भी किया। इंडिया टीवी से बातचीत में उन्होंने कहा कि- 'जब मैं अपनी कहानी लेकर एक ओटीटी प्लेटफॉर्म को पिच करने गया तो वहां उन्होंने मुझसे कहा कि मेरे पास इंटरनेशनल महत्व वाली एक भारतीय कहानी है। मैंने महाराज जी की कहानी सुनाई और भावुक हो गया। लेकिन, प्लेटफॉर्म ने फिल्म रिजेक्ट कर दी और जिस तरह की, वह बहुत अपमानजनक था। जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह बहुत अपमानजनक थी।'
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