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सरकार ने CBFC को दी नई गाइडलाइन, ड्रग वॉर्निंग से लेकर एज रेटिंग्स तक, सेंसर बोर्ड में शामिल किए गए नए नियम

 Written By: Priya Shukla
 Published : Sep 19, 2026 04:25 pm IST,  Updated : Sep 19, 2026 04:25 pm IST

सेंसर बोर्ड में 18 नए सदस्यों की नियुक्ति करने के बाद भारत सरकार ने सीबीएफसी को नई गाइडलाइंस भी सौपी हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से फिल्म सर्टिफ़िकेशन के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिन्होंने 1991 में जारी किए गए फ़्रेमवर्क की जगह ली है।

suniel shetty- India TV Hindi
सीबीएफसी की नई गाइडलाइन। Image Source : CBFC/INSTA-@REALPZ/@SUNIEL.SHETTY

भारत सरकार की ओर से हाल ही में सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के 18 नए सदस्यों की सूची जारी की गई, जिसमें पंकज त्रिपाठी, सुनी शेट्टी, प्रीति जिंटा से लेकर रूपाली गांगुली जैसे दिग्गजों को सीबीएफसी के नए सदस्यों के तौर पर नियुक्त किया गया है। इस पुनर्गठन के बाद अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म सर्टिफिकेशन के लिए भी नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें कुछ नए नियम जोड़े गए हैं। इस गाइडलाइन के अनुसार फिल्मों का कंटेंट समाज के मूल्यों और मानकों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। इसलिए, ड्रग्स सेवन से लेकर हिंसा तक पर नकेल कसी गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा फिल्मों के सर्टिफिकेशन के लिए जारी की गई ये गाइडलाइन्स दिसंबर 1991 में जारी गाइडलाइन्स की जगह लेंगी। साथ ही, सर्टिफ़िकेशन फ़्रेमवर्क के हिस्से के  तौर पर उम्र-आधारित UA कैटेगरी - UA 7+, UA 13+ और UA 16+ - को भी इसमें शामिल किया गया है।

CBFC की नई गाइडलाइंस में क्या बदलाव हुए हैं?

सीबीएफसी की नई गाइडलाइन की बात करें तो इसमें किए गए बदलावों में सबसे अहम बदलावों में ऐसी फिल्मों के लिए जरूरी चेतावनी लागू करना है, जिनमें नशीले पदार्थों या साइकोट्रोपिक पदार्थों के सेवन, इस्तेमाल या तस्करी को दिखाया जाता है। ऐसे सीन के साथ तय कानूनी चेतावनी, जैसे - 'अवैध नशीले पदार्थ सेहत खराब करते हैं और जेल की सजा दिलाते हैं, नशीले पदार्थों को ना कहें।' दिखाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा उम्र के आधार पर UA कैटेगरी (UA 7+, UA 13+ और UA 16+) है। हालांकि, ये कैटेगरी 2025 में सिनेमैटोग्राफ एक्ट में बदलाव करके सर्टिफिकेशन सिस्टम में पहले ही शामिल किया जा चुका है। नई गाइडलाइंस में अब U और A सर्टिफिकेशन के साथ-साथ इन कैटेगरीज़ को भी शामिल किया गया है।

उम्र और हिंसा के आधार पर सर्टिफिकेशन कैसे काम करेगा?

मौजूदा सर्टिफिकेशन सिस्टम में  फिल्मों को उनके कंटेंट और दर्शकों के हिसाब से U, UA 7+, UA 13+, UA 16+, A या S सर्टिफिकेशन मिल सकता है। सभी बच्चों को एक ही कैटेगरी में रखने के बजाय, उम्र के आधार पर बनी कैटेगरी में बांट दिया गया है। बदली हुई गाइडलाइन में हिंसा, अपराध, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और दूसरे संवेदनशील विषयों को दिखाने को लेकर भी सीमाएं तय की गई हैं। CBFC की गाइडलाइन के अनुसार, समाज-विरोधी व्यवहार या हिंसा को आकर्षक या सही ठहराना उचित नहीं है। साथ ही, बच्चों के प्रति दुर्व्यवहार, जानवरों के प्रति क्रूरता और दिव्यांग लोगों से जुड़े सीन को जरूरत न होने पर दिखाए जाने पर भी आपत्ति जताई गई है।

इन विषयों पर भी दिया गया है ध्यान

नए नियमों में यौन हिंसा, सांप्रदायिक या देश-विरोधी भावना, सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सीन पर भी ध्यान दिया गया है। मूल्यांकन के लिए फिल्म का संदर्भ, उसमें दिखाया गया समय और आज के मानक भी मायने रखते हैं, न कि हर दृश्य को अलग-थलग करके देखा जाए। ये नई गाइडलाइंस तीन दशक से ज्यादा समय बाद आई हैं। इनमें पुराने नियमों के कई सिद्धांत तो वैसे ही रखे गए हैं, लेकिन सर्टिफिकेशन सिस्टम को आज के स्टैंडर्ड के हिसाब से अपडेट किया गया है।

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