1. Hindi News
  2. मनोरंजन
  3. बॉलीवुड
  4. 'सेंसर बोर्ड को बैन करो', राम गोपाल वर्मा की इंडस्ट्री से अपील, बोले- 'पाबंदियां सिर्फ मजाक बनकर रह गईं'

'सेंसर बोर्ड को बैन करो', राम गोपाल वर्मा की इंडस्ट्री से अपील, बोले- 'पाबंदियां सिर्फ मजाक बनकर रह गईं'

 Written By: Priya Shukla
 Published : Jul 15, 2026 08:17 pm IST,  Updated : Jul 15, 2026 08:17 pm IST

राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया पर एक लंबा-चौड़ा सा पोस्ट साझा करते हुए सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्मों में काट-छांट को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने एक्स पर शेयर किए पोस्ट में कहा कि अगर किसी बालिग को देश का नेता चुनने का अधिकार है, तो उसे ये तय करने का भी अधिकार होना चाहिए कि उसे क्या देखना है और क्या नहीं।

ram gopal varma- India TV Hindi
राम गोपाल वर्मा। Image Source : INSTAGRAM/@RGVZOOMIN

राम गोपाल वर्मा अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। वह अक्सर अपने दिल की बात खुलकर रखते आए हैं। पिछले दिनों राम गोपाल वर्मा फरहान अख्तर की 'डॉन 3' विवाद में रणवीर सिंह का समर्थन करते नजर आए थे। अब वह अपने नए पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। इस बार राम गोपाल वर्मा ने सीधे सेंसर बोर्ड के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा-चौड़ा सा नोट साझा किया है, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्मों में काट-छांट के सख्त खिलाफ हैं और बोर्ड पर पूरी तरह से बैन लगा देना चाहिए। अपने पोस्ट में राम गोपाल वर्मा ने इस बात को लेकर सवाल उठाया कि जिन युवाओं को अपने देश की सरकार चुनने का अधिकार है, उन्हें क्या देखना है क्या नहीं, ये तय करने का अधिकार क्यों नहीं है।

राम गोपाल वर्मा की सेंसर बोर्ड से नाराजगी

राम गोपाल वर्मा ने X पर शेयर किए अपने पोस्ट में लिखा- 'फिल्मों पर सेंसरशिप असल में दर्शकों का अपमान करना है। स्मार्टफोन और ग्लोबल स्ट्रीमिंग के इस दौर में ये सोचना बवकूफी और पुरानी सोच है कि दर्शकों को किसी सच तक पहुंचने से रोका जा सकता है। असल पाखंड तो ये है कि बालिगों को देश का नेता चुनने, बिजनेस चलाने और परिवार का पेट पालने के लिए समझदार माना जाता है, लेकिन ये चुनने के लिए नहीं कि उसे क्या देखना है और क्या नहीं। एक तरफ तो सरकार बालिगों को वोट देने जैसे अहम जिम्मेदारी सौंप रही है तो दूसरी तरफ उसी को लेकर ये सोचा जाता है कि कोई फिल्म उसे बिगाड़ देगी। ये समाज की सुरक्षा नहीं बल्कि उसे बच्चे जैसा समझना है।'

एडल्ट को बच्चा समझना बंद करें

राम गोपाल वर्मा अपने पोस्ट में आगे लिखते हैं- '18 साल का व्यक्ति अगर अपना नेता चुन सकता है तो उसे ये तय करने के लिए किसी अनजान कमेटी की जरूरत नहीं है कि कोई गाली सुनना या कोई सीन उसे बिगाड़ सकता है कि नहीं। फिल्म एक फिल्ममेकर के नजरिए से सुनाई गई ड्रामैटिक कहानी होती है और उससे सहमत होना है या नहीं, ये दर्शकों की मर्जी होती है। थिएटर में रिलीज के लिए किसी फिल्म के सीन को काटना बेहद हास्यास्पद है, क्योंकि बना कटा वर्जन कुछ ही घंटों में टोरेंटो, टेलीग्राम और इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर आ जाता है।' 

इंटरनेट वाले जमाने में कंटेंट पर रोक लगाना एक मजाक है

ऑब्सेशन का उदाहरण देते हुए राम गोपाल वर्मा ने कहा- 'ऑब्जेशन का 'हेड बैंगिंग' सीन इसका सबसे बढ़िया उदाहरण है। सेंसर बोर्ड द्वारा काटे जाने के बाद भी इस सीन को इंस्टाग्राम रील्स पर उन लोगों से 10 गुना ज्यादा लोग देख चुके होंगे जिन्होंने ये फिल्म थिएटर में देखी। सेंसरशिप से कुछ छिपता नहीं है, बल्कि इससे लोगों में इसे लेकर उत्सुकता बढ़ जाती है। एआई टूल्स और बना ऑर्डर वाले इंटरनेट के इस जमाने में कंटेंट पर रोक लगाने की कोशिश एक मजाक है। भाषा, सेंशुएलिटी, वायलेंस और आइडियोलॉजी वाली फिल्मों में काट-छांट सिनेमा को बेईमान और पाखंडी बना देता है। जब बच्चे इंटरनेट पर तमाम हद पार करने वाली चीजें देख सकते हैं तो फिल्मों के कुछ सीन पर ही पाबंदी क्यों?'

फिल्म में काट-छांट की जरूरत नहीं

राम गोपाल वर्मा ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- 'हमें फिल्मों में काट-छांट की जरूरत नहीं है, बल्कि ये साफ होना जरूरी है कि फिल्म में क्या है और दर्शकों का सम्मान करते हुए उन्हे ये फैसला लेने की आजादी देना चाहिए कि वह क्या देखना चाहते हैं और क्या नहीं। मुझे लगता है कि सभी फिल्ममेकर्स को बना सोचे-समझे काम करने वाले अफसरशाही तंत्र के सामने घुटने टेकना बंद कर देना चाहिए, जो न तो कला को समझते हैं और न ही दर्शकों को। हर बार जब इंडस्ट्री काट-छांट को स्वीकार कर लेती है, समझौता कर लेती है तो वह उन तथाकथित गेटकीपर्स का हौसला बढ़ाती है जो पूरी इंडस्ट्री को आसान निशाना बनाकर पूरे इकोसिस्टम को कमजोर करती है। मुझे लगता है कि  अब समय आ गया है कि इंडस्ट्री को एकजुट होकर सेंसर बोर्ड के मौजूदा स्वरूप को अदालतों और सार्वजनिक चर्चाओं में चुनौती देना चाहिए। बैन द सेंसर।'

ये भी पढ़ेंः सिविल इंजीनियर से बने फिल्ममेकर, बिना ट्रेनिंग फिल्म इंडस्ट्री में मचाई धूम, बन गए सिनेमा के 'सरकार'

Latest Bollywood News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Bollywood से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें मनोरंजन