साल 2026 में कई फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों का ध्यान खींचा है, लेकिन ‘हनुमान अंश’ की सफलता ने फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ दर्शकों को भी हैरान किया है। कम बजट में बनी इस फिल्म ने उम्मीद से कहीं ज्यादा कमाई की और लंबे समय तक सिनेमाघरों में अपनी पकड़ बनाए रखी। ऐसे में इसे कंटेंट आधारित फिल्मों के लिए बदलते दर्शक रुझान का संकेत माना जा रहा है। हालांकि, एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा इस बात से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि सिर्फ एक फिल्म की सफलता के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि भारतीय सिनेमा में कोई बड़ा बदलाव शुरू हो चुका है।
‘हनुमान अंश’ की सफलता को ऋचा ने कैसे समझाया?
ऋचा चड्ढा ने ‘हनुमान अंश’ की कामयाबी को लेकर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि अगर 2026 को कंटेंट ड्रिवन सिनेमा के लिहाज से लैंडमार्क ईयर कहा जा रहा है तो वह इससे सहमत नहीं हैं। उन्होंने खास तौर पर इस फिल्म की सफलता को अलग संदर्भ में देखने की बात कही। ऋचा के मुताबिक धार्मिक और पौराणिक विषयों पर बनी फिल्मों को दर्शकों से स्वाभाविक रूप से जुड़ाव मिलता है। उनका कहना है कि ऐसी फिल्में लोगों के लिए एक तरह से सुरक्षित विकल्प होती हैं और दर्शक इन्हें देखने के लिए पहले से तैयार रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस समय हॉलीवुड की फिल्मों से भारतीय फिल्मों की तुलना करना सही नहीं होगा। उनका मानना है कि सिर्फ ‘हनुमान अंश’ जैसी किसी एक फिल्म के अच्छा प्रदर्शन करने से यह निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा कि दर्शकों की पसंद पूरी तरह बदल रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि भारतीय सिनेमा में कंटेंट को लेकर कोई बड़ा बदलाव आ चुका है।
बेहतर स्क्रिप्ट और लेखकों को ज्यादा पैसा देने की जरूरत
ऋचा चड्ढा ने सिर्फ फिल्म की सफलता का विश्लेषण ही नहीं किया, बल्कि यह भी बताया कि भारतीय सिनेमा को वास्तव में कंटेंट ड्रिवन बनाने के लिए क्या किया जा सकता है। उनके मुताबिक मजबूत कहानियों और बेहतर स्क्रिप्ट के साथ-साथ लेखकों को उचित मेहनताना मिलना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर इंडस्ट्री अच्छी स्क्रिप्ट पर ज्यादा ध्यान दे और लेखकों को उनके काम के लिए पर्याप्त पैसा मिले तो कंटेंट आधारित सिनेमा को आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिल सकता है। उनके मुताबिक मजबूत कहानी किसी भी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हो सकती है और इसके लिए लेखकों को संसाधन और सम्मान दोनों मिलना जरूरी है।
कम बजट से 400 करोड़ पार पहुंची फिल्म
वहीं ‘हनुमान अंश’ की बात करें तो विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी यह फिल्म आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं से प्रेरित है। फिल्म ने शुरुआत में बहुत बड़ी ओपनिंग नहीं ली थी, लेकिन धीरे-धीरे दर्शकों की जुबानी चर्चा ने इसकी रफ्तार बढ़ा दी। करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने भारत में 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया और आठ सप्ताह के भीतर दुनियाभर में 400 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। खास बात यह रही कि कई बड़ी फिल्मों के सिनेमाघरों में आने के बावजूद ‘हनुमान अंश’ की कमाई में लगातार स्थिरता बनी रही।
423 करोड़ रुपये के पार पहुंचा कलेक्शन
सैकनिल्क के मुताबिक 5 अक्टूबर तक फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 423 करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुका था। ‘द पैराडाइज’, ‘द ववान - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ और ‘दृश्यम 3’ जैसी बड़ी फिल्मों की रिलीज के बीच भी फिल्म का सिनेमाघरों में टिके रहना इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है। फिल्म की सफलता के बाद मेकर्स ने इसके सीक्वल का भी ऐलान कर दिया है। हालांकि प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने साफ किया है कि सफलता के बावजूद सीक्वल का बजट बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये नहीं किया जाएगा। उनका मानना है कि ज्यादा बजट होने पर गैर-जरूरी वीएफएक्स पर खर्च बढ़ सकता है।
नीम करोली बाबा पर सीरीज भी होगी
‘हनुमान अंश’ की सफलता का असर सिर्फ फिल्म के सीक्वल तक सीमित नहीं रहा। सोनीलिव ने भी नीम करोली बाबा के जीवन पर एक सीरीज बनाने की घोषणा की है। हालांकि इस प्रोजेक्ट की स्टारकास्ट और रिलीज डेट की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
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