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दो फीट की नीली रस्सी में उलझी है हत्याओं की गुत्थी, माधुरी दीक्षित की जबरदस्त एक्टिंग पैदा करती सनसनी, जानें कैसी है 'मिसेज देशपांडे'?

 Written By: Shyamoo Pathak
 Published : Dec 19, 2025 12:48 pm IST,  Updated : Dec 19, 2025 02:24 pm IST

माधुरी दीक्षित की सीरीज 'मिसेज देशपांडे' हॉटस्टार पर रिलीज हो गई है। मर्डर मिस्ट्री सीरीज में माधुरी ने कमाल की एक्टिंग की है और 6 एपिसोड में उनका जलवा बरकरार रहा। आइये जानते हैं कैसी ही ये मर्डर मिस्ट्री सीरीज।

Mrs Deshpande
मिसेज देशपांड Photo: INSTAGRAM@MADHURIDIXIT
  • फिल्म रिव्यू: Mrs Deshpande
  • स्टार रेटिंग 3.5/5
  • पर्दे पर: 19 December 2025
  • डायरेक्टर: Nagesh Kukunoor
  • शैली: Murder Mystery

2 फीट की रस्सी है और घड़ी-घड़ी एक लाश मिलती है। हत्या का तरीका सेम और सीरियल किलर की जोरदार तलाश। लेकिन सीरीज मिसेज देशपांडे की कहानी की लाइट माधुरी दीक्षित से नहीं हटती। एक्टिंग की क्वीन माधुरी ने सीरियल किलर के किरदार में भी ऐसा कमाल किया है कि एक पल भी उनसे नजरें नहीं हटतीं। हर सीन और क्लू में दिलचस्पी बढ़ जाती है और घनघोर मेहनत के बाद आखिरकार हत्यारा पकड़ा जाता है। लेकिन गिरफ्तारी से पहले आखिरी एपिसोड में भी कहानी धड़कनें बढ़ाती है। 

मिसेज पांडे की कहानी

कहानी शुरू होती है माधुरी दीक्षित के इंट्रोडक्शन सीन से जिसका नाम है मिसेज देशपांडे, जो हैदराबाद की जेल में हैं और 25 साल से कैद है। मिसेज देशपांडे एक सीरियल किलर हैं जो अपनी पहचान बदलकर जेल में अपने कर्मों की सजा काट रही है। इसके बाद अचानक मिसेज देशपांडे की स्टाइल में मुंबई में हत्याओं की खबरें आने लगती हैं। स्टाइल वहीं 2 फीट की नीली रस्सी और हत्या के बाद आंखें खुली रखना। फिर एंट्री होती है अरुण खत्री (प्रियांशु चटर्जी) की जो एक आईपीएस अधिकारी है और इस सीरियल किलर को बेनकाब करने का मिशन लेकर आया है। अरुण इस केस को सुलझाने के लिए चुनता है एसीपी तेजस फाड़के (सिद्धार्थ चंदेकर) को जो एक तेजतर्रार पुलिस अधिकारी है।

सीरियल किलर की तलाश के लिए मिसेज देशपांडे की मदद ली जाती है और उसे जेल से एक निजी पुलिस सुरक्षा के अंदर एक बंगले में रखा जाता है। जैसे ही तलाश आगे बढ़ती है हत्या की और हत्यारे की साजिश की गुत्थी उलझने लगती है। हर पल सस्पेंस बढ़ता है और शक के आधार पर जांच भी। लेकिन हर एपिसोड में असल कातिल चकमा देने में सफल रहता है। कहानी हर एपिसोड से साथ गहरी हो जाती है और दिलचस्पी की चरम सीमा आखिरी एपिसोड में दिखती है जब आखिर में पता चल ही जाता है कि कौन है जो मिसेज देशपांडे की तर्ज पर हत्याओं को अंजाम दे रहा है। लेकिन मुश्किलें यहीं नहीं थमतीं और कहानी परिवार के अंदर दाखिल होती है और दिलचस्प हो जाती है। कहानी बिल्कुल कसी हुई है और आपकी दिलचस्पी बनाए रखती है। हालांकि आखिर में कहानी जब अपने सस्पेंस को तोड़ती है तो एक अनकहा मोड़ लेती जो हजम नहीं होता। बस पूरी कहानी में केवल यही फ्लॉ दिखता है जो हजम नहीं होता और बाकी की कहानी उलझाकर रखती है। 

मिसेज पांडे की एक्टिंग

मिसेज पांडे सीरीज माधुरी ही इस यूनिवर्स की मास्टरनी हैं और कहानी की सुई उनसे नहीं हटती। आखिर में भी जब सस्पेंस टूटता तो माधुरी ही कहानी की मास्टर निकलती हैं। साथ ही तेजस के रोल में सिद्धार्थ चंदेकर ने अच्छा काम किया है और अपने किरदार को पकड़े रहते हैं। सिद्धार्थ का इस केस के साथ निजी कनेक्शन भी रहता है लेकिन फिर भी उनका किरदार अपने काम और परिवार की मुश्किलों को हमेशा दर्शकों के सामने रखने में सफल रहता है। वहीं प्रियांशु चटर्जी ने मुंबई पुलिस कमिश्नर अरुण खत्री का रोल प्ले किया है जो काफी सटल है और बिल्कुल भी उसके अंदर झांकने का मौका नहीं देता। उनके अंदर क्या चल रहा है केवल तभी अंदाजा पड़ता है जब वे अपने मुंह से इसे बोलते हैं। पुलिस के अधिकारियों के किरदारों का ये अहम पहलू होता है जिसे प्रियंशू ने अच्छे से प्ले किया है। निमिशा नायर ने दिव्या का रोल निभाया है जो इस कहानी में काफी अहम हैं। हालांकि उनका शुरुआती रोल आपको चकमा देता है लेकिन इसके बाद लोगों को अंदाजा लग जाता है कि उनका इस कहानी में क्या रोल है। 

क्या है खास

कहानी में सबसे खास है सीरीज के खलनायकों के काले चेहरे खुलने का समय। मिसेज देशपांडे के किरदार को काफी बेहतरीन तरीके से गढ़ा गया है और ऐसा कम ही होता है कि आप असली विलेन के इतने पास रहें और आप उनके कारनामों का अंदाजा न लगा पाएं। कहानी बिल्कुल कसी है और बांधकर रखती है। लेकिन आखिर में जब सस्पेंस टूटता है तो थोड़ी निराशा हाथ लगती है। लेकिन खास बात इसमें कलाकारों की एक्टिंग और कहानी का फ्लो रहा है। सीरीज के डायरेक्टर नागेश कुकुनूर कहानी को बताने में सफल रहे हैं। 

अंतिम निर्णय

सीरीज शानदार है और पूरे 6 एपिसोड तक आपको बांधकर रखती है। लेकिन आखिर के कुछ मिनट आपको निराश कर सकते हैं। माधुरी दीक्षित की एक्टिंग जोरदार है और उन्होंने इस किरदार में भी कमाल किया है। जब उन्हें बीती जिंदगी की बुरी यादों के सपने सताते हैं तो वे योग करने लगती हैं। यहां साफ दिखता है कि उन्होंने किरदार के लिए कितनी गहरी तैयारी की है। अगर आप मर्डर मिस्ट्री कहानियों के शौकीन हैं तो आपके लिए ये सीरीज एक ट्रीट साबित होगी। हॉटस्टार पर रिलीज हुई सीरीज मिसेज देशपांडे को जरूर देखना चाहिए। 

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