2000 के दशक के शुरुआती दौर में भारतीय टीवी सीरियल्स का क्रेज चरम पर था और प्राइम टाइम पर एकता कपूर के शोज छाए रहते थे। चेतन हंसराज उस दौर में बालाजी टेलीफिल्म्स के कई नाटकों का हिस्सा थे। हाल ही में एक्टर ने उन दिनों को याद किया जब वह एक साथ तीन-तीन शो कर रहे थे और अपने व्यस्त शेड्यूल के चलते न तो उनके पास घर जाने का समय होता था और न ही सोने का। ऐसे में कई बार तो चेतन हंसराज सीरियल के सेट पर ही सो जाया करते थे। चेतन इसे अपने करियर का सबसे सुनहरा दौर मानते हैं।
जब एक साथ तीन शोज में काम कर रहे थे चेतन हंसराज
सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में चेतन हंसराज ने उन दिनों को याद किया, जब वह अपने करियर के पीक पर थे। वह टीवी की दुनिया का जाना-माना चेहरा बन चुके थे और एक साथ तीन शोज में काम कर रहे थे। ये तीन शो थे 'कहानी घर घर की', 'क्या हादसा क्या हकीकत' और 'कुसुम', जो उस दौर के सबसे सफल सीरियल थे। उस समय को याद करते हुए चेतन हंसराज कहते हैं- 'उस समय पर मैं तीन शो एक साथ कर रहा था। मैं नॉन-स्टॉप शूटिंग कर रहा था और जब भी समय मिलता, सेट पर ही नींद ले लेता। मैं शॉट्स के बीच सो जाता था।'
एक-दो हफ्ते में लेते थे छुट्टी
चेतन हंसराज ने बताया कि वह किसी तरह कभी-कभी हफ्ते-दो हफ्ते में छुट्टी ले लेते थे, वो भी तब जब वह शूटिंग से थक जाया करते थे, ऐसे में उन्हें आराम की जरूरत महसूस होती थी और वह छुट्टी ले लेते थे। नहीं तो वह लगातार काम करते रहते थे, एक सेट से दूसरे सेट, वो भी बिना किसी आराम के। अपने अन्य साथी कलाकार, जो लॉन्ग शूटिंग को परेशानी का सबब बताते हैं, चेतन हंसराज ने इसे अपने करियर का सबसे महत्वपूर्ण समय बताते हुए कहा- 'ये मेरी जिंदगी का सबसे शानदार एक्सपीरियंस था। टेलीविजन का गोल्डन पीरियड।'
एकता कपूर का जताया आभार
इसी के साथ चेतन हंसराज ने उन्हें मौका देने के लिए एकता कपूर का आभार भी जताया। उन्होंने बताया कि कैसे उन शोज ने उनके करियर और फाइनेंशियल सिचुएशन में सुधार किया। उन्होंने कहा- 'जब 2004 शुरू हुआ, मेरा बैंक बैलेंस उतना अच्छा नहीं था। बल्कि सच कहूं तो बहुत बेकार था। लेकिन, 2004 के आखिरी तक, मैंने शादी कर ली, बांद्रा में अपना घर ले लिया और एक कार भी, मेरी पहली कार, मेरी पूरी जिंदगी बदल गई थी।'