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Explainer: अमेरिका में सियासी भूचाल, जानिए क्या चाहते हैं एलन मस्क और क्यों किया राजनीतिक पार्टी का ऐलान, क्या कहता है US का संविधान

 Published : Jul 07, 2025 01:41 pm IST,  Updated : Jul 07, 2025 01:42 pm IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति कारोबारी एलन मस्क कभी अपनी दोस्ती के लिए मशहूर थे। लेकिन, अब मस्क ने ऐसा ऐलान कर दिया है जिससे अमेरिका की सियासत में भूचाल आ गया है। चलिए आपको पूरा मामला बताते हैं।

Donald Trump vs Elon Musk- India TV Hindi
Donald Trump vs Elon Musk Image Source : INDIA TV

Donald Trump vs Elon Musk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति कारोबारी एलन मस्क के बीच विवाद इस कदर बढ़ गया है कि अमेरिका में सियासी भूचाल आ गया है। ट्रंप और मस्क के बीच संबंध इतने बिगड़ गए हैं कि अरबपति कारोबारी ने अब अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है। मस्क ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी का नाम 'अमेरिका पार्टी' रखा है। मस्क का दावा है कि यह पार्टी अमेरिका के उन 80 फीसदी मध्यम वर्ग को लोगों की आवाज बनेगी जो ना रिपब्लिकन हैं और ना डेमोक्रेट। मस्क ने भले ही नई सियासी पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है लेकिन यह इतना आसान नहीं होने वाला है। चलिए इस बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।

अमेरिका में आसान नहीं है नई पार्टी बनाना

एलन मस्क ने अमेरिका में नई सियासी पार्टी बनाने का ऐलान तो कर दिया है लेकिन यह इतना आसान नहीं होने वाला है। अमेरिका में यह जटिल और लंबी प्रक्रिया है। किसी भी नई पार्टी को सबसे पहले एक औपचारिक नाम तय करना होता है। इसके साथ ही उसे एक घोषणापत्र और संगठनात्मक ढांचे की जरूरत होती है- जैसे पार्टी अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी। यह ढांचा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर काम करने के लिए तैयार किया जाता है। अमेरिका में सबसे बड़ी चुनौती है- बैलेट एक्सेस यानी चुनावी मतपत्र पर पार्टी का नाम आना है, इसके लिए हर राज्य में अलग-अलग कानूनी नियम हैं। एलन मस्क के पास पैसे की कमी नहीं है लेकिन नई पार्टी बनाकर चुनाव लड़ना आसान नहीं होगा। 

आसान नहीं मस्क की राह

अमेरिका की दो-दलीय प्रणाली, राज्य-वार बैलेट सिस्टम, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, धन जुटाना और मतदाता समर्थन की कमी जैसी समस्याएं ट्रंप के सामने होंगी। मस्क को संसाधनों की कमी तो नहीं होगी लेकिन राजनीति में धैर्य बनाए रखना और जमीनी संगठन तैयार करना आसान नहीं होगा। न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कि एलन मस्क ने यह दिखाया है कि वह अपने संसाधनों का इस्तेमाल तो कर सकते हैं लेकिन उनका इतिहास यह भी रहा है कि वह कई बार अपनी कही बातों को पूरा नहीं करते हैं। अमेरिका की चुनाव प्रणाली 'विनर टेक ऑल' के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें तीसरी पार्टियों के लिए जगह बनाना बहुत मुश्किल होता है। अमेरिका में इस तरह का सिस्टम बन चुका है कि जो दो-दलीय प्रणाली के इर्द-गिर्द ही काम करता है। यहां  अगर किसी तीसरे दल को कुछ प्रतिशत में वोट मिल भी जाएं तो भी कोई सीट नहीं मिलती इसलिए छोटी पार्टियों के लिए टिकना बेहद कठिन है।

Donald Trump vs Elon Musk
Image Source : FILEDonald Trump vs Elon Musk

क्या राष्ट्रपति चुनाव लड़ सकते हैं मस्क?

एलन मस्क ने जैसे ही नई पार्टी का ऐलान किया तो सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो गया कि, क्या एलन मस्क खुद राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ सकते हैं? वैसे यहां बता दें कि अमेरिका में किसी के लिए भी राष्ट्रपति चुनाव लड़ना आसान नहीं है। अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद II, खंड 1 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति तभी अमेरिकी राष्ट्रपति बन सकता है अगर वह 3 शर्तों को पूरा करता हो।

  • पहली शर्त: वह जन्म से अमेरिका का नागरिक हो। 
  • दूसरी शर्त: उसकी उम्र कम से कम 35 वर्ष हो।
  • तीसरी शर्त: वह अमेरिका में कम से कम 14 साल से रह रहा हो। 

यहां एलन मस्क इन शर्तों में से पहली शर्त पर ही खरे नहीं उतरते हैं जो सबसे जरूरी है। एलन मस्क का जन्म 28 जून 1971 को दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया शहर में हुआ था। दक्षिण अफ्रीका में कुछ समय बिताने के बाद मस्क पहले कनाडा और फिर अमेरिका गए। वैसे तो मस्क ने अमेरिका की नागरिकता ली है लेकिन चूंकि वो जन्म से अमेरिकी नागरिक नहीं हैं, इसलिए संविधान उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने की अनुमति नहीं देता है।

क्या चाहते हैं मस्क?

एलन मस्क अब तक खुद को अमेरिका में एक किंगमेकर की भूमिका में देखते रहे हैं। मस्क यह कह भी चुके हैं कि अगर वो समर्थन ना करते तो डोनाल्ड ट्रंप कभी राष्ट्रपति नहीं बन पाते। अब ट्रंप और मस्क के रिश्ते रसातल में पहुंच गए हैं तो कहीं ना कहीं उनके मन में यह भावना जरूर हैं कि वो किस तरह से ट्रंप को सबक सिखाएं। अब अगर सबकुछ ठीक रहता है और मस्क की नई पार्टी योजना से ऊपर उठकर धरातल पर नजर आती है तो 2026 के मिडटर्म इलेक्शन में नई पार्टी के उम्मीदवार चुनावी मैदान में नजर आ सकते हैं। इसके अलावा मस्क 2028 में किसी ऐसे नेता को राष्ट्रपति पद के लिए मैदान में उतार सकते हैं जो अमेरिका में जन्म हो। इस दौरान मस्क खुद पार्टी प्रमुख की भूमिका में नजर आ सकते हैं। 

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Image Source : APDonald Trump vs Elon Musk

कब परवान चढ़ी मस्क और ट्रंप की दोस्ती?

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क की दोस्ती उस वक्त परवान चढ़ी थी जब जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया में ट्रंप की हत्या का प्रयास किया गया था। इसके बाद मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान कर दिया था। इस घटना के कुछ ही मिनट बाद मस्क ने एक्स पर लिखा था, "मैं ट्रंप का पूरा समर्थन करता हूं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।" इसके बाद मस्क और ट्रंप एक साथ चुनाव प्रचार अभियानों में नजर आए थे। सियासत में ना कोई दोस्त होता है ना ही दुश्मन अमेरिका में यह बात साफ नजर आ रही है।

ट्रंप और मस्क के बीच विवाद की वजह

दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क के बीच विवाद की सबसे बड़ी वजह 'बिग, ब्यूटीफुल बिल' है जो अमेरिकी संसद में पास हो चुका है। मस्क ने इस विधेयक को देश को दिवालिया करने वाला बताया था। जवाब में ट्रंप ने मस्क की कंपनियों (जैसे टेस्ला, स्पेसएक्स) की सब्सिडी बंद करने और उन्हें देश से निकालने तक की धमकी दी थी। कहा जा रहा है कि 'बिग, ब्यूटीफुल' कानून में भारी सरकारी खर्च और टैक्स से संबंधित बदवाव शामिल हैं।

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