1. Hindi News
  2. Explainers
  3. EXPLAINER: OPEC से बाहर निकलने का UAE ने क्यों किया फैसला? क्या है तेल प्रोडक्शन का गणित; समझिए एक-एक बात

EXPLAINER: OPEC से बाहर निकलने का UAE ने क्यों किया फैसला? क्या है तेल प्रोडक्शन का गणित; समझिए एक-एक बात

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Apr 29, 2026 01:04 pm IST,  Updated : Apr 29, 2026 01:07 pm IST

UAE के OPEC छोड़ने के निर्णय ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल पैदा कर दी है, अब अधिक उत्पादन और बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने की स्ट्रैटेजी साफ नजर आ रही है। सऊदी अरब से टेंशन और बदलती एनर्जी पॉलिटिक्स के बीच UAE का यह स्टेप OPEC की पकड़ को कमजोर कर सकता है।

uae exit opec- India TV Hindi
UAE ने OPEC से बाहर निकलने का फैसला लिया। Image Source : AP (प्रतीकात्मक फोटो)

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE का OPEC से बाहर निकलने का निर्णय, दुनिया की तेल की राजनीति में एक अहम मोड़ माना जा रहा है। OPEC, जो विश्व के करीब 40 प्रतिशत कच्चे तेल उत्पादन को कंट्रोल करता है, लंबे वक्त से उत्पादन कोटा तय कर उसके दाम को प्रभावित करता रहा है। लेकिन UAE को पिछले कुछ साल से यह शिकायत है कि OPEC का कोटा बहुत लिमिटेड है, जिससे वह अपनी पूरी प्रोडक्शन कैपिसिटी के हिसाब से मार्केट में तेल नहीं बेच पा रहा है। दरअसल, UAE ने पिछले कुछ वर्षों में अपने Oil Production इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी इन्वेस्टमेंट किया है और अब वह ज्यादा से ज्यादा उत्पादन कर ग्लोबल मार्केट में अपनी भागीदारी को बढ़ाना चाहता है।

OPEC से क्यों अलग हो रहा UAE?

फिलहाल, UAE करीब 3.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन Oil का प्रोडक्शन करता रहा है, जबकि उसका सामर्थ्य लगभग 5 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंचने का माना जाता है। ऐसे में OPEC के नियम UAE के तेल उत्पादन को बढ़ाने में बाधा बन रहे थे। यही कारण है कि UAE ने न केवल OPEC बल्कि OPEC+ जिसमें रूस भी शामिल है, से भी अलग हो जाने का निर्णय किया है। यूएई सरकार के मुताबिक, यह स्टेप उसकी दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति का हिस्सा है। उसने यह कदम एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में उठाया है।

OPEC में कौन देश कितने तेल का करता है प्रोडक्शन 

देश का नाम तेल उत्पादन का कोटा (प्रतिदिन बैरल)
Saudi Arabia 11.19M
Iran 4.71M
UAE 4.6M
Iraq 4.47M
Kuwait 2.78M
Nigeria 1.68M
Algeria 1.4M
Libya 1.38M
Venezuela 1.01M
Rep. of Congo 249.03K
Gabon 239.01K
Equatorial Guinea 84.39K

सोर्स: यूएस एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन, OPEC

तेल बाजार पर तुरंत असर के आसार नहीं

हालांकि, UAE के इस निर्णय का तुरंत ग्लोबल मार्केट पर बड़ा प्रभाव देखने को शायद ही मिले। इसका एक बड़ा कारण ईरान से जुड़े युद्ध की वजह से सप्लाई पर पहले से ही पड़ रहे प्रेशर है, खासकर होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से ग्लोबल ऑयल सप्लाई प्रभावित है। इस वजह से तेल के दाम पहले ही काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। साथ ही, अमेरिका जैसे देश भी बड़े लेवल पर ऑयल प्रोडक्शन कर रहे हैं, जिसके कारण OPEC की पकड़ अब पहले जैसी मजबूत नहीं मानी जा रही है।

सऊदी अरब से खटपट भी है बड़ी वजह

यूएई के इस निर्णय के पीछे क्षेत्रीय राजनीति भी मानी जा रही है। खासतौर पर सऊदी अरब के साथ UAE के संबंध पिछले कुछ साल में अलग-अलग कई मुद्दों पर तनाव भरे रहे हैं। दोनों ही देश रणनीतिक और आर्थिक मामलों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, जिससे OPEC की एकजुटता में कमी आई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि UAE अब सीधे बड़े ऊर्जा उपभोक्ताओं के साथ समझौते करना चाहता है।

OPEC की पकड़ हो सकती है कमजोर

कुल मिलाकर, यूएई का OPEC संगठन से बाहर निकल जाना यह इशारा करता है कि ग्लोबल ऑयल सप्लाई अब ज्यादा प्रतिस्पर्धी और कम नियंत्रित होती जा रही है। इसकी वजह से आगे चलकर तेल के दाम में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। बाजार पर OPEC की पकड़ और भी कमजोर पड़ने की संभावना है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Explainers से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।