संडे को यूपी कोई लीडर छुट्टी पर नहीं था। सब के सब ओवरटाइम कर रहे थे। सीएम योगी लखनऊ में जुटे थे। अखिलेश यादव PDA में D पर जोर लगा रहे थे, तो ओवैसी कानपुर में मुस्लिम वोट गिन रहे थे। सब अपनी-अपनी ताकत दिखा रहे थे। अपने अपने वोटर को सेट कर रहे थे क्योंकि यूपी में एक एक वोट की लड़ाई है। कोई नेता नहीं कह सकता कि इस बार मेरे इस वोट सेंध नहीं लग पाएगी। हर वोट के कई दावेदार हैं। कोई नहीं बता सकता कि जाति जुड़ेगी या टूट जाएगी। कोई गारंटी नहीं कि मुसलमान बीजेपी को हराने के लिए ही वोट देगा। चुनाव में लॉ एंड ऑर्डर पर विपक्ष वोट मांगता है। लेकिन यूपी में उलटा हो रहा है। योगी इस मुद्दे पर वोट मांग रहे हैं और अखिलेश इस मुद्दे से भाग रहे हैं। इस बीच 27 में 27 हजार वोट जोड़ने का एक नया फॉर्मूला आ गया है। इसी पर ये रिपोर्ट पढ़िए।
सीएम योगी ने दिलाई 2017 के पहले की याद
पश्चिम से लेकर पूरब तक यूपी की सारी सियासी जमात मैदान में उतर गई है। सब 2027 का हिसाब किताब निकालने में जुट गए हैं। इस बीच, लखनऊ में सीएम योगी ने कहा कि पर्वों और त्योहारों की श्रृंखला हो, VVIP विजिट के कार्यक्रम हों या स्थानीय स्तर पर होने वाले आयोजन हों, सभी सकुशल संपन्न होते हैं। अब ये वो यूपी नहीं हैं, 2017 के पहले मध्य और पश्चिप यूपी के अंदर बहुत सारे जनपद ऐसे थे जहां पर जिस व्यक्ति के पास क्षमता थी वो अपनी बेटी को घर के बाहर यूपी से दूर अपने रिश्तेदार के पास या किसी हॉस्टल में रखकर के पढ़ाने को मजबूर था और जिसके पास क्षमता नहीं थी वो बेटी को घर में बैठाने के लिए मजबूर था।
आज कोई क्या राह चल रही किसी बेटी को छेड़ने का दुस्साहस नहीं कर सकता, करेगा तो उसे पता है अंजाम क्या होने वाला है: योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने 912 कैंडिडेट्स को सौंपे ज्वाइनिंग लेटर
गौरतलब है कि लखनऊ में योगी ने ये बात तब कहीं जब वो यूपी पुलिस में 912 कैंडिडेट्स को ज्वाइनिंग लेटर सौंप रहे थे। उन्होंने फिर से 2017 के पहले दौर याद दिलाया और बता दिया कि लॉ एंड ऑर्डर ही संकल्प और 27 में बीजेपी ही विकल्प।
BJP ने की 98 जिला प्रभारियों की घोषणा
उधर, यूपी बीजेपी ने एक-एक सीट की मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। खासकर उन जगह पर जो बीजेपी के लिए चैलेंज बन सकते हैं। यूपी बीजेपी ने 98 जिला प्रभारियों की घोषणा की। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इसे संगठन के लिहाज से अहम फैसला माना जा रहा है। नई लिस्ट में संगठन के पुराने और अनुभवी चेहरों की वापसी हुई है और जाति समीकरण को भी साधा गया है। 98 जिला प्रभारियों में 29 ब्राह्मण हैं। यानी करीब एक-तिहाई पद ब्राह्मण नेताओं को मिले हैं। इसके बाद, ओबीसी से 25 जिला प्रभारी बनाए गए हैं। ठाकुर समाज से 18 जिला प्रभारी हैं। बनिया समाज को 13 जिलों की जिम्मेदारी मिली है। वहीं, दलित समाज से 5 जिला प्रभारी हैं। 98 जिला प्रभारियों में 4 महिलाएं भी हैं।
राहुल गांधी के गढ़ में राजनाथ सिंह के बेटे की एंट्री
इनमें सबसे ज्यादा चर्चा रायबरेली की हो रही है, जिसका जिम्मा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह को दिया गया है। हाल ही में वे बीजेपी के उपाध्यक्ष भी बने हैं। राहुल गांधी की लोकसभा सीट रायबरेली पर बीजेपी का जिला प्रभारी बनाया जाने का मतलब है, बीजेपी राहुल गांधी और अखिलेश को यादव किसी भी छूट देने के मूड में नहीं है।
अखिलेश यादव ने दिए दो नए फॉर्मूले
हालांकि, अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी का हर रोज नया नया फॉर्मूला लेकर आ रहे हैं। आज प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में अखिलेश यादव ने 2027 चुनाव को लेकर दो फॉर्मूले लेकर आए। पहला फॉर्मूला हर विधानसभा में सपा का 27 हजार वोट बढ़ाएंगे और बीजेपी का 27 हजार वोट कम करेंगे। दूसरा फॉर्मूले में आज अखिलेश ने PDA के D पर जोर लगाया। आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में सबसे ज्यादा अंबेडकर की मूर्तियां तोड़ी गईं। दावा किया कि 72 जिलों में 151 से अधिक डॉ. अम्बेडकर की मूर्तियां तोड़ी गई हैं।
क्या अखिलेश की परेशानी बढ़ाएंगे ओवैसी?
उधर, असदुद्दीन ओवैसी का फोकस मुस्लिम वोटर्स को साधने पर है। इससे पहले, सितंबर और दिसंबर 2021 में ओवैसी ने जाजमऊ और जीआईसी मैदान में जनसभाओं को संबोधित किया था। यानी 5 साल बाद अब औवेसी ने कानपुर में जनसभा की। असदुद्दीन ओवैसी की आने वाले दिनों में श्रावस्ती और आजमगढ़ में भी जनसभाएं होनी हैं। ये वो सीटे हैं जहां समाजवादियों का गढ़ रहा है। अगर ओवैसी इस बार मुस्लिम वोट पाने में कामयाब हो जाते हैं तो वो जीते या ना जीते, अखिलेश की साइकिल को कमजोर जरूर कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें- UP में BJP ने शुरू की चुनाव की तैयारी, युवा सम्मेलन करने आ रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन; पढ़ें पूरा शेड्यूल