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Explainer: Edge AI कैसे बदलेगा भविष्य की टेक्नोलॉजी, जानें कैसे करता है काम

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Jun 11, 2026 04:56 pm IST,  Updated : Jun 11, 2026 04:56 pm IST

भारत ने हाल ही में अपना पहला Edge AI चिप बना लिया है। इसके बाद से इस टेक्नोलॉजी को लेकर चर्चा हो रही है। क्या है Edge AI और कैसे काम करता है, आइए आसान भाषा में समझते हैं।

Edge AI- India TV Hindi
क्या है एज एआई? Image Source : UNSPLASH

AI बहुत तेजी से एडवांस होता जा रहा है। एआई एजेंट्स को चलाने के लिए हाई एफिशिएंसी चिप की जरूरत होती है। दुनिया की तमाम बड़ी चिप बनाने वाली कंपनियां इन दिनों ऐसे ही चिप डिजाइन कर रही हैं। भारत में भी सेमीकंडक्टर और एआई चिप बनने लगे हैं। भारतीय टेक कंपनी Zoho ग्रुप द्वारा बैक किए गए स्टार्टअप Netrasemi ने देश का पहला Edge AI सिस्टम ऑन चिप A2000 हाल ही में लॉन्च किया है। यह चिप IoT डिवाइस को एडवांस करने का काम करेगा। भविष्य में Edge AI का बोलबाला रहने वाला है। आइए, जानते हैं क्या है ये और कैसे काम करता है?

क्या है Edge AI?

अभी तक आपने AI के बारे में सुना होगा, जिसमें इंसानों द्वारा दिए गए कमांड के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काम करते हैं। इसमें ह्यूमन-टू-मशीन इंटरेक्शन होता है। Edge AI इसका एडवांस वर्जन है, जिसमें एआई और मशीन लर्निंग मॉडल्स एक-दूसरे के साथ आपस में इंटरैक्ट कर पाएंगे। आसान भाषा में कहा जाए कि मशीन को एक-दूसरे के साथ एआई के जरिए कम्युनिकेट करने के लिए Edge AI चिप की जरूरत होती है। भविष्य में यही टेक्नोलॉजी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की जाने वाली है।

Edge AI
Image Source : UNSPLASHक्या है एज एआई?

कैसे काम करती है टेक्नोलॉजी?

Edge AI टेक्नोलॉजी पूरी तरह से Edge कम्प्यूटिंग पर निर्भर करती है। इसमें एआई मॉडल को ऑन-डिवाइस रन किया जा सकता है। इसमें डेटा प्रोसेसिंग के लिए किसी क्लाउड सर्वर पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। यह टेक्नोलॉजी स्मार्टफोन, सेंसर और कैमरा आदि द्वारा कलेक्ट किए गए डेटा को उसी में प्रोसेस कर देती है। इसमें बिना इंटरनेट की जरूरत के ही एआई काम करता है। यही कारण है कि एज एआई को भविष्य की टेक्नोलॉजी के तौर पर देखा जा रहा है, जहां सिस्टम में ही डेटा प्रोसेसिंग हो सके। इसके लिए एज एआई वाले चिप की जरूरत होगी।

क्या हैं फायदे?

Edge AI टेक्नोलॉजी की वजह से डिवाइस को डेटा प्रोसेस करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा क्योंकि यह ऑन-डिवाइस किया जा सकेगा। इसके अलावा इंटरनेट के इस्तेमाल को कम किया जा सकेगा। लोकली सभी काम करने की वजह से डेटा प्राइवेसी भी बरकरार रहेगी। यह टेक्नोलॉजी स्मार्टफोन, कैमरा और इंडस्ट्रिय सेंसर में इस्तेमाल की जाती है।

Edge AI
Image Source : UNSPLASHक्या है एज एआई?

ट्रेडिशन AI से कैसे है अलग?

मौजूदा एआई मॉडल क्लाउड बेस्ड है, जिसमें डेटा को रिमोट सर्वर पर भेजा जाता है, जिसके लिए GPU की जरूरत होती है। इसकी वजह से प्राइवेसी को लेकर खतरा रहता है। साथ ही, इंटरनेट पर भी निर्भरता बनी रहती है। वहीं, Edge AI में डेटा को लेकली प्रोसेस किया जाता है। इसकी वजह से तेज रियल-टाइम रिस्पॉन्स मिलता है। यही नहीं, डेटा डिवाइस से बाहर नहीं जाता है, जिसकी वजह से यह सुरक्षित भी रहता है।

इस समय मार्केट में मिलने वाले स्मार्ट स्पीकर्स और वर्चुअल असिस्टेंट, वियरेबल डिवाइसेज और फिटनेस ट्रैकर आदि Edge AI पर काम करते हैं। ट्रेडिशन AI टूल इस्तेमाल करने पर बहुत ज्यादा मात्रा में बिजली की जरूरत होती है। वहीं, Edge AI लो पावर कंज्यूम करता है। यह बैटरी ऑपरेटेड डिवाइस पर भी काम करता है।

भविष्य के फायदे

Edge AI मॉडर्न कम्प्यूटिंग के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण ट्रेंड है। इसकी मदद से हेल्थ मॉनिटर्स से लेकर स्मार्ट कैमरा, सेल्फ ड्राइविंग कार और प्लांट में लगी मशीनें अपने आप डिसीजन ले सकते हैं। इसकी निर्भरता किसी क्लाउड सर्वर पर नहीं रहती है, जिसकी वजह यह तेज से डिसीजन लेने में सक्षम है। आने वाले समय में 6G इंटिग्रेशन के बाद से Edge AI का हमें और भी ज्यादा एडवांस रूप देखने को मिल सकता है।

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