AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने के बाद बड़े-बड़े डेटा सेंटर लगाने की बात की जा रही है। भारत की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी Jio भी बड़ा एआई डेटा सेंटर लगाने जा रहा है। डेटा सेंटर का इस्तेमाल एआई से पूछे गए सवालों के साथ-साथ यूजर का डेटा स्टोर करने के लिए किया जाता है। डेटा सेंटर को हमेशा से इंटरनेट की रीढ़ कहा जाता है। बिना डेटा सेंटर के वेबसाइट का डेटा स्टोर नहीं किया जा सकता है और इंटरनेट पर जानकारी नहीं मिल सकती है। इसके लिए क्लाउड डेटा सेंटर बनाया जाता है।
इंटरनेट पर कुछ भी सर्च करना होगा तो हम हमेशा सर्च इंजन जैसे कि Google, Binge, Yandex आदि का रूख करते हैं। इन सर्च इंजन पर कोई भी जानकारी उनके क्लाउड में स्टोर हुए डेटा से मिलती है। ये बड़ी टेक कंपनियां इसके लिए बड़े-बड़े क्लाउड डेटा सेंटर लगाते हैं, जिनमें करोड़ों TB डेटा स्टोर होता है।

क्या है Cloud Data Center?
क्लाउड डेटा सेंटर का मकसद यूजर्स और कंपनियों का डेटा सुरक्षित तरीके से स्टोर करना होता है। सर्च इंजन, टेक कंपनियां, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आदि ऐसे ही क्लाउड डेटा सेंटर सेटअप करते हैं, जिनमें उनके यूजर्स का डेटा सुरक्षित तरीके से स्टोर किया जाता है। इसे क्लाउड स्टोरेज भी कहा जाता है। क्लाउड स्टोरज का मतलब है कि इस डेटा को इंटरनेट के माध्यम से कहीं भी एक्सेस किया जा सकता है। यह किसी हार्ड डिस्क या पैन ड्राइव और मेमोरी कार्ड जैसा नहीं होता है, कि स्पेसिफिक डिवाइस में ही इसे एक्सेस किया जा सके।
जैसा कि नाम से साफ है कि यह एक बड़े डेटा के बादल की तरह होता है, जिसे कहीं से भी एक्सेस किया जा सके। इन क्लाउड स्टोरेज डेटा सेंटर में अलग-अलग लेयर की सिक्योरिटी होती है, जो वहां स्टोर किए गए डेटा को हैक होने से बचाता है। इन डेटा सेंटर में फास्ट स्टोरेज, डेटा बैकअप, सेफ्टी और 24x7 उपलब्धता होती है। यह डेटा सेंटर केवल डेटा को स्टोर करने के लिए ही इस्तेमाल किया जाता है।

AI डेटा सेंटर से कैसे है अलग?
AI डेटा सेंटर में भी यूजर्स का डेटा स्टोर किया जाता है। हालांकि, यह डेटा सेंटर केवल एआई से जुड़े कामों के लिए यूज किया जाता है। इसमें हाई परफॉर्मेंस GPU यानी ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स लगा होता है, जो एआई पर की गई क्वेरीज को प्रोसस करने का काम करता है। इसके अलावा इसमें एआई एक्सेलेटर लगाए जाते हैं, जो कुछ सेकेंड्स में ही अरबों चीजें कर सकते हैं।
इन डेटा सेंटर का इस्तेमाल एआई मॉडल को ट्रेन करने से लेकर मशीन लर्निंग, इमेज और वीडियो प्रोसेसिंग, रोबोटिक्स और जेनरेटिव एआई के लिए किया जाता है। यह डेटा सेंटर क्लाउड डेटा स्टोरेज सेंटर के मुकाबले ज्यादा बिजली की खपत करता है। इसे खास तौर पर ऐसी जगह सेट किया जाता है, जहां पानी की व्यवस्था होती है। यह बहुत ज्यादा हीट जेनरेट करता है, जिसे ठंडा करने के लिए पानी की जरूरत होती है। साथ ही, इसमें हाई स्पीड नेटवर्क की भी जरूरत होती है, ताकि एआई से पूछे गए सवालों का तेजी से जवाब मिल सके।

इन डेटा सेंटर्स का क्या है काम?
क्लाउड स्टोरेज डेटा सेंटर को खास तौर पर यूजर्स के डेटा को स्टोर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह डेटा सेंटर यूजर्स की जानकारियों को सुरक्षित तरीके से स्टोर करता है। इसमें प्रोसेसिंग का काम नहीं होता है। यहां केवल डेटा सिक्योरिटी पर ही फोकस किया जाता है। इसमं एडवांस सॉफ्टवेयर की जरूरत होती है, ताकि डेटा को सुरक्षित रखा जा सके।
एआई डेटा सेंटर का इस्तेमाल एआई मॉडल्स को ट्रेन करने के साथ-साथ डेटा प्रोसेसिंग के लिए किया जाता है। इस डेटा सेंटर में एडवांस GPU लगाए जाते हैं ताकि प्रोसेसिंग पावर बेहतर हो सके। यह डेटा सेंटर बिजली खपत के मामले में भी क्लाउड स्टोरेज डेटा सेंटर से काफी आगे है। इसमें एडवांस हार्डवेयर की जरूरत होती है।
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