जिंदगी के हर रंग से भरपूर दिलीप कुमार की फिल्मों के डायलॉग, आपकी जिंदगी में नए रंग भर देते हैं। पेशावर से बॉलीवुड और फिर 'पहले खान' बनने तक की शख्शियत में दिलीप कुमार की फिल्में और उनके डायलॉग्स ही थे जिन्होंने लोगों के दिलों में उनकी अलग छाप छोड़ी। आज दिलीप कुमार के 99वीं जयंती पर उनकी फिल्मों की चंद डायलॉग्स से आपको रू-ब-रू कराते हैं।
फिल्म: नया दौर
जब अमीर का दिल खराब होता हैं ना, तो गरीब का दिमाग खराब होता हैं।
फिल्म: बैराग
प्यार देवताओं का वरदान हैं जो केवल भाग्यशाली लोगों को मिलता हैं।
फिल्म: देवदास
कौन कंबख्त है जो बर्दाश्त करने के लिए पीता है... मैं तो पीता हूं बस सांस ले सकूं।
फिल्म: मुग़ल-ए-आज़म
मोहब्बत जो डरती है वो मोहब्बत नहीं... अय्याशी है, गुनाह है।
फिल्म: शक्ति
जो लोग सच्चाई की तरफदारी की कसम कहतें हैं। जि़न्दगी उनके बड़े कठिन इम्तिहान लेती है।
फिल्म: मशाल
हालात, किस्मतें, इंसान, जि़न्दगी। वक्त के साथ साथ सब बदल जाता हैं।
फिल्म: विधाता
बड़ा आदमी अगर बनना हो तो छोटी हरकतें मत करना।