बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार ने 3 जुलाई 1996 को दुनिया को अलविदा कह दिया था। आज उनकी डेथ एनिवर्सिरी है। उन्हें बेहतरीन अभिनय के साथ-साथ शानदार डायलॉग डिलीवरी के लिए भी जाना जाता है। उनके डायलॉग्स आज भी फेमस हैं। क्या आपको पता है कि फिल्मों से आने से पहले वो पुलिस इंस्पेक्टर थे। आइये जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी खास बातें...
1952 की हिंदी फिल्म 'रंगीली' के साथ अभिनय की ओर रुख करने से पहले राजकुमार 1940 के दशक के अंत तक मुंबई पुलिस में सब-इंस्पेक्टर थे। वो ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म 'मदर इंडिया' (1957) में दिखाई दिए और चार दशकों से अधिक के करियर में 70 से अधिक हिंदी फिल्मों में अभिनय किया।
राजकुमार 1940 के दशक में मुंबई आ गए थे। उन्होंने जेनिफर से शादी की, जो एक एंग्लो-इंडियन थी, जिनसे उनकी मुलाकात एक फ्लाइट में हुई थी, जहां वह एक एयर होस्टेस थीं। बाद में उन्होंने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अपना नाम बदलकर गायत्री कर लिया था। उनके तीन बच्चे हैं, जो बॉलीवुड में सक्रिय हैं।
राजकुमार
राजकुमार ने 'रंगीली' के बाद घमंड, लाखों में एक जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन उन्हें मदर इंडिया (1957) से लोकप्रियता हासिल हुई। उन्होंने शम्मी कपूर के साथ 'उजाला' और दिलीप कुमार के साथ 'पैगाम' फिल्म में काम किया।
राजकुमार ने 'दिल एक मंदिर' (1963) में शानदार अभिनय किया, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। वो 1965 में सुनील दत्त, शशि कपूर और बलराज साहनी के साथ 'वक्त' में भी नज़र आए। उनका डायलॉग बोलने का अंदाज फैंस को बहुत पसंद है।