इंडिया कुटूर वीक 2026 के आखिरी दिन राहुल मिश्रा और आयशा राव के कलेक्शन का दिखा जलवा, डिजाइनों का दिखा जादू
इंडिया कुटूर वीक 2026 के आखिरी दिन राहुल मिश्रा और आयशा राव के कलेक्शन का दिखा जलवा, डिजाइनों का दिखा जादू
FDCI हुंडई इंडिया कुटूर वीक 2026 एडिशन में नेक्सस न्यूयॉर्क के साथ मिलकर फैशन डिजाइनर राहुल मिश्रा और आयशा राव ने अपने कलेक्शन पेश किए। आखिरी दिन भी रैंप पर बेहतरीन डिजाइन देखने को मिले।
Published : Jul 30, 2026 11:13 am IST, Updated : Jul 30, 2026 11:13 am IST
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हुंडई इंडिया कुटूर वीक 2026 के रनवे पर राहुल मिश्रा की शानदार कारीगरी देखने को मिली, जिसे शोभिता धूलिपाला ने अपने खूबसूरत अंदाज में पेश किया। भारत में ब्रांड के लिए एक यादगार पल था। राहुल का कहना है कि 'हमारी इस साझेदारी का मकसद साफ था। बालों की स्टाइलिंग को सिर्फ एक आखिरी टच न मानकर रनवे की कहानी का एक अहम हिस्सा बनाना। हमने साथ मिलकर दिखाया कि कैसे बेहतरीन हेयर आर्टिस्ट्री, शानदार कारीगरी के साथ मिलकर हर कॉउचर विजन को हकीकत में बदल सकती है। यह साझेदारी हमारे इस विश्वास को दिखाती है कि प्रीमियम हेयरकेयर को फ़ैशन की दुनिया में सबसे ऊंचा दर्जा मिलना चाहिए।'
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हुंडई इंडिया कुटूर वीक 2026 के समापन समारोह में नेक्सस न्यूयॉर्क के सहयोग से राहुल मिश्रा ने इस शाम को अपने कलेक्शन से और खास बना दिया, जिसमें तीन रचनात्मक कहानियां एक साथ मिलती हैं। पेरिस ऑट कॉउचर वीक में अपनी शानदार शुरुआत के बाद 'देवी' भारत लौट रही है। इस नए प्रेजेंटेशन में दर्शकों को इस कलेक्शन को बनाने में लगी कारीगरी को करीब से देखने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही इस फैशन हाउस ने अपना नया फेस्टिव कॉउचर कलेक्शन भी पेश किया है।
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साथ ही नेक्सस न्यूयॉर्क के साथ मिलकर बनाया गया मैगनोलिया-प्रेरित कॉउचर हेयर एक्सेसरी इस शाम की कहानी को आपस में जोड़ने वाली एक खास कड़ी का काम किया है। यह प्रेजेंटेशन ग्लोबल कॉउचर स्टेज पर इस फैशन हाउस के लिए एक अहम उपलब्धि के बाद हो रहा है। लॉन्चमेट्रिक्स के अनुसार, राहुल मिश्रा फॉल/विंटर 2026–27 सीजन के पांच सबसे प्रभावशाली ऑट कॉउचर हाउस में शामिल रहे।
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'हाउस' की दुनिया की एक खास यात्रा के तौर पर तैयार किया गया यह प्रेजेंटेशन रनवे के पारंपरिक तरीकों से हटकर मेहमानों को करीब से 'कौचर' देखने का मौका देता है। पेरिस में दिखाए गए कपड़ों के साथ-साथ इस शाम 'देवी' के बनने के दौरान तैयार किए गए ऐसे लुक भी दिखाए, जो पहले कभी नहीं देखे होंगे। इसके बाद राहुल मिश्रा का नया 'फेस्टिव कौचर कलेक्शन' पेश किया। ये दोनों कलेक्शन मिलकर कारीगरी की लगातार जारी खोज को दिखाते हैं, जहां कौचर की भाषा स्कल्पचर (मूर्ति-कला) से बदलकर एक जश्न का रूप ले लेती है।
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मूर्ति-कला के विचार से प्रेरित होकर DEVI बनाने की एक ऐसी प्रक्रिया को अपनाता है, जिसमें हर सतह को धागे-दर-धागे से बुना जाता है। इससे कढ़ाई ऐसी लगने लगती है जैसे पत्थर पर नक्काशी की गई हो या कपड़े को खास तरह से इकट्ठा करके मूर्ति जैसी सिलवटें बनाई गई हों। 'एकतारका' की सिंगल-थ्रेड तकनीक का इस्तेमाल करके, रंगों के हल्के बदलाव कढ़ाई को एक बिल्कुल नए तरह के कपड़े में बदल देते हैं। यह कपड़ा देखने में भव्य और शानदार लगता है, लेकिन साथ ही बहुत मुलायम और लचीला भी होता है। यह खोज राहुल मिश्रा के नए 'फेस्टिव कॉउचर कलेक्शन' में भी जारी रहती है। इसमें उनके खास फूलों वाले डिजाइन, बारीक जर्दोजी कढ़ाई, हाथ से पेंट किए गए कपड़े और मूर्ति जैसी बनावट वाली सतहें, भारतीय हस्तकला की पुरानी परंपराओं के जरिए आज के त्योहारों और शादी-ब्याह के पहनावे को एक नया रूप देती हैं।
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आयशा राव ने FDCI की पहल नेक्सस न्यूयॉर्क के साथ मिलकर हुंडई इंडिया कुटूर वीक 2026 में अपना नया कॉउचर कलेक्शन 'प्रियासी' पेश करके की। इस शो में बेहतरीन कारीगरी, पेड़-पौधों के प्रतीकों और मॉडर्न कॉउचर के जरिए प्यार की सदाबहार कहानियों को एक शानदार थिएट्रिकल अनुभव के रूप में दिखाया गया। इतिहास, साहित्य, पौराणिक कथाओं और सिनेमा में हर पीढ़ी ने प्यार की अपनी भाषा खोजी है। यह भाषा शाहजहां की श्रद्धा, सलीम और अनारकली की तड़प, 'प्राइड एंड प्रेजुडिस' के संयमित रोमांस, 'अन्ना कारेनिना' के गहरे जुनून और यहां तक कि एडम और ईव की शुरुआती कहानियों में भी मिलती है।
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समय, जगह और संस्कृति इन सभी को 'प्रेमी' की उसी सदाबहार चाहत ने एक सूत्र में पिरोया है। यही विविधता आयशा राव के नए कॉउचर कलेक्शन 'प्रियासी' की शुरुआत बनी। मिलकर कहानी कहने और मिलकर रचना करने के विचार से बने इस कलेक्शन को तीन भावनात्मक स्थितियों के जरिए पेश किया गया: तड़प, मिलन और यादें। जानी-पहचानी कहानियों को फिर से सुनाने के बजाय 'प्रियासी' ने उन भावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया, जिन्होंने इन कहानियों को पीढ़ियों तक जीवित रखा है और हर पहनने वाले को इनमें अपनी खुद की व्याख्या खोजने के लिए प्रेरित किया।
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यह कलेक्शन आयशा राव की खास शैली बारीक कढ़ाई, कई रंगों वाले एप्लिक और लेयर्ड कारीगरी से तैयार हुआ है। इसे आज के दौर के सिल्हूट में ढाला गया है, जो पुराने समय की प्रेरणा और आधुनिक सोच के बीच आसानी से तालमेल बिठाते हैं। इस सीजन में ब्रांड ने बायो-रेशम और बायो-बादला जैसे बायो-बेस्ड मटीरियल का सोच-समझकर इस्तेमाल करके 'मकसद वाले लक्जरी' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और बढ़ाया है। इससे इनोवेशन ब्रांड की डिजाइन भाषा का ही एक हिस्सा बन गया है। पेड़-पौधों के डिजाइन (बॉटैनिकल मोटिफ़्स), खास बनावट वाली सतहें और स्कल्पचर जैसे आकार ये सब मिलकर वह विजुअल भाषा बने, जिसके जरिए ये भावनाएं जाहिर हुईं।