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इन गलतियों की वजह से किडनी होने लगती है डैमेज, आज से ही इन आदतों में करें सुधार

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : May 07, 2025 09:42 pm IST,  Updated : May 07, 2025 09:54 pm IST
किडनी हमारे शरीर के सबसे ज़रूरी अंगों में से एक है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को पेशाब के जरिए बाहर निकलने का काम करती है। अगर, किडनी काम करना बंद कर दे, तो इस वजह से सेहत से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं। बता दें, किडनी खराब होने का सबसे बड़ा कारण गलत खानपान और खराब जीवनशैली को माना जाता है। लेकिन हम अपनी डेली लाइफ में जाने अनजाने कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिस वजह से किडनी डैमेज होने लगती है।चलिए जानते हैं वो गलतियां कौन सी हैं?
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किडनी हमारे शरीर के सबसे ज़रूरी अंगों में से एक है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को पेशाब के जरिए बाहर निकलने का काम करती है। अगर, किडनी काम करना बंद कर दे, तो इस वजह से सेहत से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं। बता दें, किडनी खराब होने का सबसे बड़ा कारण गलत खानपान और खराब जीवनशैली को माना जाता है। लेकिन हम अपनी डेली लाइफ में जाने अनजाने कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिस वजह से किडनी डैमेज होने लगती है।चलिए जानते हैं वो गलतियां कौन सी हैं?
हो सकता है कि आप भोजन में नमक ज़्यादा न मिलाते हों, लेकिन अगर आप चिप्स, पैकेज्ड सूप, इंस्टेंट नूडल्स या टेकआउट बहुत ज़्यादा खाते हैं, तो आप अपनी किडनी की क्षमता से ज़्यादा सोडियम ले रहे हैं। ज़्यादा नमक का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ाता है। टखनों, हाथों या चेहरे में सूजन, लगातार सिरदर्द और हाई ब्लड प्रेशर रीडिंग शुरुआती संकेत हैं जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए। सोडियम की मात्रा को प्रतिदिन 2,300 मिलीग्राम (लगभग एक चम्मच) से कम रखें।
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हो सकता है कि आप भोजन में नमक ज़्यादा न मिलाते हों, लेकिन अगर आप चिप्स, पैकेज्ड सूप, इंस्टेंट नूडल्स या टेकआउट बहुत ज़्यादा खाते हैं, तो आप अपनी किडनी की क्षमता से ज़्यादा सोडियम ले रहे हैं। ज़्यादा नमक का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ाता है। टखनों, हाथों या चेहरे में सूजन, लगातार सिरदर्द और हाई ब्लड प्रेशर रीडिंग शुरुआती संकेत हैं जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए। सोडियम की मात्रा को प्रतिदिन 2,300 मिलीग्राम (लगभग एक चम्मच) से कम रखें।
अगर आप सिरदर्द, पीठ में ऐंठन या पीरियड में दर्द निवारक दवा लें रहे हैं तो सावधान हो जाना चाहिए। पेनकिलर किडनी में रक्त के प्रवाह को कम करते हैं, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। दर्द निवारक दवाओं का संयम से उपयोग करें और पर्याप्त पानी पिएं। यदि आपको अक्सर उनकी आवश्यकता होती है, तो डॉक्टर से बात करें।
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अगर आप सिरदर्द, पीठ में ऐंठन या पीरियड में दर्द निवारक दवा लें रहे हैं तो सावधान हो जाना चाहिए। पेनकिलर किडनी में रक्त के प्रवाह को कम करते हैं, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। दर्द निवारक दवाओं का संयम से उपयोग करें और पर्याप्त पानी पिएं। यदि आपको अक्सर उनकी आवश्यकता होती है, तो डॉक्टर से बात करें।
कम शारीरिक गतिविधि के साथ लंबे समय तक बैठे रहने से रक्त संचार धीमा हो जाता है।जिससे वजन बढ़ने के साथ डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम बढ़ जाता है जो किडनी रोग के प्रमुख कारण हैं। इसलिए ज़्यादा से ज़्यादा व्यायाम करें। रोज़ाना 30 मिनट की ब्रिस्क वॉक, काम के दौरान 10 मिनट की स्ट्रेचिंग ज़रूर करें।
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कम शारीरिक गतिविधि के साथ लंबे समय तक बैठे रहने से रक्त संचार धीमा हो जाता है।जिससे वजन बढ़ने के साथ डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम बढ़ जाता है जो किडनी रोग के प्रमुख कारण हैं। इसलिए ज़्यादा से ज़्यादा व्यायाम करें। रोज़ाना 30 मिनट की ब्रिस्क वॉक, काम के दौरान 10 मिनट की स्ट्रेचिंग ज़रूर करें।
रोज़ाना कोला पीने की आदत, मीठी आइस्ड टी या एनर्जी ड्रिंक सिर्फ़ कमर की चर्बी ही नहीं बढ़ाते - ये आपकी किडनी पर भी बोझ डालते हैं। ज़्यादा चीनी खाने से मोटापा और इंसुलिन प्रतिरोध हो सकता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज़ और किडनी खराब होने का जोखिम बढ़ जाता है। बार-बार पेशाब आना, खास तौर पर रात में, बिना वजह वजन कम होना और सूखी, खुजली वाली त्वचा ये सब किडनी खराब होने के लक्षण हैं। इसलिए मीठे पेय पदार्थों का सेवन कम करें। अपनी डाइट में , नारियल पानी, बिना चीनी वाली हर्बल चाय या पुदीना, नींबू या खीरे वाला पानी पिएं।
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रोज़ाना कोला पीने की आदत, मीठी आइस्ड टी या एनर्जी ड्रिंक सिर्फ़ कमर की चर्बी ही नहीं बढ़ाते - ये आपकी किडनी पर भी बोझ डालते हैं। ज़्यादा चीनी खाने से मोटापा और इंसुलिन प्रतिरोध हो सकता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज़ और किडनी खराब होने का जोखिम बढ़ जाता है। बार-बार पेशाब आना, खास तौर पर रात में, बिना वजह वजन कम होना और सूखी, खुजली वाली त्वचा ये सब किडनी खराब होने के लक्षण हैं। इसलिए मीठे पेय पदार्थों का सेवन कम करें। अपनी डाइट में , नारियल पानी, बिना चीनी वाली हर्बल चाय या पुदीना, नींबू या खीरे वाला पानी पिएं।
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