चांदीपुरा वायरस के लक्षण क्या हैं और ये कैसे फैलता है?
चांदीपुरा वायरस के लक्षण क्या हैं और ये कैसे फैलता है?
गुजरात में चांदीपुरा वायरस मासूमों की जान ले रहा है। अब तक 22 बच्चों की मौत हो चुकी है और कई अस्पताल में भर्ती हैं। ज्यादातर बच्चों की उम्र 15 साल से कम है। आइये जानते हैं चांदीपुरा वायरस के लक्षण क्या हैं और ये कैसे फैलता है।
Published : Aug 06, 2026 12:20 pm IST, Updated : Aug 06, 2026 12:20 pm IST
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गुजरात में चांदीपुरा वायरस से हाहाकार मचा है। राज्य में अब तक वायरस से 22 बच्चों की मौत हो गई है, 184 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं। 35 मामले चांदीपुरा पॉजिटिव आए हैं जबकि काफी बच्चों के टेस्ट रिजल्ट आना अभी बाकी हैं, राज्य का स्वास्थ विभाग अलर्ट हो गया है। ऐसे में आपको ये जानना जरूरी है कि चांदीपुरा वायरस के लक्षण क्या हैं और ये कैसे फैलता है।
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चांदीपुरा वायरस के लक्षण फ्लू से काफी मिलते जुलते हैं जिसकी वजह से लोग इसे सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज कर जाते हैं। इसी लापरवाही से बच्चों की जान खतरे में आ जाती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रभात भूषण (मैक्स हॉस्पिटल दिल्ली) ने बताया कि ये काफी खतरनाक वायरस है। अगर समय पर इलाज न मिले तो मौत भी हो सकती है। ये वायरस सीधे दिमाग पर असर डालता है।
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चांदीपुरा वायरस के सबसे सामन्य लक्षण जो होते हैं उसमें तेज बुखार आना और बुखार ऊपर की ओर तेजी से बढ़ना शामिल है। बच्चों को उल्टी, दस्त और सिर में दर्द होता है। कई बार बच्चों में सिरदर्द के साथ होश खो बैठने जैसे लक्षण यानि बेहोशी भी छाने लगती है। ये बुखार बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
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चांदीपुरा वायरस ज्यादातर बच्चों को संक्रमित करता है जिसमें 9 महीने से लेकर 14 साल के बच्चे शामिल हो सकते हैं। ये वायरस जब बच्चों पर अटैक करता है तो संक्रमित बच्चे में बुखार, डायरिया, उल्टी, दिमागी बुखार जिसे इंसेफेलाइटिस कहते हैं और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इस वायरस के खिलाफ कोई वैक्सीन न होने के कारण इसे और भी ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है।
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चांदीपुरा वायरस सैंड फ्लाई यानि बालू मक्खी, टिक जिसे चिचड़ी कहते हैं उस कीड़े से और मच्छरों से फैलता है। इसके गुजरात में कई केस पाए गए हैं। इस फ्लाई के संक्रमण से बच्चों के अंदर इंसेफेलाइटिस के लक्षण दिखाई दिए हैं। जो एक गंभीर बीमारी है। इसलिए मच्छर और मक्खियों से बचाव करना जरूरी है।