Published : Aug 31, 2026 01:13 pm IST, Updated : Aug 31, 2026 05:01 pm IST
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आजकल खाना बनाने के लिए नॉन-स्टिक और कोटिंग्स वाले बर्तन का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। इन बर्तनों की कोटिंग को लेकर अक्सर सवाल उठाया जाता है। एक्सपर्ट की मानें तो इस तरह के बर्तन सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक हेल्थ कोच डिंपल जांगड़ा, बता रही हैं कि खाना बनाने के लिए नॉन-स्टिक बर्तनों की जगह किन बर्तनों का इस्तेमाल किया जा सकता है और वे क्यों बेहतर विकल्प माने जाते हैं?
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कास्ट आयरन बर्तन: कास्ट आयरन कड़ाही या बर्तन में खाना पकाने से खाने में आयरन की मात्रा काफी बढ़ जाती है। अगर शरीर में आयरन की कमी है तो इसमें खाना पकाना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, आप इसमें खट्टी या एसिडिक खाद्य पदार्थ जैसे टमाटर, नीम्बू का इस्तेमाल करने से बचें ।
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मिट्टी के बर्तन:मिट्टी के बर्तन: मिट्टी के बर्तन में आप खाना बनाने के अलावा पीने के पानी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। उबले हुए पानी को मिट्टी के बर्तन में रखने से यह प्राकृतिक रूप से ठंडा हो जाता है और इसके खनिज प्रोफाइल में सुधार होता है। साथ ही मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने से उसकी पौष्टिकता और स्वाद दोनों बरकरार रहता है
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तांबे के बर्तन: तांबा के बर्तन में पानी पानी रखने से उसके एंटीमाइक्रोबियल गुणों के कारण पानी में मौजूद हानिकारक जीवाणु और विषाणु काफी हद तक कम हो जाते हैं। तांबे के बर्तन में पानी को 8-12 घंटे तक ही रखकर पिएं। साथ ही तांबे के बर्तन को रोजाना साफ करें।
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प्लास्टिक की जगह कांच और स्टील के बर्तन: खाना खाने या पानी पीने के लिए आप प्लास्टिक के बर्तन का इस्तेमाल बिलकुल भी न करें। उसकी जगह आप कांच और स्टील के बर्तन का इस्तेमाल करें।