इन वजहों से लोग भरने लगते हैं खर्राटें, जानें इससे बचने के देसी उपाय
इन वजहों से लोग भरने लगते हैं खर्राटें, जानें इससे बचने के देसी उपाय
लोग खर्राटें की समस्या से परेशान रहते हैं। खुले मुंह से सांस लेने और जीभ एवं टॉन्सिल के पीछे की सॉफ्ट पैलेट में कंपन होने से खर्राटें आने लगते हैं। हालांकि, खर्राटे से केवल आवाज ही पैदा नहीं होती बल्कि यह एक स्वास्थ्य समस्या है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में चलिए जानते हैं और किन वजहों से लोगों को खर्रा
Published : Feb 14, 2025 07:34 pm IST, Updated : Feb 14, 2025 07:40 pm IST
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अक्सर लोग खर्राटें की समस्या से परेशान रहते हैं। खुले मुंह से सांस लेने और जीभ एवं टॉन्सिल के पीछे की सॉफ्ट पैलेट में कंपन होने से खर्राटें आने लगते हैं। हालांकि, खर्राटे से केवल आवाज ही पैदा नहीं होती बल्कि यह एक स्वास्थ्य समस्या है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में चलिए जानते हैं और किन वजहों से लोगों को खर्राटें आते हैं और उसे कंट्रोल करने के लिए क्या करना चाहिए?
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वजन बढ़ने के कारण खर्राटे आते हैं। जब किसी का वजन बढ़ता है तो उसकी गर्दन पर ज्यादा मांस लटकने लगता है। लेटते समय इस मांस के कारण सांस की नली दब जाती है, और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है।
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जब गले और जीभ की मांसपेशियां बहुत कमजोर हो जाती हैं तो ये लटकने लगती हैं। इससे रास्ता रूक जाता है। आमतौर पर गहरी नींद, अधिक एल्कोहॉल का सेवन या नींद की गोलियां लेने के कारण ऐसा होता है। उम्र के बढ़ने से भी मांसपेशियों का लटक जाना एक आम बात है।
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खर्राटे आने की एक वजह साइनस है। साइनस के बढ़ने से नाक के छिद्र जाम हो जाते हैं। इतना ही नहीं, खर्राटे की ध्वनि बढ़ने पर भी नाक के रास्ते पर भी प्रभाव पड़ता है। ऐसे में अगर आप साइनस के मरीज हैं तो हमेशा सावधानियां बरतें। यदि आपको जुकाम है, या साइनस बढ़ने से परेशान हैं तो सोने के पहले भाप जरूर लें। इससे सारी गंदगी बाहर आ जाएगी और सांस लेने में आसानी होगी।
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पुदीने में कई ऐसे तत्व होते हैं जो गले और नाक के छेदों की सूजन को कम करने का काम करते हैं। इससे सांस लेना आसान हो जाता है। सोने से पहले पिपरमिंट ऑयल की कुछ बूंदों को पानी में डालकर गरारा कर लें। एक कप उबलता हुआ पानी लें। इसमें 10 पुदीने की पत्तियां डालकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। जब यह पानी गुनगुना पीने योग्य हो जाए, तो इसे छानकर या बिना छाने ही पिएं। इससे कुछ ही दिनों में खर्राटों की समस्या ठीक हो जाती है।
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हल्दी में एंटी-सेप्टिक और एंटी-बायोटिक गुण होते हैं। इसके इस्तेमाल से नाक साफ हो जाता है। इससे सांस लेना आसान हो जाता है। रोज रात को सोने से पहले दूध में हल्दी पकाकर (हल्दी वाला दूध) पीने से फायदा होगा।