Published : Sep 19, 2016 06:19 pm IST, Updated : Sep 19, 2016 06:46 pm IST
1/18Image Source : india tv
रविवार की सुबह जब देश के ज्यादातर लोग नींद की आगोश में थे उस वक्त सरहद पर भारतीय सेना के वीर जवान आतंकियों से लोहा ले रहे थे। देश सेवा और उसकी रक्षा की शपथ लेनेवाले शूरवीर आतंकियों की गोलियों और ग्रेनेड का सामना कर रहे थे। उरी में 17 से ज्यादा जवानों ने देश के लिए अपनी जिंदगी का बलिदान दिया।
2/18Image Source : india tv
शहीद अशोक कुमार सिंह- बिहार के भोजपुर जिले के हवलदार अशोक कुमार सिंह के बड़े भाई कामता प्रसाद भी भारतीय सेना में थे। 1989 में हुए एक आतंकवादी हमले में हवलदार अशोक सिंह के बड़े कामता प्रसाद शहीद हो गए। अशोक को उन्हीं से सेना में जाने की प्रेरणा मिली। पिता जम्मू-कश्मीर में शहीद हो गए। आतंकियों से लोहा लेते हुए देश की आन-बान और शान के लिए मर मिटे बावजूद इसके इस परिवार की देशभक्ति देखने लायक है।
3/18Image Source : india tv
शहीद विश्वजीत गोराई- उरी में आतंकियों की कायराना हरकतों में शहीद हुए पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के विश्वजीत गोराई के परिवार तो मुसीबतों का पहाड़ ही टूट पड़ा है। 20 साल के गोराई के पिता दैनिक मजदूरी कर के अपना घर चलाते रहे हैं। विश्वजीत की यह पहली ही पोस्टिंग थी। उसके बाद अब मजदूरी करने वाले पिता ही एक मात्र कमाने वाले शख्स उसके परिवार में बचे हैं।
4/18Image Source : india tv
सिपाही गणेश शंकर- ये यूपी के संत कबीर नगर के रहने वाले थे
5/18Image Source : india tv
शहीद गंगाधर दलाई- हावड़ा के रहने वाले गंगाधर महज 22 साल की उम्र में देश के लिए मर मिटे। गरीब परिवार में जन्मे गंगाधर के घर में सालभर पहले उस वक्त खुशियां आई जब गंगाधर को सेना में नौकरी मिली लेकिन एक साल भी नहीं बिता कि ये दुखभरी खबर आ गई।
6/18Image Source : india tv
शहीद हरेंद्र यादव- यूपी के गाजीपुर के रहने वाले हरेंद्र यादव 2007 में बिहार रेजिमेंट में ट्रेड मैन भर्ती हुए थे हरेंद्र 6 भाइयो में पांचवे नंबर पर है। इनके 4 बड़े भाई प्राइवेट सर्विस में है जबकि छोटा भाई भी सेना भर्ती की तैयारी में जुटा है।
7/18Image Source : india tv
शहीद करनैल सिंह- 10 डोगरा रेजीमेंट के शहीद करनैल सिंह 27 सालों से देश की सेवा कर रहे थे। अब नौकरी के सिर्फ डेढ़ साल बचे थे। उम्र और नौकरी के इस पड़ाव पर देश के लिए बलिदान देकर करनैल सिंह ने रिटायर होने से पहले शहीद का दर्जा हासिल कर लिया।
8/18Image Source : india tv
शहीद नयमन कुजूर- उरी हमले में झारखंड के गुमला के नयमन कुजूर भी शहीद हुए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री ने इन जवानों की शहादत को सलाम किया है।
9/18Image Source : india tv
हवलदार एनएस रावत- ये राजस्थान के राजसमंद के रहने वाले थे
10/18Image Source : india tv
शहीद जावरा मुंडा- उरी हमले में शहीद होने वाले 17 वीर सपूतों में झारखंड के भी दो लाल हैं। खूंटी के जावरा मुंडा भी आतंकियों के कायराना हमले में शहीद हो गए। बेहद गरीब परिवार से आने वाले जावरा के घर में जैसे ही उनके शहीद होने की खबर पहुंची लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया।
11/18Image Source : india tv
शहीद राजेश कुमार सिंह- ये यूपी के जौनपुर के रहने वाले थे
12/18Image Source : india tv
शहीद राकेश सिंह- बिहार के कैमूर के रहने वाले राकेश सिंह पांच भाई बहनों में सबसे छोटे थे। राकेश की शुरू से ही सेना में जाने की इच्छा थी।
13/18Image Source : india tv
शहीद हवलदार रवि पाल- एक साल पहले जम्मू के सांबा के रवि पाल ने अपने परिवार को पठानकोट में शिफ्ट करवा दिया था क्योंकि उनका ट्रांसफर अपने घर के पास उरी में हो गया था। उनके बच्चे पठानकोट में रहकर पढ़ रहे थे और उरी में रवि पाल देश की रक्षा कर रहे थे लेकिन इस हमले के बाद सबकुछ धरा का धरा रह गया।
14/18Image Source : india tv
शहीद संदीप सोमनाथ- नासिक के रहने वाले शहीद संदीप सोमनाथ ठोक बिहार रेजीमेंट में थे। 25 साल के संदीप के शहीद होने की सूचना जब वहां पहुंची तो सभी सन्न थे। वे नासिक के सिन्नर तहसील के खडांगली गांव के रहने वाले थे। उनकी शादी नहीं हुई थी लेकिन उसके लिए परिजन तैयारियों में जरूर लगे थे। पर, मातम वाली इस खबर ने न सिर्फ उनके परिवार को बल्कि पूरे इलाके को गमगीन कर दिया।
15/18Image Source : india tv
शहीद सुनील कुमार विद्यार्थी- नायक एसके विद्यार्थी बिहार के गया जिले के रहने वाले थे। वो यहां के बोकनरी गांव के थे। चार भाईयों में नायक एसके विद्यार्थी दूसरे नंबर पर थे। उनके परिवार में बूढ़े मां-पिता, तीन बेटी और एक बेटा है।
16/18Image Source : india tv
शहीद उइकी जनराव- अमरावती में उइकी जनराव की शहादत की खबर मिलते ही पूरा गांव में शोक में डूब गया। 26 साल के उइकी ने 2009 में भारतीय सेना ज्वॉइन की थी। एक महीने पहले ही उरी में शहीद उइकी का ट्रांसफर हुआ था।
17/18Image Source : india tv
लांस नायक जी शंकर- सतारा के माण तहसील के जाशी गाव के रहने वाले शहीद लान्सनायक चंद्रकांत शंकर गलांडे की उम्र अभी 27 साल थी। उनकी पत्नी के अलावा घर में दो बच्चें भी हैं। बच्चों की उम्र काफी छोटी है और उनके सामने एक बड़ी मुसीबत है।
18/18Image Source : india tv
लांस नायक आरके यादव- यूपी के बलिया के रहने वाले थे