Photos: समुद्र में भी भारत से पार नहीं पाएगा दुश्मन, ट्रोपेक्स एक्सरसाइज में नौसेना ने दिखाई ताकत
Photos: समुद्र में भी भारत से पार नहीं पाएगा दुश्मन, ट्रोपेक्स एक्सरसाइज में नौसेना ने दिखाई ताकत
भारतीय नौसेना की एक्सरसाइज का क्षेत्र 5000 समुद्री मील तक फैला हुआ था। इसमें नौसेना के 65-70 जहाज और 9-10 पनडुब्बी भी शामिल हुईं। सुखोई-30, जगुआर, सी-130, फ्लाइट रिफ्यूलर, AWACS विमान, 600 से अधिक पैदल सैनिक और 10 से ज्यादा ICG जहाज भी एक्सरसाइज में शामिल थे।
Published : Mar 07, 2025 05:54 pm IST, Updated : Mar 07, 2025 05:54 pm IST
1/10Image Source : India TV
भारतीय नौसेना के कैपस्टोन थिएटर लेवल ऑपरेशनल एक्सरसाइज (ट्रोपेक्स) का 2025 संस्करण पूरा हो चुका है। लगभग तीन महीने तक चले इस अभ्यास में नौसेना ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया और कई नई शक्तियां अपने साथ जोड़ीं। इसे जनवरी से मार्च तक तीन महीने की अवधि में आयोजित किया गया था। मार्च 2025 की शुरुआत में संपन्न हुई इस एक्सरसाइज ने नौसेना के संचालन की कई अवधारणाओं को मान्य करने में मदद की।
2/10Image Source : India TV
इस दौरान थलसेना और नौसेना के जवानों ने एक खास तरह का अभ्यास किया, जिसे एम्फेक्स नाम दिया गया था। यह एक्सरसाइज ऐसी स्थितियों के लिए होती है, जब किसी जहाज को बंधक बना लिया जाता है। इसमें एक संयुक्त कार्य चरण शामिल था जो लक्ष्य पर तोपों के सटीक निशाने, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और टैक्टिकल फेज पर केंद्रित था।
3/10Image Source : India TV
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी सहित हिंद महासागर में आयोजित इस एक्सरसाइज का संचालन क्षेत्र उत्तर से दक्षिण तक 35 डिग्री दक्षिण अक्षांश तक लगभग 4300 समुद्री मील और पश्चिम में होर्मुज जलडमरूमध्य से पूर्व में सुंडा और लोम्बोक जलडमरूमध्य तक 5000 समुद्री मील तक फैला हुआ था।
4/10Image Source : india tv
इस एक्सरसाइज से राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए समन्वित और एकीकृत तरीके से विविध चुनौतियों का जवाब देने की नौसेना की क्षमता का एक अहम मूल्यांकन किया गया। ट्रोपेक्स 25 में 65-70 भारतीय नौसेना के जहाजों, 9-10 पनडुब्बियों और विभिन्न प्रकार के 80 से अधिक विमानों ने भाग लिया।
5/10Image Source : india TV
इस एक्सरसाइज से नौसेना ने अन्य सेवाओं के साथ थिएटर स्तर के परिदृश्यों की योजना बनाने और उनको अमलीजामा पहनाने में बहुत उच्च स्तर का परिचालन तालमेल हासिल किया। इसमें भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल की इकाइयों की व्यापक भागीदारी देखी गई।
6/10Image Source : india TV
इसमें सुखोई-30, जगुआर, सी-130, फ्लाइट रिफ्यूलर, AWACS विमान, 600 से अधिक पैदल सेना के सैनिक और 10 से अधिक ICG जहाज शामिल थे। ट्रोपेक्स 25 ने भारतीय नौसेना की परिचालन तैयारियों और युद्ध के लिए सामग्री तत्परता का आकलन करने के लिए तैयार किए गए गहन परिचालन अभियान की सफल परिणति को चिह्नित किया और युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य के लिए तैयार बल बने रहने की नौसेना की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
7/10Image Source : India TV
ट्रोपेक्स परिचालन स्तर का अभ्यास है, जिसमें भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और तटरक्षक युद्धपोतों के साथ-साथ सभी युद्धक भारतीय नौसेना इकाइयां शामिल होती हैं। इसे हर दो साल में आयोजित किया जाता है।
8/10Image Source : india TV
ट्रोपेक्स 25 का उद्देश्य भारतीय नौसेना के मुख्य युद्ध कौशल को मान्य करना तथा पारंपरिक, असममित और साथ ही मिश्रित खतरों के खिलाफ एक प्रतिस्पर्धी समुद्री वातावरण में राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा हितों को संरक्षित एवं सुरक्षित करने के लिए एक समन्वित व एकीकृत प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
9/10Image Source : india TV
पिछले कुछ वर्षों में दायरे और जटिलता में वृद्धि के बाद, ट्रोपेक्स 25 किसी भी समय, कहीं भी, किसी भी तरह से भारत के राष्ट्रीय समुद्री हितों की सुरक्षा की दिशा में एक गतिशील वातावरण में समन्वित योजना, सटीक लक्ष्यीकरण, युद्ध प्रभावशीलता व विश्वसनीय संयुक्त संचालन में एक कदम आगे है।
10/10Image Source : india TV
भारतीय नौसेना ने जनवरी के महीने में अमेरिका और फ्रांस सहित आठ देशों की नौसेनाओं के साथ एक बड़े युद्धाभ्यास में भाग लिया था। नौसैन्य एक्सरसाइज ‘ला पेरोस’ हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के बीच स्थित जलडमरूमध्यों के साथ-साथ मलक्का, सुंडा और लोम्बोक में हुई थी।