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1 सितंबर से शुरू हुआ सिलसिला, रोज हो रही मछलियों की मौत, 9 दिन में हजार के पार हुई संख्या

Edited By: Shakti Singh
Published : Sep 06, 2025 11:28 am IST,  Updated : Sep 06, 2025 11:29 am IST
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में मछलियों के मरने से हड़कंप मचा हुआ है। यहां जायकवाड़ी डैम के पिंपळवाड़ी इलाके और पंप हाउस के पास हजारों मृत मछलियां तैरती हुई पाई गई हैं।
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महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में मछलियों के मरने से हड़कंप मचा हुआ है। यहां जायकवाड़ी डैम के पिंपळवाड़ी इलाके और पंप हाउस के पास हजारों मृत मछलियां तैरती हुई पाई गई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले चार दिनों से लगातार इस क्षेत्र में मृत मछलियां दिखाई दे रही हैं। इससे स्थानीय मछुआरा समाज में गहरी चिंता फैल गई है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले चार दिनों से लगातार इस क्षेत्र में मृत मछलियां दिखाई दे रही हैं। इससे स्थानीय मछुआरा समाज में गहरी चिंता फैल गई है।
नदी किनारे पड़े इन मृत मछलियों से पूरे इलाके में बदबू फैलने लगी है। पानी की सतह पर झाग भी दिखाई दे रहा है। इससे डैम का पानी भी जहरीला हो रहा है।
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नदी किनारे पड़े इन मृत मछलियों से पूरे इलाके में बदबू फैलने लगी है। पानी की सतह पर झाग भी दिखाई दे रहा है। इससे डैम का पानी भी जहरीला हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक सितंबर से यह सिलसिला शुरू हुआ है और हर दिन मृत मछलियों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक यह संख्या हजारों में पहुंच गई है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि एक सितंबर से यह सिलसिला शुरू हुआ है और हर दिन मृत मछलियों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक यह संख्या हजारों में पहुंच गई है।
फिलहाल सिंचाई विभाग और मत्स्य विभाग की ओर से कोई निरीक्षण नहीं किया गया है। मछुआरा संघ के नेता बजरंग लिंबोरे का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही से मछुआरों की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है।
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फिलहाल सिंचाई विभाग और मत्स्य विभाग की ओर से कोई निरीक्षण नहीं किया गया है। मछुआरा संघ के नेता बजरंग लिंबोरे का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही से मछुआरों की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है।
मछलियों की मौत पानी में प्रदूषण (जैसे उर्वरक और केमिकल), पानी में ऑक्सीजन की कमी, और विदेशी प्रजातियों के कारण हो सकती है। इससे जलीय जीवन प्रभावित होता है। बड़े पैमाने पर मृत मछलियों का पाया जाना चिंता का विषय है और यह किसी बड़ी समस्या का संकेत है। (छत्रपति संभाजीनगर से देव राजले की रिपोर्ट)
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मछलियों की मौत पानी में प्रदूषण (जैसे उर्वरक और केमिकल), पानी में ऑक्सीजन की कमी, और विदेशी प्रजातियों के कारण हो सकती है। इससे जलीय जीवन प्रभावित होता है। बड़े पैमाने पर मृत मछलियों का पाया जाना चिंता का विषय है और यह किसी बड़ी समस्या का संकेत है। (छत्रपति संभाजीनगर से देव राजले की रिपोर्ट)
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