Photos: दित्वा चक्रवात के कारण श्रीलंका में 200 से ज्यादा मौतें, चेन्नई में प्रशासन की तैयारी पूरी
Photos: दित्वा चक्रवात के कारण श्रीलंका में 200 से ज्यादा मौतें, चेन्नई में प्रशासन की तैयारी पूरी
चक्रवाती तूफान दित्वा के कारण श्रीलंका में 200 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। चेन्नई में प्रशासन की तैयारी पूरी हो चुकी है। तूफान अब भारतीय तट से टकरा सकता है। दक्षिण भारतीय राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है।
Published : Nov 30, 2025 08:45 pm IST, Updated : Nov 30, 2025 08:45 pm IST
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चक्रवात ‘दित्वा’ के कारण श्रीलंका में बाढ़ और भूस्खलन से जमकर तबाही हुई है। यहां 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुका है। रविवार को भारत की सहायता से पड़ोसी देश ने राहत और बचाव कार्य जारी रखा। श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) की ओर से रविवार शाम चार बजे जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार से अब तक 212 लोगों की मौत हो चुकी है और 218 लोग लापता हैं।
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डीएमसी ने बताया कि 9,98,918 लोग प्रभावित हुए हैं। इस बीच, भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और भारतीय वायुसेना के कर्मी लोगों की जान बचाने में श्रीलंकाई अधिकारियों की सहायता के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, “एनडीआरएफ के कर्मी श्रीलंका में स्थानीय अधिकारियों के साथ करीबी समन्वय के तहत राहत अभियान जारी रखे हुए हैं।”
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भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत एनडीआरएफ के 80 कर्मियों के दो तलाश एवं बचाव दलों को श्रीलंका भेजा है। भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने एक साहसिक अभियान के तहत भारतीयों समेत फंसे हुए यात्रियों को एक प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर निकाला। वायुसेना ने कहा कि इस अभियान के दौरान तीन गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए हेलीकॉप्टर के जरिये अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा वायुसेना की टीम ने श्रीलंकाई सेना के “पांच टीमों (40 सैनिकों)” को भी दियाथलावा सैन्य शिविर से कोटमाले क्षेत्र में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए हेलीकॉप्टर से पहुंचाया।
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आईएमडी का कहना है, "साइक्लोनिक स्टॉर्म दित्वा, साउथ-वेस्ट बंगाल की खाड़ी और उससे सटे नॉर्थ तमिलनाडु-पुडुचेरी के तटों पर पिछले 6 घंटों में 5 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से उत्तर की ओर बढ़ा और 30 नवंबर को दोपहर के समय उसी इलाके में, कुड्डालोर से लगभग 90 किलोमीटर दूर पूरब-दक्षिण-पूर्व में, कराईकल से 120 किमी उत्तर-पूर्व में, पुडुचेरी से 90 किमी पूरब-दक्षिण-पूर्व में, वेदारण्यम से 170 किमी उत्तर-उत्तर-पूर्व में और चेन्नई से 150 किमी दक्षिण-पूर्व में केंद्रित था।"
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आईएमडी के अनुसार नॉर्थ तमिलनाडु-पुडुचेरी के तटों से साइक्लोन के केंद्र की कम से कम दूरी लगभग 80 किलोमीटर है। इसके नॉर्थ तमिलनाडु-पुडुचेरी के तटों के पैरेलल लगभग उत्तर की ओर बढ़ने और अगले तीन घंटों में एक डीप डिप्रेशन में कमजोर होने की बहुत संभावना है। यह सिस्टम 30 नवंबर की आधी रात तक नॉर्थ तमिलनाडु-पुडुचेरी कोस्टलाइन से साउथ-वेस्ट बंगाल की खाड़ी पर कम से कम 30 किमी की दूरी पर केंद्रित रहेगा।"
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तमिलनाडु के रेवेन्यू और डिजास्टर मैनेजमेंट मिनिस्टर रामचंद्रन ने कहा, "अगले तीन घंटों में, साइक्लोन के कमजोर होकर एक गहरे डिप्रेशन में बदलने और धीरे-धीरे तेजी कम होने की उम्मीद है। तमिलनाडु में पहले बताई गई तीन मौतों के अलावा कोई नई मौत नहीं हुई है। कल तक हालात नॉर्मल हो जाएंगे। कुड्डालोर जिले में दोपहर 12 बजे के बाद बारिश रुक गई है, और सिर्फ हल्की बूंदाबांदी हो रही है। सीएम फोन पर लगातार हालात पर नजर रख रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले भी, मुख्यमंत्री ने खुद मुझसे बात की और हालात का रिव्यू किया।
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आपदा प्रबंधन मंत्री ने फसल के नुकसान के बारे में कहा कि फील्ड सर्वे पूरा होने के बाद किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। दो दिन में बारिश का पानी कम होने के बाद नुकसान का अंदाजा लगाया जाएगा। अगर 33% से ज्यादा फसलों पर असर पाया जाता है, तो राहत फंड मंजूर किए जाएंगे और केंद्र सरकार से भी मदद मांगी जाएगी। तमिलनाडु आगे किसी भी बारिश से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, और NDRF की टीमें जरूरी जिलों में सोच-समझकर तैनात की गई हैं।"
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बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित चक्रवात ‘दित्वा’ के कारण आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। पिछले छह घंटों के दौरान यह चक्रवात उत्तर की ओर बढ़ा और उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों के पास 11.4 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.6 डिग्री पूर्वी देशांतर पर केंद्रित है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने एक विज्ञप्ति में कहा कि चक्रवाती तूफान दित्वा वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है।
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इस तूफान के असर से आंध्र प्रदेश के कई जिलों में और बारिश होने की संभावना है। चक्रवात के तमिलनाडु-पुडुचेरी तटरेखा के साथ-साथ आगे बढ़ते रहने और तट से 30 से 70 किलोमीटर दूर रहने तथा आंध्र प्रदेश में बारिश बढ़ने की संभावना है। उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश (एनसीएपी) और यनम में अगले दो दिनों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश, गरज के साथ छींटे पड़ने और 35-45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
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मंगलवार को छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। रायलसीमा में भी सोमवार को ज़्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि एक-दो जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर गरज के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि मंगलवार को कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस बीच, मंत्री वी अनीता ने गुंटूर जिले के सचिवालय से नेल्लोर, तिरुपति, कडप्पा, चित्तूर और अन्नामय्या जिलों के कलेक्टरों के साथ चक्रवात की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को 48 घंटे तक हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया।