Published : Jun 24, 2026 09:02 pm IST, Updated : Jun 24, 2026 09:09 pm IST
1/8Image Source : Reporter Input
दिल्ली उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली सरकार की व्यय वित्त समिति ने बुधवार को उत्तरी दिल्ली के धीरपुर में डॉ. बी. आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (एयूडी) के नए कैंपस बनाने को मंजूरी दी है।
2/8Image Source : Reporter Input
लगभग 1,668 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाला यह कैंपस राजधानी में गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करेगा और हजारों विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
3/8Image Source : Reporter Input
इस बैठक में दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, शिक्षा मंत्री आशीष सूद सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस परियोजना के क्रियान्वयन से संबंधित आगे की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं अब दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग आगे बढ़ाएगा।
4/8Image Source : Reporter Input
धीरपुर में विकसित होने वाला नया अंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर न केवल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली की क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि आधुनिक, समावेशी और टिकाऊ शैक्षणिक वातावरण का नया मानक भी स्थापित करेगा।
5/8Image Source : Reporter Input
मुख्यमंत्री के अनुसार, लगभग 20 हेक्टेयर (50 एकड़) क्षेत्र में विकसित किए जाने वाले इस अत्याधुनिक परिसर को चरणबद्ध तरीके से लगभग 8,000 विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।
6/8Image Source : Reporter Input
परियोजना के प्रथम चरण में 5,400 विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही, 840 विद्यार्थियों के लिए छात्रावास सुविधाएं और शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है।
7/8Image Source : Reporter Input
नए कैंपस में आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक, केंद्रीय पुस्तकालय, प्रशासनिक भवन, छात्र सुविधाएं, 2,500 सीटों की क्षमता वाला भव्य सभागार, स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर और पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस परिसर को जीआरआईएचए 5-स्टार रेटिंग के अनुरूप विकसित करने की योजना बनाई गई है।
8/8Image Source : Reporter Input
इसके अंतर्गत सौर एवं भू-तापीय ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और जल संरक्षण एवं प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना को दिल्ली शहरी कला आयोग (डीयूएसी) और दिल्ली अग्निशमन सेवा सहित आवश्यक प्रमुख वैधानिक अनुमतियां पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं, जिससे इसके क्रियान्वयन का मार्ग और अधिक सुगम हुआ है।