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सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने से लेकर करियर में सफलता तक, बेहतर परिणाम दिलाने में मददगार हो सकते हैं ये रत्न

Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
Published : Jul 24, 2026 05:37 pm IST,  Updated : Jul 24, 2026 05:37 pm IST
करियर और बिजनेस में मेहनत के बावजूद मनचाहा परिणाम नहीं मिल रहा है तो ज्योतिष और रत्नशास्त्र में कुछ रत्नों को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि ये रत्न ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने में सहायक होते हैं, जिससे आत्मविश्वास, एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है।
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करियर और बिजनेस में मेहनत के बावजूद मनचाहा परिणाम नहीं मिल रहा है तो ज्योतिष और रत्नशास्त्र में कुछ रत्नों को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि ये रत्न ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने में सहायक होते हैं, जिससे आत्मविश्वास, एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है।
करियर में क्यों अहम माने जाते हैं रत्न?: आज के समय में करियर और बिजनेस में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। कई बार पूरी मेहनत और लगन के बावजूद मनचाही सफलता नहीं मिल पाती। रत्नशास्त्र के अनुसार कुछ विशेष रत्न ग्रहों की शुभ ऊर्जा को मजबूत करने का काम करते हैं। मान्यता है कि सही रत्न धारण करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, निर्णय क्षमता बेहतर होती है और करियर की राह आसान बन सकती है।
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करियर में क्यों अहम माने जाते हैं रत्न?: आज के समय में करियर और बिजनेस में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। कई बार पूरी मेहनत और लगन के बावजूद मनचाही सफलता नहीं मिल पाती। रत्नशास्त्र के अनुसार कुछ विशेष रत्न ग्रहों की शुभ ऊर्जा को मजबूत करने का काम करते हैं। मान्यता है कि सही रत्न धारण करने से आत्मविश्वास बढ़ता है, निर्णय क्षमता बेहतर होती है और करियर की राह आसान बन सकती है।
मूंगा (Coral Stone) मंगल ग्रह से जुड़ा रत्न है, जिसे साहस, ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक माना जाता है। रत्नशास्त्र के अनुसार यह करियर में आने वाली चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करता है। खासतौर पर फील्ड वर्क, मैनेजमेंट और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए इसे लाभकारी माना जाता है। इसे अनामिका उंगली में धारण करने की सलाह दी जाती है।
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मूंगा (Coral Stone) मंगल ग्रह से जुड़ा रत्न है, जिसे साहस, ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक माना जाता है। रत्नशास्त्र के अनुसार यह करियर में आने वाली चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करता है। खासतौर पर फील्ड वर्क, मैनेजमेंट और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए इसे लाभकारी माना जाता है। इसे अनामिका उंगली में धारण करने की सलाह दी जाती है।
नीलम (Sapphire Stone) को शनि ग्रह का प्रमुख रत्न माना जाता है। मान्यता है कि यह मेहनत का उचित फल दिलाने, अनुशासन बढ़ाने और करियर में आ रही देरी या रुकावटों को कम करने में सहायक होता है। इसे शनिवार के दिन मध्यमा उंगली में धारण करना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि नीलम आय के नए अवसर बनाने और लंबे समय तक स्थिर सफलता दिलाने में मददगार हो सकता है।
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नीलम (Sapphire Stone) को शनि ग्रह का प्रमुख रत्न माना जाता है। मान्यता है कि यह मेहनत का उचित फल दिलाने, अनुशासन बढ़ाने और करियर में आ रही देरी या रुकावटों को कम करने में सहायक होता है। इसे शनिवार के दिन मध्यमा उंगली में धारण करना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि नीलम आय के नए अवसर बनाने और लंबे समय तक स्थिर सफलता दिलाने में मददगार हो सकता है।
गोमेद (Hessonite Stone) राहु ग्रह का रत्न माना जाता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह मानसिक तनाव कम करने, फोकस बढ़ाने और मन को स्थिर रखने में सहायक हो सकता है। जिन लोगों का ध्यान बार-बार भटकता है या जो जोखिम वाले व्यवसाय से जुड़े हैं, उनके लिए इसे लाभकारी माना जाता है। इसे चांदी की अंगूठी में पहनने की परंपरा बताई जाती है।
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गोमेद (Hessonite Stone) राहु ग्रह का रत्न माना जाता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह मानसिक तनाव कम करने, फोकस बढ़ाने और मन को स्थिर रखने में सहायक हो सकता है। जिन लोगों का ध्यान बार-बार भटकता है या जो जोखिम वाले व्यवसाय से जुड़े हैं, उनके लिए इसे लाभकारी माना जाता है। इसे चांदी की अंगूठी में पहनने की परंपरा बताई जाती है।
रत्नशास्त्र में हर रत्न का संबंध अलग-अलग ग्रहों से माना गया है। इसलिए किसी भी रत्न को केवल दूसरों की सलाह या ट्रेंड देखकर धारण नहीं करना चाहिए। अपनी कुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ की सलाह लेने के बाद ही रत्न पहनना उचित माना जाता है।
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रत्नशास्त्र में हर रत्न का संबंध अलग-अलग ग्रहों से माना गया है। इसलिए किसी भी रत्न को केवल दूसरों की सलाह या ट्रेंड देखकर धारण नहीं करना चाहिए। अपनी कुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ की सलाह लेने के बाद ही रत्न पहनना उचित माना जाता है।
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