Holashtak 2026: फरवरी में इस दिन से शुरू हो रहा है होलाष्टक, जानें इस दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं
Holashtak 2026: फरवरी में इस दिन से शुरू हो रहा है होलाष्टक, जानें इस दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं
Holashtak 2026 start end date: होलाष्टक होली के दिन से आठ दिन पहले ही आरंभ हो जाती है। होलाष्टक के समय को विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण एवं विद्यारंभ आदि अन्य मांगलिक कायक्रमों के लिए अशुभ माना जाता है।
Published : Jan 26, 2026 11:40 pm IST, Updated : Jan 26, 2026 11:40 pm IST
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होली से आठ दिन पहले होलाष्टक आरंभ हो जाता है। हिंदू धर्म में होलाष्टक को अशुभ समय माना गया है। इस दौरान शुभ कार्य करना वर्जित होता है। होलाष्टक के दौरान खासतौर से विवाह, गृह प्रवेश आदि सोलह संस्कारों को करने की मनाही है होती है। इस साल होलाष्टक का आरंभ 24 फरवरी से होगा, जिसका समापन 3 मार्च 2026 को होगा।
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मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक का संबंध राक्षसी शक्तियों से जुड़ा हुआ है। इस समय को असत्य और अंधकार का प्रतीक माना जाता है। होलाष्टक के आठ दिनों तक राक्षसों का वर्चस्व माना जाता है, जिससे यह समय घर में नकारात्मकता और अशांति का कारण बन सकता है। इसलिए इस समय कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
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होलाष्टक में कोई भी नया काम, कारोबार आदि शुभ कार्यों को शुरू नहीं करना चाहिए। वरना आपको आपके काम में सफलता नहीं मिलेगी। वहीं इस दौरान शुरू किए गए कारोबार में भी घाटा होने की संभावना बनी रहती है।
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होलाष्टक के दौरान नया मकान, वाहन और प्लॉट की खरीददारी भी भूलकर नहीं करना चाहिए। जमीन, घर आदि चीजें हमेशा शुभ मुहूर्त और दिन में खरीदना चाहिए। तभी इन चीजों में बरकत होती है। इसके अलावा होलाष्टक में सोना और चांदी सब भी नहीं खरीदना चाहिए।
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होलाष्टक के दौरान गृह प्रवेश, विवाह, सगाई नया व्यवसाय शुरू, मुंडन नामकरण करना आदि नहीं करना चाहिए। होलाष्टक के दौरान बहू-बेटी की विदाई नहीं की जाती है। शादी, मुंडन, गोद भराई, उपनयन संस्कार जैसे मांगलिक कार्य बिल्कुल भी न करें।
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होलाष्टक के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए इस दौरान भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें। ऐसा करने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और नारायण की कृपा से घर-परिवार में सकरात्मकता बनी रहती है। इसके साथ ही फाल्गुन पूर्णिमा के दिन चंद्रमा और मां लक्ष्मी की पूजा भी करें।
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होलाष्टक के दौरान पूजा पाठ के अलावा स्नान-दान करना भी अत्यंत ही लाभकारी माना जाता है। होलाष्टक में गरीब या जरूरतमंदों को अन्न, धन, वस्त्र और जरूरी चीजों का दान करें। ऐसा करने से आपको पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होगी।
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बता दें कि इस साल होली का त्यौहार 4 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। इससे एक दिन पहले यानी 3 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा।