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करवा चौथ का निर्जला उपवास इन महिलाओं को नहीं रखना चाहिए

करवा चौथ का व्रत करने से अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद मिलता है। लेकिन इन महिलाओं को करवा चौथ का व्रत करने से बचना चाहिए।

Written By: Vineeta Mandal
Published : Oct 28, 2026 11:59 am IST,  Updated : Oct 28, 2026 11:59 am IST
करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रख कर करवा माता, भोलनाथ, मां गौरी और भगवान गणेश, कार्तिकेय जी की विधिपूर्वक पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि करवा चौथ का व्रत करने से पति की आयु लंबी होती है और अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद मिलता है।
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करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रख कर करवा माता, भोलनाथ, मां गौरी और भगवान गणेश, कार्तिकेय जी की विधिपूर्वक पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि करवा चौथ का व्रत करने से पति की आयु लंबी होती है और अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद मिलता है।
करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक किया जाता है। चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद ही करवा चौथ का व्रत खोला जाता है। यह व्रत अत्यंत कठिन माना जाता है। ऐसे में इन महिलाओं को करवा चौथ का निर्जला व्रत नहीं करना चाहिए।
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करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक किया जाता है। चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद ही करवा चौथ का व्रत खोला जाता है। यह व्रत अत्यंत कठिन माना जाता है। ऐसे में इन महिलाओं को करवा चौथ का निर्जला व्रत नहीं करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को करवा चौथ का निर्जला व्रत नहीं रखना चाहिए। लंबे समय तक बिना पानी और भोजन के रहने से डिहाइड्रेशन, कमजोरी की समस्या हो सकती है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
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गर्भवती महिलाओं को करवा चौथ का निर्जला व्रत नहीं रखना चाहिए। लंबे समय तक बिना पानी और भोजन के रहने से डिहाइड्रेशन, कमजोरी की समस्या हो सकती है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी करवा चौथ का निर्जला व्रत करने से बचना चाहिए। जो महिलाएं छोटे बच्चों को दूध पिलाती हैं उनके शरीर को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों और पोषण की आवश्यकता होती है।
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स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी करवा चौथ का निर्जला व्रत करने से बचना चाहिए। जो महिलाएं छोटे बच्चों को दूध पिलाती हैं उनके शरीर को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों और पोषण की आवश्यकता होती है।
अगर किसी महिला को गंभीर बीमारी (जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, किडनी या हृदय रोग) से पीड़ित हैं और रोजाना दवाई लेती हैं तो उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना निर्जला व्रत बिल्कुल नहीं रखना चाहिए।
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अगर किसी महिला को गंभीर बीमारी (जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, किडनी या हृदय रोग) से पीड़ित हैं और रोजाना दवाई लेती हैं तो उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना निर्जला व्रत बिल्कुल नहीं रखना चाहिए।
जो महिलाएं शारीरिक रूप से बहुत कमजोर हैं या हाल ही में किसी गंभीर बीमारी से उभरी हैं उन्हें भी करवा चौथ का व्रत नहीं रखना चाहिए। व्रत रखने की जगह केवल सोलह श्रृंगार करके, भगवान शिव-पार्वती और करवा माता की पूजा-अर्चना करें और कथा का श्रवण करें।
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जो महिलाएं शारीरिक रूप से बहुत कमजोर हैं या हाल ही में किसी गंभीर बीमारी से उभरी हैं उन्हें भी करवा चौथ का व्रत नहीं रखना चाहिए। व्रत रखने की जगह केवल सोलह श्रृंगार करके, भगवान शिव-पार्वती और करवा माता की पूजा-अर्चना करें और कथा का श्रवण करें।
 करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं का है, इसलिए कुंवारी लड़कियों को यह व्रत नहीं करना चाहिए। कई बार देखा जाता है कि अविवाहित लड़कियां भी जल्दी विवाह के लिए इस व्रत का पालन करती हैं लेकिन धार्मिक दृष्टि से यह उचित नहीं माना गया है।
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करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं का है, इसलिए कुंवारी लड़कियों को यह व्रत नहीं करना चाहिए। कई बार देखा जाता है कि अविवाहित लड़कियां भी जल्दी विवाह के लिए इस व्रत का पालन करती हैं लेकिन धार्मिक दृष्टि से यह उचित नहीं माना गया है।
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