Published : Sep 18, 2025 12:40 pm IST, Updated : Sep 18, 2025 12:40 pm IST
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सर्वपितृ अमावस्या 21 सितंबर के दिन है। अमावस्या तिथि को ही पितृपक्ष का समापन हो जाता है और पूर्वज पितृलोक को लौट जाते हैं। सर्वपितृ अमावस्या के दिन भूले-बिसरे सभी पितरों का श्राद्ध किया जाता है। इस दिन किए जाने वाले कुछ ऐसे कार्य भी हैं जो पितरों की कृपा आपको दिलाते। आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देंगे।
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सर्वपितृ अमावस्या के दिन आपको भूले-बिसरे पितरों के साथ ही उन पितरों का श्राद्ध भी करना चाहिए जिनकी मृत्यु तिथि आपको ज्ञात न हो, आपके द्वारा किए गए श्राद्ध, तर्पण से पितरों की कृपा आपको मिलती है और पितृ दोष से भी मुक्ति मिल जाती है।
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सर्वपितृ अमावस्या के दिन आपको पितरों का स्मरण करते हुए दान अवश्य करना चाहिए। इस दिन सफेद वस्त्र, अन्न और धन का दान करने से आपके पितृ प्रसन्न होकर वापस लौटते हैं।
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पितरों के निमित्त इस दिन दीपदान भी आपको करना चाहिए। आप पवित्र नदियों में पितरों को याद करते हुए दीपदान कर सकते हैं। वहीं घर की दक्षिण दिशा में चौमुखी दीपक जलाने से भी पितरों की कृपा आप पर बरसती है।
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सर्वपितृ अमावस्या के दिन आपको पितरों से अपनी भूल चूक के लिए भी माफी मांगनी चाहिए। ऐसा करने से रूठे पितृ भी प्रसन्न हो जाते हैं। साथ ही इस दिन आपको कौआ, कुत्ता, गाय, चींटी आदि को अन्न भी अवश्य देना चाहिए। ऐसा करने से भी पितरों का असीम आशीर्वाद आप पर बरसता है।