PHOTOS: मां दुर्गा के स्वागत की तैयारी तेज, मूर्तियों को गढ़ने में जुटे हैं कलाकार
PHOTOS: मां दुर्गा के स्वागत की तैयारी तेज, मूर्तियों को गढ़ने में जुटे हैं कलाकार
दुर्गा पूजा नजदीक आते ही पश्चिम बंगाल में मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम तेज हो गया है। नादिया, बीरभूम और बालुरघाट में कलाकार मिट्टी की मूर्तियां गढ़ने, रंग भरने और सजावट में जुटे हैं।
Published : Oct 04, 2026 09:31 pm IST, Updated : Oct 04, 2026 09:31 pm IST
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दुर्गा पूजा का त्योहार करीब आते ही पश्चिम बंगाल में तैयारियां तेज हो गई हैं। नादिया से लेकर बीरभूम और बालुरघाट तक कलाकार दिन-रात मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। कहीं मिट्टी से प्रतिमा का आकार तैयार किया जा रहा है तो कहीं कलाकार बारीकी से रंग भर रहे हैं। इन तस्वीरों में देखिए दुर्गा पूजा से पहले मूर्तिकारों और कारीगरों की मेहनत की झलक।
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नादिया जिले में दुर्गा पूजा से पहले एक कार्यशाला में कारीगर मां दुर्गा के चेहरे की मिट्टी से बनी संरचना को संभालते नजर आए। प्रतिमा तैयार करने की प्रक्रिया में चेहरे की बनावट पर खास ध्यान दिया जाता है, क्योंकि यही प्रतिमा का सबसे आकर्षक हिस्सा होता है।
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पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में दुर्गा पूजा से पहले एक कलाकार मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार करते नजर आए। मिट्टी से बनी प्रतिमा को सही आकार देने के लिए कलाकार बेहद सावधानी से काम कर रहे हैं। त्योहार नजदीक आने के साथ ही यहां मूर्तिकारों की व्यस्तता बढ़ गई है।
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बीरभूम जिले में एक कारीगर दुर्गा पूजा से पहले मिट्टी और स्पंज की लकड़ी से बनी मां दुर्गा की छोटी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देते नजर आए। इन छोटी प्रतिमाओं में बारीक काम किया गया है। कारीगर रंग-रूप और सजावट के जरिए इन्हें पूजा के लिए तैयार कर रहे हैं।
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नादिया में एक कलाकार मां दुर्गा की प्रतिमा पर रंग भरते नजर आए। मिट्टी से प्रतिमा का ढांचा तैयार होने के बाद रंगों के जरिए उसमें जान डाली जाती है। कलाकार बारीकी से चेहरे और शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर रंग भरकर प्रतिमा को आकर्षक रूप दे रहे हैं।
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दक्षिण दिनाजपुर जिले के बालुरघाट में दुर्गा पूजा से पहले एक कलाकार मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार करते नजर आए। मिट्टी की प्रतिमा को आकार देने के बाद उसके अलग-अलग हिस्सों को सावधानी से तैयार किया जा रहा है। त्योहार से पहले कारीगर प्रतिमाओं को समय पर पूरा करने में जुटे हैं।