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बच्चों की पढ़ाई और एकाग्रता बढ़ाने के लिए स्टडी रूम में करें ये बदलाव, इन वास्तु उपायों से परीक्षा में अच्छे परिणाम

Written By: Arti Azad
Published : Jan 24, 2026 12:06 am IST,  Updated : Jan 24, 2026 12:06 am IST
परीक्षा का समय शुरू होते ही बच्चों पर पढ़ाई और रिजल्ट को लेकर दबाव बढ़ने लगता है। खासतौर पर बड़ी कक्षा में जाने वाले बच्चों के मन में तनाव और चिंता बनी रहती है। ऐसे में केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही माहौल भी बहुत जरूरी होता है। वास्तुशास्त्र में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाने से बच्चों की एकाग्रता बढ़ सकती है और पढ़ाई में मन लगने लगता है। सकारात्मक वातावरण से मेहनत का सही फल मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।
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परीक्षा का समय शुरू होते ही बच्चों पर पढ़ाई और रिजल्ट को लेकर दबाव बढ़ने लगता है। खासतौर पर बड़ी कक्षा में जाने वाले बच्चों के मन में तनाव और चिंता बनी रहती है। ऐसे में केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही माहौल भी बहुत जरूरी होता है। वास्तुशास्त्र में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाने से बच्चों की एकाग्रता बढ़ सकती है और पढ़ाई में मन लगने लगता है। सकारात्मक वातावरण से मेहनत का सही फल मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।
बच्चों के स्टडी रूम का वातावरण जितना शांत और सकारात्मक होगा, उतनी ही अच्छी उनकी एकाग्रता होगी। वास्तु के अनुसार, नेगेटिव ऊर्जा होने से बच्चों का मन पढ़ाई से भटकता है। इसलिए स्टडी रूम में हरे रंग का प्रयोग शुभ माना गया है। अगर दीवारों पर ग्रीन पेंट संभव न हो, तो हरे तोते या प्रकृति से जुड़ी सकारात्मक तस्वीर लगाई जा सकती है। हरा रंग बुध ग्रह से जुड़ा माना जाता है, जो बुद्धि, स्मरण शक्ति और ज्ञान का कारक है।
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बच्चों के स्टडी रूम का वातावरण जितना शांत और सकारात्मक होगा, उतनी ही अच्छी उनकी एकाग्रता होगी। वास्तु के अनुसार, नेगेटिव ऊर्जा होने से बच्चों का मन पढ़ाई से भटकता है। इसलिए स्टडी रूम में हरे रंग का प्रयोग शुभ माना गया है। अगर दीवारों पर ग्रीन पेंट संभव न हो, तो हरे तोते या प्रकृति से जुड़ी सकारात्मक तस्वीर लगाई जा सकती है। हरा रंग बुध ग्रह से जुड़ा माना जाता है, जो बुद्धि, स्मरण शक्ति और ज्ञान का कारक है।
वास्तुशास्त्र के अनुसार स्टडी टेबल की दिशा का पढ़ाई पर सीधा असर पड़ता है। बच्चों की पढ़ाई के लिए स्टडी टेबल को ईशान कोण, पूर्व या उत्तर दिशा में रखना शुभ माना जाता है। इससे एकाग्रता बढ़ती है और मन स्थिर रहता है। किताबों के रैक को पश्चिम या दक्षिण दिशा में रखना बेहतर होता है। इस बात का ध्यान रखें कि स्टडी टेबल दीवार से पूरी तरह सटी न हो, क्योंकि इसे वास्तु दोष माना जाता है।
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वास्तुशास्त्र के अनुसार स्टडी टेबल की दिशा का पढ़ाई पर सीधा असर पड़ता है। बच्चों की पढ़ाई के लिए स्टडी टेबल को ईशान कोण, पूर्व या उत्तर दिशा में रखना शुभ माना जाता है। इससे एकाग्रता बढ़ती है और मन स्थिर रहता है। किताबों के रैक को पश्चिम या दक्षिण दिशा में रखना बेहतर होता है। इस बात का ध्यान रखें कि स्टडी टेबल दीवार से पूरी तरह सटी न हो, क्योंकि इसे वास्तु दोष माना जाता है।
छात्रों के स्टडी टेबल पर छोटे आकार की भगवान गणेश या देवी सरस्वती की प्रतिमा रखी जा सकती है। इससे विद्या और बुद्धि का विकास होता है। इसके अलावा, टेबल पर ग्लोब या तांबे का पिरामिड रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और माहौल सकारात्मक बना रहता है। इससे बच्चों का पढ़ाई में मन अधिक लग सकता है।
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छात्रों के स्टडी टेबल पर छोटे आकार की भगवान गणेश या देवी सरस्वती की प्रतिमा रखी जा सकती है। इससे विद्या और बुद्धि का विकास होता है। इसके अलावा, टेबल पर ग्लोब या तांबे का पिरामिड रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और माहौल सकारात्मक बना रहता है। इससे बच्चों का पढ़ाई में मन अधिक लग सकता है।
एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को अपने स्टडी टेबल या किताब में मोर पंख रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार मोर पंख बुध ग्रह को मजबूत करता है। इससे पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है और याददाश्त भी बेहतर हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए इसे बेहद शुभ उपाय माना जाता है।
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एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को अपने स्टडी टेबल या किताब में मोर पंख रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार मोर पंख बुध ग्रह को मजबूत करता है। इससे पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है और याददाश्त भी बेहतर हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए इसे बेहद शुभ उपाय माना जाता है।
जहां भी बच्चा पढ़ाई करता है, उस जगह को साफ और व्यवस्थित रखना बहुत जरूरी है। गंदगी और अव्यवस्था से नेगेटिविटी बढ़ती है। सकारात्मकता के लिए स्टडी रूम में गुलाब या चंदन की धूपबत्ती जलाई जा सकती है। इससे वातावरण शांत रहता है और बच्चों को पढ़ाई में बेहतर फोकस करने में मदद मिलती है।
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जहां भी बच्चा पढ़ाई करता है, उस जगह को साफ और व्यवस्थित रखना बहुत जरूरी है। गंदगी और अव्यवस्था से नेगेटिविटी बढ़ती है। सकारात्मकता के लिए स्टडी रूम में गुलाब या चंदन की धूपबत्ती जलाई जा सकती है। इससे वातावरण शांत रहता है और बच्चों को पढ़ाई में बेहतर फोकस करने में मदद मिलती है।
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