Published : Feb 07, 2017 04:06 pm IST, Updated : Feb 07, 2017 04:06 pm IST
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इंग्लैंड के बल्लेबाज़ एलिस्टर कुक ने सोमवार को राष्ट्रीय टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। कुक चार साल से ज्यादा समय तक टेस्ट टीम के कप्तान रहे। उनका यह फैसला हालांकि हैरानी भरा नहीं है। कुक ने 59 मैचों में कप्तानी की है। अपनी कप्तानी में उन्होंने इंग्लैंड में दो ऐशेज़ सिरीज़ जीती लेकिन ऑस्ट्रेलिया में करारी हार देखी। वह इंग्लैंड के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ है जिन्होंने भारत और साउथ अफ़्रीका में अपनी टीम को जीत दिलाई थी।
अब जबकि कुक रिटायर हो रहे हैं, हम आपको कुक के बेहतरीन टेस्ट करिअर के पांच बेहतरीन लम्हों पर नज़र डालते हैं।
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नागपुर, मार्च 2006- कुक को अपना पहला टेस्ट मैच खेलने के लिए आधी दुनिया लांघनी पड़ी। 2006 में भारत दौरे पर कुक ने शतक लगाकर क्रिकेट जगत को दिखा दिया था कि वह पैदाइशी कप्तान हैं यानी भावी कप्तान।
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अबू धाबी, फरवरी 2012- पाकिस्तान के ख़िलाफ़ वनडे में कुक ने 142 बॉलों पर 137 रन बनाए। उनके बाद सर्वाधिक स्कोर रवि बोपारा (50) का था। विरोधी टीम और कंडीशंस को देखते हुए ये कुक की बेहतरीन पारी थी।
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भारत दौरा, 2012-13- इस दौरे पर कुक ने मिसाल रखते हुए 176, 122 और 190 रन बनाए। इंग्लैंड ने ये सिरीज़ 2-1 से जीती थी। जिस तरह से उन्होंने अपनी टीम ख़ासकर स्पिनर्स ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर को संभाला, वो क़ाबिल-ए-तारीफ़ था।
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साउथ अफ़्रीका दौरा, 2015-16- कुक ने भले ही घर में दो ऐशेज़ सिरीज़ जीती हों लेकिन साउथ अफ़्रीका में जीतना अलग ही बात है। इसमें कोई दो राय नही कि बेन स्टोक्स जैसे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था लेकिन जिस तरह से कुक ने कप्तानी की वो लाजवाब थी।
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चेस्टर-ले-स्ट्रीट, मई 2016- कुक ने पिछले साल चेस्टर-ले-स्ट्रीट, डरहम में श्रीलंका के ख़िलाफ अपने 10,000 रन पूरे किए। क्या उपलब्धि थी.....। लेकिन कुक ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ इंग्लैंड में अभी तक सैंकड़ा नहीं ठोका है।