भारत की महिला हॉकी टीम ने इतिहास रचते हुए सोमवार को अपने से कहीं अधिक मजबूत तीन बार की ओलंपिक चैम्पियन आस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। सबसे खास बात यह है कि महिला टीम पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची है। अब उसका सामना 4 अगस्त को वर्ल्ड नम्बर-5 अर्जेटीना से होगा, जिसने जर्मनी को हराया है।
दुती चंद ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में इस सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन वह अपनी हीट में सातवें और अंतिम स्थान पर रहकर ओलंपिक से बाहर हो गयी। दुती ने चौथी हीट में 23.85 सेकेंड का समय निकाला जो उनका इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है लेकिन यह सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिये पर्याप्त नहीं था।
ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और संजीव राजपूत मेंस 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन के फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे जिससे रियो ओलंपिक के बाद टोक्यो ओलंपिक से भी भारतीय निशानेबाजों का खाली हाथ लौटना तय हो गया। ऐश्वर्य असाका निशानेबाजी रेंज में नीलिंग में 397, प्रोन में 391 और स्टैंडिंग में 379 अंक से कुल 1167 अंक जुटाकर 21वें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाने की दौड़ से बाहर हो गए।
भारत के फवाद मिर्जा ओलंपिक की घुड़सवारी स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बनने के बाद इवेंटिंग स्पर्धा में 23वें स्थान पर रहे। मिर्जा ने अपने घोड़े सिगन्योर मेडिकॉट के साथ व्यक्तिगत इवेंटिंग वर्ग के जंपिंग फाइनल्स में प्रवेश किया था। फाइनल में उन्हें 12.40 पेनल्टी अंक मिले और उनके कुल 59.60 पेनल्टी अंक रहे जिसमें क्वालीफाइंग स्पर्धाओं ड्रेसेज, क्रॉसकंट्री और जंपिंग के तीन दौर के अंक शामिल है।
कमलप्रीत कौर की करें तो 63.70 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो लगाकर वह छठें स्थान पर रहीं। शनिवार को क्वालीफाइंग दौर में दूसरे स्थान पर रही कमलप्रीत आठ दौर के फाइनल में कभी भी पदक की दौड़ में नहीं रही। बारिश के कारण मुकाबला एक घंटे तक बाधित रहा। कमलप्रीत ने तीसरे दौर में 63.70 मीटर का थ्रो फेंका और छठे स्थान पर रही।