मिट्टी के बर्तनों में जिंदा है फिलिस्तीन की 400 साल पुरानी विरासत, देखें तस्वीरें
मिट्टी के बर्तनों में जिंदा है फिलिस्तीन की 400 साल पुरानी विरासत, देखें तस्वीरें
इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक के हेब्रोन में फिलिस्तीनी कुम्हार करीब 400 साल पुरानी पारंपरिक पॉटरी कला को जीवित रखे हुए हैं। बढ़ती लागत, सस्ते आयातित सामान और घटती मांग के बावजूद कारीगर चाक, मिट्टी और भट्ठी के जरिए इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
Published : Aug 27, 2026 11:46 pm IST, Updated : Aug 27, 2026 11:46 pm IST
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इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी कुम्हार पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक कला के जरिए मिट्टी के बर्तन बनाते हैं, जिन्हें पूरे क्षेत्र में बेचा जाता है। बढ़ती लागत, सस्ते आयातित सामान और घटती बिक्री के बावजूद, एक परिवार 400 साल पुरानी इस परंपरा को आज भी जीवित रखे हुए है।
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27 वर्षीय अहमद फखौरी हेब्रोन शहर की एक पारंपरिक मिट्टी के बर्तन बनाने वाली कार्यशाला में चाक पर काम करते दिखाई दे रहे हैं। घूमते चाक पर नरम मिट्टी को हाथों से आकार देकर वह सुंदर बर्तन तैयार कर रहे हैं। यह काम पीढ़ियों पुरानी स्थानीय कारीगरी की झलक दिखाता है।
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हेब्रोन की पारंपरिक पॉटरी कार्यशाला में एक फिलिस्तीनी कारीगर तैयार मिट्टी का बर्तन उठाकर ले जाता हुआ नजर आ रहा है। कार्यशाला में बने इन बर्तनों को सावधानी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाता है। मिट्टी, मेहनत और हाथों की कला मिलकर यहां रोजमर्रा की चीजों को खास रूप देती है।
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हेब्रोन की एक पारंपरिक पॉटरी कार्यशाला में फिलिस्तीनी कारीगर मिट्टी के बर्तन तैयार करने में व्यस्त हैं। कोई मिट्टी को आकार दे रहा है तो कोई तैयार बर्तनों को संभाल रहा है। कई साल पुरानी यह कारीगरी आज भी स्थानीय कामगारों की मेहनत और हुनर के सहारे आगे बढ़ रही है।
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हेब्रोन की पारंपरिक पॉटरी कार्यशाला में फिलिस्तीनी कामगार मिट्टी के बर्तनों को पकाने वाली भट्ठी को चेक करते दिखाई दे रहे हैं। तेज गर्मी में बर्तनों को सही तरीके से पकाना बेहद जरूरी होता है। भट्ठी का तापमान और समय ठीक रहने पर ही मिट्टी के बर्तन मजबूत और इस्तेमाल के लायक बनते हैं।
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अहमद फखौरी हेब्रोन की एक पारंपरिक पॉटरी कार्यशाला में मिट्टी को चाक पर घुमाकर बर्तन का आकार दे रहे हैं। उनके हाथों की हल्की-सी हरकत मिट्टी को धीरे-धीरे एक सुंदर रूप देती है। यह तस्वीर बताती है कि साधारण मिट्टी भी हुनर के हाथ लग जाए तो खूबसूरत कलाकारी में बदल सकती है।
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हेब्रोन की पारंपरिक मिट्टी के बर्तन बनाने वाली कार्यशाला में एक फिलिस्तीनी कामगार भट्ठी को चेक कर रहा है। मिट्टी से तैयार बर्तनों को मजबूत बनाने के लिए उन्हें तेज गर्मी में पकाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में कारीगरों को गर्मी के बीच लगातार सावधानी और ध्यान से काम करना पड़ता है।
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एक फिलिस्तीनी कारीगर हेब्रोन की पारंपरिक पॉटरी कार्यशाला में तैयार मिट्टी का बर्तन लेकर जाता हुआ दिखाई दे रहा है। हाथ से बने इन बर्तनों को तैयार करने में कई चरण शामिल होते हैं। मिट्टी को आकार देने से लेकर भट्ठी में पकाने तक, हर कदम कारीगर की मेहनत और अनुभव पर निर्भर करता है।
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हेब्रोन की पारंपरिक पॉटरी कार्यशाला में फिलिस्तीनी कामगार भट्ठी से तैयार मिट्टी के बर्तन बाहर निकाल रहे हैं। तेज गर्मी में पकने के बाद बर्तनों को सावधानी से बाहर लाया जाता है। यह पल पूरी मेहनत का नतीजा देखने का समय होता है, जब साधारण मिट्टी मजबूत और उपयोगी बर्तन का रूप ले चुकी होती है।
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जेरिको शहर में सड़क किनारे बिक्री के लिए रखे पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों के पास एक ऊंट खड़ा नजर आ रहा है। सड़क किनारे सजे ऐसे सामान राह चलते लोगों का ध्यान भी अपनी ओर खींचते हैं।