पाकिस्तान की जेल में पिछले महीने मृत पाए गए एक भारतीय मछुआरे का शव भारत लाया गया। शनिवार को गुजरात के गिर सोमनाथ जिले स्थित उसके पैतृक गांव में शव पहुंचा तो परिजन बिलख-बिलख के रोने लगे। इस बीच, ये भी बात सामने आई कि भारतीय मछुआरे की पाकिस्तान के जेल में मौत कैसे हुई है?
16 जनवरी को हुई थी मौत
जाफराबाद के मत्स्य अधिकारी ओए मकरानी ने बताया कि जिले के ऊना तालुका के चिखली गांव निवासी भगभाई बंभानिया की 16 जनवरी को कराची की एक जेल में दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई थी। मकरानी ने कहा कि उनका शव वाघा सीमा (पंजाब) पर मत्स्य विभाग की एक टीम को सौंपा गया था।
सड़क मार्ग से गांव पहुंचाया गया शव
बंभानिया के पार्थिव शरीर को हवाई जहाज से अहमदाबाद लाया गया और फिर सड़क मार्ग से पैतृक गांव पहुंचाया गया। बंभानिया को पाकिस्तानी अधिकारियों ने 18 फरवरी, 2022 को उस समय गिरफ्तार कर लिया था, जब उनकी नौका 'बुराक' भटक कर अनजाने में अंतरराष्ट्रीय जल सीमा पार कर गई थी।
लंबे समय से पाकिस्तानी जेल में था भारतीय मछुआरा
पाकिस्तान की कोर्ट ने बाद में उन्हें दोषी ठहराया गया और सजा सुनाई। हालांकि, 2022 में अपनी सजा पूरी करने के बाद भी वे लंबे समय तक जेल में ही रहे। अधिकारियों ने बताया कि जेल में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई। काफी देरी के बाद और दोनों देशों की सरकारों के बीच प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद, मछुआरे का शव भारत वापस लाया गया।