सूरत में तिजोरी काटकर 32 करोड़ के हीरे चोरों मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। हीरे की कंपनी में चोरी किसी और न नहीं बल्कि कंपनी के मालिक ने खुद करवाई थी। कंपनी मालिक ने ही इंश्योरेंस के पैसे लेने के लिए 5 लोगों को सुपारी देकर चोरी करवाई थी। मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने कंपनी मालिक, उसके दो बेटे और ड्राइवर को गिरफ्तार किया है।
कर्ज चुकाने के लिए अपने ही कंपनी में कराया चोरी
हीरों की चोरी की जांच से पता चला है कि चोरी किसी और ने नहीं बल्कि कंपनी के मालिक ने 20 करोड़ रुपये के कर्ज को चुकाने के लिए किया था। पुलिस ने कहा कि कोरोना के बाद कंपनी के मालिक देवेंद्र चौधरी पर करोडों रुपये का कर्ज हो गया था। चौधरी का बेटा पीयूष भी साजिशकर्ता पाया गया, जिसने चोरी करने के लिए चार लोगों को शामिल किया। हालांकि, पुलिस को और लोगों के शामिल होने का संदेह है।
पुलिस ने बताया कि चौधरी पर 20 करोड़ रुपये का कर्ज़ था। उन्होंने हाल ही में 3.75 लाख रुपये का बीमा प्रीमियम भरा था। अगर उनके हीरे यूनिट के बाहर खो जाते तो चौधरी को 2 करोड़ रुपये मिलते, लेकिन अगर उनके कार्यालय के अंदर ही हीरे खो जाते, तो उन्हें 20 करोड़ रुपये का और भी बड़ा भुगतान मिलता। इसलिए, उन्होंने और उनके बेटे ने हीरे चोरी करवाने की साज़िश रची।
ड्राइवर ने चार लोगों को लेकर की चोरी
पुलिस ने बताया कि कंपनी के मालिक ने अपने ड्राइवर विकास को विश्वास में लिया और उसे चोरी का नाटक रचने के लिए 10 लाख रुपये की पेशकश की। विकास ने कुछ लोगों को रिक्शा में बिठाया और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। शक है कि उन्होंने तिजोरी में असली हीरे बदलकर नकली हीरे रख दिए, जिसे किराए के लोगों ने गैस कटर से तोड़ दिया।
डी.के. एंड संस डायमंड कंपनी के मालिक देवेंद्र चौधरी ने 18 अगस्त को कपोद्रा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी कि चोरों ने 15 अगस्त से 17 अगस्त तक विस्तारित छुट्टी के सप्ताहांत का फायदा उठाकर हीरे, सीसीटीवी और डीवीआर चुरा लिए थे।
रिपोर्ट: शैलेष चांपानेरिया, सूरत