गांधीनगर: गुजरात में मासूम बच्ची के साथ हुए दुराचार के आरोपी का पुलिस ने हाफ एनकाउंटर किया। गांधीनगर में हुई ये घटना न केवल अपराध की भयावहता को दिखाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और उससे बचना आसान नहीं है। बता दें कि बीते 15 दिसंबर को गांधीनगर के सेक्टर-21 पुलिस थाना इलाके की झुग्गी से 4 साल की नाबालिग की किडनैपिंग और रेप की सनसनीखेज वारदात सामने आई थी। इस केस ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था।
पुलिस ने आरोपी को पकड़ा
पुलिस की जांच में आरोपी की पहचान रामगनीत देव नंदन रामरूप यादव के तौर पर हुआ है जो 40 साल का है। वह फिलहाल यहां किसी कंपनी में काम करता था, जबकि उसका मूल निवास बिहार के नालंदा जिले में है। पुलिस ने आरोपी को आज (20 दिसंबर को) अरेस्ट किया। केस से जुड़े अहम सबूत एफएसएल जांच के लिए भेज दिए गए, जिनका मिलान भी हो गया।
पुलिस को क्यों करना पड़ा हाफ एनकाउंटर?
इससे पहले शनिवार शाम को केस की पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए महिला पुलिस इंस्पेक्टर एलपी देसाई अपनी टीम के संग आरोपी को लेकर मौके पर गईं। वहां उन्हें रीकंस्ट्रक्शन पंचनामा करना था। लेकिन इसी दौरान आरोपी ने भागने का प्रयास किया। पुलिस की तरफ से निर्देश दिए जाने के बावजूद भी जब वह नहीं रुका, तो उसे रोकने के लिए इंस्पेक्टर ने अपनी सर्विस पिस्टल से गोली चलाई जो आरोपी के पैर में जा लगी।
पुलिस की निगरानी में हो रहा इलाज
ये गोली लगने से आरोपी रामगनीत घायल हो गया, फिर उसे आननफानन में गांधी नगर के सिविल अस्पताल में एडमिट कराया गया। फिलहाल वह ट्रीटमेंट के दौरान पुलिस की निगरानी में है।
पिछले 3 महीने में है ये छठी घटना
जान लें कि गुजरात में हाल के दिनों में रेप और हत्या जैसी गंभीर वारदातों में शामिल आरोपियों पर पुलिस की कड़ी कार्रवाई लगातार दिख रही है। पिछले कुछ महीनों में सूरत, अहमदाबाद, राजकोट, गांधीनगर और नवसारी जैसे शहरों में ऐसे कई केस सामने आए, जहां भागने या पुलिस पर अटैक करने की कोशिश वाले आरोपियों पर जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उन्हें गोली मारी। यह घटनाएं साफ इशारा करती है कि पुलिस, अपराधियों पर नकेल कसने के लिए तैयार है।
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