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EXCLUSIVE: सेक्युलर पहचान के साथ जन्मा बांग्लादेश आज कट्टरपंथ की तरफ कैसे फिसल गया, पाकिस्तान का इसमें क्या है ‘डर्टी गेम’? पढ़िए विदेश मामलों के एक्सपर्ट से खास बातचीत

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Dec 20, 2025 04:41 pm IST,  Updated : Jan 03, 2026 03:38 pm IST

बांग्लादेश के बदलते चरित्र, उसके पीछे की साजिशों और पाकिस्तान की गंदी चालों को पूर्व राजदूत और विदेश मामलों के जानकार दीपक वोहरा ने INDIA TV से बातचीत में बेबाकी से उजागर किया। जानिए बांग्लादेश की इनसाइड स्टोरी।

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बांग्लादेश में एंटी-इंडिया नैरेटिव पनपाने का काम कौन कर रहा है? Image Source : AP

Bangladesh Crisis: 1971 में जन्मा बांग्लादेश जो अपनी 'सेक्युलर' पहचान के साथ अस्तित्व में आया, आज कट्टरपंथ और एंटी-इंडिया नैरेटिव के भंवर में कैसे फंस गया? क्या यह परिवर्तन अचानक से हुआ या इसके बीज दशकों पहले ही बांग्लादेश की जमीन में पड़ गए थे? और इसमें पाकिस्तान, वैश्विक ताकतों और उसकी अंदरूनी सियासत का असली रोल क्या है? इन तमाम सवालों पर दो-टूक और बिना कूटनीतिक लाग-लपेट के INDIA TV से बात की भारत के पूर्व राजदूत और विदेश मामलों के जानकार दीपक वोहरा ने, इसमें उन्होंने बांग्लादेश की सेक्युलर पहचान, पाकिस्तान के ‘डर्टी गेम’ और भारत की रणनीति पर विश्लेषण किया। पढ़िए दीपक वोहरा से एक्सक्लूसिव बातचीत।

सवाल: सेक्युलर पहचान के साथ जन्मा बांग्लादेश आज कट्टरपंथ की तरफ कैसे फिसल गया? इस बदलाव की शुरुआत कहां से हुई?

जवाब: दीपक वोहरा ने कहा कि 1971 में बांग्लादेश जब पैदा हुआ था, तो वह सेक्युलर था, यह मानना एक भ्रम है। वह सेक्युलर नहीं था। हां, यह सही है कि काफी सारे हिंदू वहां पर थे, पर धीरे-धीरे उन्हें वहां से निकाल दिया गया। कन्वर्ट किया गया। कट्टरपंथी इस्लाम, जिसे मैं Suicidal इस्लाम' कहूंगा, वह पूरी दुनिया में फैला है और बांग्लादेश भी उससे अछूता नहीं रहा।

दीपक वोहरा बोले, 'जिसे हम डिप्लोमेसी कहते हैं, मुझे इसमें 52 साल हो गए हैं। कूटनीति में हम सबसे पहले एक सिद्धांत सीखते हैं, जिसे Felix Schwarzenberg Principle कहते हैं। Felix Schwarzenberg 19th सेंचुरी में ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री थे। उस समय ऑस्ट्रिया-हंगरी का मिलकर एक साम्राज्य होता था। हंगरी के लोग यानी Magyars ऑस्ट्रिया के शहंशाह के खिलाफ विद्रोह कर रहे थे। तब ऑस्ट्रिया के राजा ने रूस के जार यानी शहंशाह से मदद मांगी। फिर रूस ने अपनी सेना भेजकर उन विद्रोहियों को कुचल दिया। बाद में जब लोगों ने Felix Schwarzenberg से पूछा कि अब तो आप हमेशा रूस के आभारी रहेंगे, तो उन्होंने कहा- आप हैरान हो जाएंगे, हम बिल्कुल भी आभारी नहीं रहेंगे। हम इतने Ungrateful होंगे कि दुनिया हैरान रह जाएगी। यह अंतरराष्ट्रीय मामलों का पहला सिद्धांत है कि इसमें आभार नाम की कोई चीज नहीं होती।'

उन्होंने आगे कहा कि बांग्लादेश में कट्टरपंथ तब से बढ़ना शुरू हुआ जब से उनकी आर्थिक स्थिति खराब होने लगी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से किसी ने पूछा था, 'सर, आपको वोट क्यों दें, जॉर्ज बुश को क्यों नहीं?' तब उन्होंने जवाब दिया था, 'It’s the economy stupid, जब आर्थिक व्यवस्था कमजोर होती है, तो लोगों का दिमाग खराब होने लगता है।'

दीपक वोहरा के मुताबिक, जो लोग कहते हैं कि अवामी लीग बहुत सेक्युलर है, वे गलत हैं। शेख हसीना भी कट्टरपंथियों के साथ मिलकर राजनीति करती रही हैं। और अब यह जो 'मोहम्मद यूनुस' आए हैं, जिन्हें हिलेरी क्लिंटन का संरक्षण प्राप्त था, वह आजकल खुद को बड़ा इस्लामिस्ट बता रहे हैं।

विदेश मामलों के जानकार ने कहा, 'अभी बांग्लादेश के स्टूडेंट लीडर उस्मान हादी की हत्या कर दी गई। वह इस यूनुस से बच रहा था। क्योंकि यूनुस को लाने में उसका बड़ा रोल था, लेकिन जब उसने गृह मंत्री बनने की मांग की, तो यूनुस ने उसे मना कर दिया। और अब बाद में उसकी अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी। यह इनकी आंतरिक राजनीति है।'

भारत का क्या रोल होना चाहिए, इसपर उन्होंने कहा कि हमें अभी कुछ नहीं करना चाहिए। बांग्लादेश में अब गृह युद्ध जैसी स्थिति बनेगी। अगर हमारे दूतावास पर हमला हो रहा है तो वहां की फौज को उसकी रक्षा करनी है, वरना यहां भारत में भी उसका रिएक्शन होगा।

दीपक वोहरा ने कहा, 'जो लोग मेरी उम्र के हैं, जिनको 1971 याद है, उन्हें पता है कि पाकिस्तानी सेना और खासकर पंजाबी आर्मी ने बंगाली महिलाओं के साथ क्या बर्बरता की थी। आज यह मोहम्मद यूनुस उन्हीं पाकिस्तानियों के पीछे भाग रहा है। यह आदमी चुनाव नहीं चाहता क्योंकि चुनाव होते ही यह बाहर हो जाएगा। इसीलिए ऐसा करवाया जा रहा है। मेरा मानना है कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और अवामी लीग मिलकर इसे बाहर निकाल देंगे। यह अभी दंगे करवा रहा है ताकि चुनाव टाले जा सकें।'

सवाल: क्या बांग्लादेश की सेक्युलर सोच को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर किया गया और इसमें पाकिस्तान का क्या रोल है?

जवाब: दीपक वोहरा ने कहा कि पाकिस्तान का इसमें 100 प्रतिशत हाथ है। देखिए इस समय यूरोप में यूक्रेन भिड़ रहा है रूस के साथ। और यूरोपियन यूनियन वाले, नाटो वाले कहते हैं, 'अरे फिक्र मत करो जेलेंस्की' तो वह बहुत खुश हो जाते हैं, अपने आपको शहंशाह समझने लगते हैं। फिर जो यूरोपियन यूनियन के या नाटो के छोटे-मोटे देश हैं, एक दूसरे से कहते हैं, 'पहले आप रूस पर हमला करो।' इस पर दूसरा कहता है, 'मैं क्यों करूं, पहले तुम करो।' फिर ब्रिटेन कहता है, 'पहले फ्रांस करे।' फ्रांस कहता है, 'पहले ब्रिटेन करे।' क्योंकि सबको डर है कि पहला हमला जिसने किया, रूस उसको मिटा देगा। तो सब तुम पहले करो, तुम पहले करो हम टेस्ट करेंगे वो क्या रिस्पॉन्स करता है, में लगे रहते हैं।

उन्होंने कहा, 'यही चीज यहां हो रही है। पाकिस्तान की जिंदगी का मकसद है भारत के साथ पंगा लेना। अब यह अलग बात है कि हमारी अर्थव्यवस्था बहुत आगे निकल गई है, वो वहीं का वहीं फंसा हुआ है। पाकिस्तान कोशिश यही कर रहा है कि बांग्लादेश को भी भारत से दूर कर दिया जाए। क्या बांग्लादेश हमसे भिड़ेगा Militarily? आधे घंटे में हम उसकी एयरफोर्स को नष्ट कर देंगे, ये वो जानता है। तो मेरा मानना है कि वो पाकिस्तान के साथ दोस्ती कर रहा है। पाकिस्तान के पास तो पैसे हैं नहीं उसको देने को। चीन भी नहीं देगा, इसलिए बांग्लादेश फंस गया है। वो दलदल में फंसा है और उसकी नाव में चप्पू नहीं है।'

सवाल: बांग्लादेश में एंटी-इंडिया नैरेटिव अचानक इतना मजबूत क्यों हो गया? इसके पीछे कौन से टूल्स और प्लेटफॉर्म इस्तेमाल हो रहे हैं?

जवाब: विदेश मामलों के जानकार ने कहा कि सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फेक न्यूज़। फेक न्यूज़ बहुत चलती है। आप देखेंगे, एक फेक न्यूज़ के बारे में मुझको किसी ने बताया कि भारत की सेना ढाका की तरफ बढ़ रही है और दिखा रहे हैं 1971 की क्लिप्स। दूसरी चीज ये है कि इन्होंने देखा है किस तरह से भारत में तरक्की हो रही है, वहीं ये अपने लोगों को रेडिकलाइज कर रहे हैं। इसकी वजह से इन्होंने सिर्फ भारत से ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया से पंगा ले लिया है।

उन्होंने कहा, 'अब बांग्लादेश के चीन के साथ भी संबंध बड़े खराब हो गए हैं। म्यांमार के साथ तो रोहिंग्या के कारण पहले से ही खराब संबंध हैं। तो बांग्लादेश बिल्कुल अकेला पड़ा हुआ है। ये लोग कहते हैं कि India is surrounded by Islam, लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि बांग्लादेश को इंडिया ने तीन तरफ से घेरा हुआ है। तीन तरफ तो हम ही हैं। और ये मोहम्मद यूनुस को अंतरराष्ट्रीय मामलों के बारे में कुछ नहीं पता है। बांग्लादेश  जल्द इसका नतीजा भुगतेगा।'

सवाल: पाकिस्तान के ‘डर्टी गेम’ पर बात करते हैं। पाकिस्तान आज भी बांग्लादेश को भारत के खिलाफ इस्तेमाल करना क्यों चाहता है, उसका एंड-गेम क्या है?

जवाब: दीपक वोहरा ने कहा कि इसकी वजह ये है कि वो डायरेक्टली भिड़ नहीं सकता है भारत से। वो हमेशा दूसरे को आगे भेजता है भिड़ने के लिए। पाकिस्तान, बलि का बकरा बांग्लादेश को बना रहा है। पाकिस्तान, इस्लाम के नाम पर बांग्लादेश से ये करवा रहा है। जहां सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और लेबनान, सब आधुनिक युग में जा रहे हैं, दूसरी तरफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सैकड़ों साल पीछे जाना चाहते हैं। इससे कुछ होने वाला नहीं है। ये सारे धीरे-धीरे लाइन पर आएंगे।

उन्होंने कहा, 'मालदीव भी कितना भड़कता था हमारे खिलाफ, नेपाल भी, श्रीलंका भी, लेकिन अब सब लाइन पर आ गए। जब इनको पता लगेगा कि कोई इनकी मदद नहीं कर सकता भारत के अलावा तो बांग्लादेशी सही रास्ते पर लौटेंगे। अमेरिका को जो अपना मकसद हासिल करना है, वो Saint Martin Island है। जिस दिन उसको वह मिल जाएगा, उसके बाद वह बांग्लादेश से दूरी बना लेगा।'

विदेश मामलों के जानकार ने कहा कि इतिहास के बारे में कहते हैं कि इतिहास का सबक ये है कि इतिहास का कोई सबक नहीं है। हम बार-बार वही गलतियां करते हैं। अगर बांग्लादेश का कोई पक्का दोस्त है और जो उसका भला चाहता है, उस देश का नाम भारत है।

सवाल: क्या बांग्लादेश ‘दूसरा पाकिस्तान’ बनने की राह पर है या अभी भी वापसी का रास्ता बचा है?

जवाब: दीपक वोहरा ने कहा कि सवाल ही नहीं पैदा होता क्योंकि बंगाली जो है ना, उसको अपना कल्चर, अपनी भाषा बहुत पसंद है। वो पहले बंगाली है, फिर बांग्लादेशी है, उसके बाद मुसलमान है। बदलने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वे चंद लोग हैं। ये कहना कि आधा देश सड़कों पर उतर आया, वो सच नहीं है। वो अपना जीवन जीना चाहते हैं, वो अपना माछेर झोल खाना चाहते हैं। और अगर भारत ने उनको खाद्य पदार्थ और ऊर्जा देनी बंद कर दी, वो तो मर जाएंगे, कौन देगा उनको? पाकिस्तान नहीं दे सकता। चीन तो देगा नहीं, वो बोलेगा पहले पैसे लाओ। और पैसे बांग्लादेशियों के पास हैं नहीं।

उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि जो Geo-Economic हकीकत है, वो देखते हुए बांग्लादेश, भारत से दूर जा ही नहीं सकता। और कहावत है ना कि भाई अगर तालाब में रहना है तो फिर मगरमच्छ से बैर कैसा। अरे भारत सबसे शक्तिशाली ताकत है इस इलाके की। हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं, तीसरी सबसे बहादुर फौज है हमारी। बांग्लादेश का हमसे कोई मुकाबला नहीं है।'

विदेश मामलों के जानकार के मुताबिक, पाकिस्तान भड़काता रहेगा। पहले इसने नेपाल को भड़काया, फिर मालदीव को भड़काया, उसके बाद श्रीलंका को। अब बांग्लादेश को कर रहा है। इसके बाद देखते हैं और किसको भड़काएगा। और फिर ये हल्के-हल्के सब सीख जाएंगे कि भारत से बैर करने का कोई फायदा नहीं है।

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