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'गुजरात में पूर्व अग्निवीरों को पुलिस की नौकरी में भर्ती परीक्षा से मिलेगी छूट', डिप्टी सीएम हर्ष संघवी का बड़ा ऐलान

 Reported By: Nirnay Kapoor,  Written By: Vinay Trivedi
 Published : Oct 10, 2026 03:19 pm IST,  Updated : Oct 10, 2026 04:07 pm IST

गुजरात में पूर्व अग्निवीरों को पुलिस की नौकरी में भर्ती परीक्षा से छूट की बड़ी घोषणा की गई है। डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने इसका ऐलान किया गया है। इससे पहले, पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल टेस्ट से छूट और उम्र सीमा में रियायत मिलती रही है।

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गुजरात में पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ा ऐलान। Image Source : PTI/@SANGHAVIHARSH(X)

डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने ऐलान किया है कि गुजरात में पूर्व अग्निवीरों को पुलिस की नौकरी में भर्ती परीक्षा से छूट मिलेगी। इससे पहले, पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल टेस्ट से छूट और उम्र सीमा में रियायत दी गई थी। साथ ही पुलिस, जेल और वन विभाग के तय पदों पर 20 फीसदी आरक्षण का प्रावधान भी किया गया था।

अग्निवीरों को सेना में 4 साल के लिए किया जाता है भर्ती

भारत सरकार की अग्निपथ स्कीम के अंतर्गत युवाओं को भारतीय थलसेना, इंडियन नेवी और एयरफोर्स में 4 साल के लिए भर्ती किया जाता है। इन्हीं युवाओं को अग्निवीर कहा जाता है। सेवा में 4 साल पूरे होने के बाद, इनमें से 25 फीसदी बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले युवाओं को भारतीय सेना में स्थायी कर लिया जाता है, जबकि बाकी 75 फीसदी युवा सेवामुक्त हो जाते हैं। योग्यता और आयु सीमा की बात करें तो इसके लिए युवाओं की उम्र 17.5 से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

अग्निवीरों का वेतन और पैकेज

पहले साल में अग्निवीरों को हर महीने 30 हजार रुपये और साथ में लागू होने वाले भत्ते मिलते हैं। फिर दूसरे साल में उन्हें 33 हजार रुपये प्रति माह और लागू होने वाले Allowances दिए जाते हैं। तीसरे साल में अग्निवीरों को Allowances के साथ हर महीने 36 हजार 500 रुपये दिए जाते हैं। वहीं, चौथे साल में अग्निवीरों को प्रति माह 40 हजार रुपये मिलते हैं। साथ में लागू होने वाले Allowances भी दिए जाते हैं।

सर्विस पूरी होने के बाद अग्निवीरों को मिलने वाले लाभ

सेवा निधि पैकेज का लाभ: सेवा निधि पैकेज के तहत 4 साल बाद सेवा से मुक्त होने पर, 5.02 लाख रुपये की राशि के बराबर ही भारत सरकार भी योगदान देगी और अग्निवीरों को कुल 10.04 लाख रुपये की राशि और उस पर जमा हुआ ब्याज दिया जाएगा। जो अग्निवीर बाद में भारतीय सेना में रेगुलर कैडर के रूप में चुने जाते हैं, उनको मिलने वाले सेवा निधि पैकेज में सिर्फ उनका अपना योगदान और उस पर जमा हुआ ब्याज ही शामिल होगा। अगर कोई अग्निवीर अपनी सेवा अवधि पूरी होने से पहले ही अपनी मर्जी से सेवा छोड़ता है, तो उस वक्त तक जमा हुए उसके सेवा निधि पैकेज का भुगतान लागू ब्याज दर के साथ किया जाएगा। ऐसे केस में, 'सेवा निधि पैकेज' के लिए सरकार का कोई योगदान नहीं मिलेगा। जान लें कि सेवा निधि पर इनकम टैक्स नहीं लगेगा।

अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट: 4 साल की सर्विस पूरी होने के बाद अग्निवीरों को एक डिटेल्ड स्किल सेट सर्टिफिकेट दिया जाता है, जिसमें सर्विस के दौरान उनकी तरफ से सीखी गईं स्किल्स और काबिलियत के स्तर के बारे में बताया जाता है।

12वीं क्लास का सर्टिफिकेट: जिन अग्निवीरों ने 10वीं कक्षा पास करने के बाद सर्विस में एनरोलमेंट कराया था, उन्हें 4 साल की सर्विस पूरी होने पर, हासिल की गई स्किल्स के बेस पर 12वीं (Equivalent) का सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इससे पहले हाल ही में गुजरात सरकार ने 'ऑपरेशन गंगाजल' चलाया था और 2 IAS अधिकारियों को अनिवार्य रूप से रिटायर कर दिया था।

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