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महिला कांस्टेबल के साथ वकील की मारपीट, थाने में दर्ज हुआ केस तो SHO पर लगा दिया रेप का आरोप

 Edited By: Shakti Singh
 Published : May 26, 2025 11:52 pm IST,  Updated : May 26, 2025 11:53 pm IST

पुलिस थाने में महिला वकील के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद उसने एसएचओ के खिलाफ रेप का मामला दर्ज करा दिया। इसके बाद दिल्ली पुलिस को पूरी घटना की जिम्मेदारी दी गई और निष्पक्ष जांच के लिए कहा गया।

Representative Image- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : FILE PHOTO

हरियाणा के गुरुग्राम में एक महिला वकील के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज हुआ तो उसने थाने के एसएचओ पर ही रेप का मुकदमा दर्ज करा दिया। अब दिल्ली पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है। मामला सेक्टर 50 थाने का है। यहां एक महिला और एक महिला हेड कांस्टेबल के बीच कथित तौर पर मारपीट का दर्ज होने के बाद एक महिला अधिवक्ता ने स्टेशन हाउस ऑफिसर पर बलात्कार, उत्पीड़न और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया है। 

महिला अधिवक्ता की शिकायत के आधार पर दिल्ली के सब्जी मंडी थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस से जीरो एफआईआर मिलने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए सहायक पुलिस आयुक्त (महिलाओं के खिलाफ अपराध) सुरेंद्र कौर की अध्यक्षता में एक एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया है। 

महिला वकील के आरोप

सब्जी मंडी थाने में दर्ज अधिवक्ता की शिकायत के अनुसार, उसे 22 मई की रात एक मामले में पूछताछ के बहाने सेक्टर 50 थाने में बुलाया गया और करीब 3 बजे तक जबरन वहां बैठाए रखा गया। इस दौरान एसएचओ ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और गंभीर यौन उत्पीड़न भी किया। शिकायत में कहा गया है कि एसएचओ ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। 

हरियाणा पुलिस का बयान

गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि 21 मई को सेक्टर 50 थाने में अधिवक्ता के खिलाफ सरकारी कर्मचारी पर हमला करने और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जीरो एफआईआर में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि सेक्टर 50 थाने में अधिवक्ता के खिलाफ पहले से दर्ज मारपीट का मामला पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज किया गया है। दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस ने बताया कि सेक्टर 51 स्थित महिला थाने में एक दंपती के बीच दहेज का मामला चल रहा था। 21 मई को थाने में दोनों पक्षों की काउंसलिंग होने के बाद थाने के बाहर किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया। महिला थाने के अधिकारियों ने झगड़े की सूचना सेक्टर 50 थाने को दी, जिसके बाद वहां से पुलिस पहुंची और दंपती को अपने साथ ले गई। महिला अधिवक्ता ने अपने मुवक्किल के साथ जाने का अनुरोध किया, लेकिन पुलिस ने मना कर दिया। कुछ देर बाद महिला अधिवक्ता सेक्टर 50 थाने पहुंची और कथित तौर पर मुवक्किल की पत्नी की पिटाई शुरू कर दी। जब एक महिला कांस्टेबल ने हस्तक्षेप किया तो अधिवक्ता ने कथित तौर पर उसके साथ भी दुर्व्यवहार किया और मारपीट की। 

महिला कांस्टेबल की शिकायत के आधार पर सेक्टर 50 थाने में अधिवक्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसे गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा कर दिया गया। इसके बाद अधिवक्ता ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया, जिसने जीरो एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने बताया कि इसके बाद दोनों मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। संपर्क किए जाने पर सेक्टर-50 थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर सत्यवान ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप मनगढ़ंत और पूरी तरह झूठे हैं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता ने अपने खिलाफ दर्ज मारपीट के मामले से खुद को बचाने के लिए आरोप लगाए होंगे। (इनपुट- पीटीआई)

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