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हरियाणा में डॉक्टरों की घोर लापरवाही, नूंह के सरकारी अस्पताल में 4 साल के बच्चे की 'गलत' पैर की कर दी सर्जरी

 Published : Jul 26, 2026 10:46 pm IST,  Updated : Jul 26, 2026 10:50 pm IST

डॉक्टरों की इस लापरवाही को लेकर परिजनों का डॉक्टरों के खिलाफ काफी गुस्सा है। डॉक्टरों ने एक पैर में सर्जरी करने के बाद दूसरे पैर में भी ऑपरेशन किया है। इससे बच्चे के दोनों पैरों में पट्टी चढ़ी हुई हैं।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : PIXABAY

हरियाणा के नूंह जिले में सरकारी डॉक्टरों की घोर लापरवाही सामने आई है। एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में 4 साल के बीमार बच्चे की गलत पैर की सर्जरी कर दी गई। इसको लेकर मासूम पीड़ित के परिजनों में सरकारी अस्पताल और डॉक्टरों के प्रति काफी गुस्सा है।

दूसरे पैर में सर्जरी की प्रक्रिया दोहराई गई

अधिकारियों के अनुसार, सर्जरी के बाद इस गलती का पता चला और इसके बाद जिस पैर में वास्तव में सर्जरी की जरूरत थी। उस पर भी सर्जरी की प्रक्रिया दोहराई गई। यह घटना नूंह जिले के नल्हड़ स्थित शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज में हुई। 

पुलिस में दर्ज किया गया मामला

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि बच्चे के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। लापरवाही की जांच शुरू कर दी गई है। शिकायतकर्ता आरिफ के अनुसार, उनका चार साल के बेटे के पैर में फोड़ा होने से पीड़ित था और उसे 20 जुलाई को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। इसके बाद उसके दाहिने पैर की सर्जरी की गई। 

डॉक्टर ने गलती की स्वीकार

शिकायत में कहा गया है कि हालांकि, जब बच्चे को बाहर लाया गया तो परिवार को पता चला कि गलत पैर की सर्जरी कर दी गई है। बच्चे के पिता ने दावा किया कि सर्जन ने अपनी गलती स्वीकार की और बाद में दूसरे पैर की भी सर्जरी की। 

बच्चे के बाएं पैर में होनी थी सर्जरी

आरिफ ने आरोप लगाया कि अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पवन कुमार ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखने के बाद बताया कि सर्जरी वास्तव में बाएं पैर में की जानी थी। डॉक्टरों ने शिकायतकर्ता से कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है और वह इस मामले को देखेंगे। आरिफ ने बताया कि परिवार ने इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्रशासन को लिखित शिकायत भी दी है। 

मामले की जांच के लिए बनाई गए एक समिति

शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉक्टर मुकेश कुमार ने कहा, 'इस मामले में एक लिखित शिकायत मिली है। जांच के लिए चार डॉक्टरों की एक समिति बनाई गई है। जांच निगरानी में की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।' (भाषा के इनपुट के साथ)

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