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जानिए, बाजार से क्यों अलग होते हैं अखबार में दिखने वाले गोल्ड के रेट

 Written By: India TV Business Desk
 Published : May 04, 2015 02:45 pm IST,  Updated : May 13, 2015 03:13 pm IST

नई दिल्ली: सोना खरीदते वक्त जिन दो बातों का आपको खास ख्याल रखना चाहिए उनमें पहली है कि आप जो सोना खरीद रहे हैं वह कितना शुद्ध है और दूसरा सोने के भाव उसी कैरेट

gold

ऐसे पहचानें असली हॉलमार्क

हॉलमार्किंग में किसी उत्पाद को तय मापदंडों पर प्रमाणित किया जाता है। भारत में बीआईएस वह संस्था है, जो उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए जा रहे गुणवत्ता स्तर की जांच करती है। यदि सोना-चांदी हॉलमार्क है तो इसका मतलब है कि उसकी शुद्धता प्रमाणित है। लेकिन कई ज्वैलर्स बिना जांच प्रकिया पूरी किए ही हॉलमार्क लगा रहे हैं। ऐसे में यह देखना जरूरी है कि हॉलमार्क ओरिजनल है या नहीं? असली हॉलमार्क पर भारतीय मानक ब्यूरो का तिकोना निशान होता है। उस पर हॉलमार्किंग सेंटर के लोगो के साथ सोने की शुद्धता भी लिखी होती है। उसी में ज्वैलरी निर्माण का वर्ष और उत्पादक का लोगो भी होता है।

ध्यान रहे 24 कैरेट गोल्ड की नहीं बनती ज्वैलरी

सबसे पहली बात यह कि असली सोना 24 कैरेट का ही होता है, लेकिन इसके अभूषण नहीं बनते, क्‍योंकि वो बेहद मुलायम होता है। आम तौर पर आभूषणों के लिए 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें 91.66 फीसद शुद्ध सोना होता है। कई बार ग्राहक जानकारी के अभाव में गलती से 22 कैरेट वाली सोने की ज्वैलरी के बदले 24 कैरेट का दाम दे आते हैं।

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