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9/11 के हमले के बाद लश्कर के सम्पर्क मे रहता था हेडली

 Written By: IANS
 Published : Apr 22, 2015 05:20 pm IST,  Updated : Apr 22, 2015 05:23 pm IST

वाशिंगटन,  मुंबई हमले के एक प्रमुख साजिशकर्ता पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली ने खुलासा किया है कि उसने 9/11 हमले के बाद पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से स्थायी रूप से जुड़ने

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9/11 हमले के बाद लश्कर से जुड़ा था हेडली

वाशिंगटन,  मुंबई हमले के एक प्रमुख साजिशकर्ता पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली ने खुलासा किया है कि उसने 9/11 हमले के बाद पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से स्थायी रूप से जुड़ने का फैसला कर किया था।

टेलीविजन वृत्तचित्र 'अमेरिकन टेरररिस्ट' को डेविड कोलमैन हेडली के प्राप्त संस्मरण से इसका खुलासा हुआ है। उसके पिता पाकिस्तानी और मां अमेरिकी हैं। यह वृत्तचित्र मंगलवार रात प्रसारित हुआ था।

एलईटी के साथ काम करते हुए उसने अपने अमेरिकी पासपोर्ट का इस्तेमाल भारत दौरे के लिए किया और हमले के लिए स्थानों की रेकी और उनकी वीडियोग्राफी की और हमलावरों के भारत में प्रवेश का रास्ता भी ढूंढ़ा।

लश्कर के आतंकवादियों के साथ अपनी पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए हेडली ने कहा कि वह भारत से कश्मीर की आजादी को लेकर उनके समर्पण से बेहद प्रभावित था।

प्रोपब्लिका और फ्रंटलाइन में प्रकाशित संस्मरण के अनुसार हेडली ने लिखा है, "अक्टूबर 2000 के दौरान मैं पाकिस्तान दौरे पर लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के साथ संयोगवश संपर्क में आया। मैंने नवंबर में उनके वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लिया।"

9/11 के बाद लश्कर से जुड़ने के अपने फैसले पर हेडली ने कहा कि 2002 में संगठन ने उससे एलईटी के हथियार के प्रशिक्षण में हिस्सा लेने को कहा।

संस्मरण के मुताबिक, उसने विस्फोट का प्रशिक्षण लिया, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण यह था कि उसे पाकिस्तानी पिता और अमेरिकी मां से मिले नाम दाऊद गिलानी को बदलने की मांग की गई।

हेडली ने कहा, "उसने डेविड चुना जो कि दाउद का अंग्रेजी नाम है। कोलमैन उसके दादा का नाम था और हेडली शादी से पहले उसकी मां का नाम था।"

यह एक नौकरशाही जैसा काम था, लेकिन खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, उसने यह नाम इसलिए चुना ताकि उसे पकड़ना आसान न हो।

उसने लिखा, "अंतत: जून में मेरे से वरिष्ठ साजिद मीर ने मुझे अमेरिका लौटने की सलाह दी, मेरे मुस्लिम नाम को ईसाई नाम में बदल दिया और उस नाम के साथ मुझे नया अमेरिकी पासपोर्ट दिलाया।"

हेडली ने कहा, "उसने फिर मुझे बताया कि मैं भारत जाऊंगा, मैं पाकिस्तानी नागरिक जैसा नहीं लगता था और हिंदू और ऊर्दू धाराप्रवाह बोल लेता था, जिसने मुझे भारत में फायदा दिया।"

इस वक्त हेडली ने मुंबई में रेकी की शुरुआत की।

भारत के एक दौरे पर वह अपनी नई पत्नी के साथ हनीमून के सिलसिले में ताज महल होटेल में रुका, जो कि मुंबई हमले का मुख्य निशाना था।

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