इंदौर (मध्य प्रदेश): भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय सोमवार को अपने एक बयान के कारण नये विवाद में घिर गये। भाजपा के 35 वर्षीय विधायक ने अतिवृष्टि प्रभावित किसानों के नुकसान और बिजली के कथित भारी-भरकम बिलों की समस्याओं को लेकर सूबे की कमलनाथ सरकार को चेताते हुए कहा कि "हम खाली हाथ नहीं घूमते हैं।"
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राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने फौरन इस बयान को करीब चार महीने पुरानी उस बहुचर्चित घटना से जोड़ दिया जिसमें आकाश ने इंदौर नगर निगम के एक अधिकारी को क्रिकेट के बल्ले से पीट दिया था। आकाश ने यहां कमलनाथ सरकार के खिलाफ भाजपा के विरोध प्रदर्शन में कहा, "हमारी मांग है कि राज्य की कांग्रेस सरकार के सारे मंत्री, विधायक और अन्य नेता किसानों को उनके उस नुकसान का जल्द से जल्द मुआवजा दिलवायें जो भारी बारिश के कारण उनकी फसलें खराब होने से हुआ है।"
पहली बार विधायक बने भाजपा नेता ने कहा, "सूबे में बिजली कभी आती है, कभी जाती है। लेकिन लोगों को एक लाख रुपये तक के बिजली बिल थमाये जा रहे हैं। इस समस्या का भी तुरंत निराकरण किया जाये।" उन्होंने आगे चेतावनी भरे लहजे में कहा, "वरना आपको पता है कि फिर हम खाली हाथ तो घूमते नहीं हैं।" सोशल मीडिया पर आकाश का विवादास्पद बयान वायरल होते ही कांग्रेस ने भाजपा विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा, "आकाश ने अपने धमकी भरे बयान के जरिये नगर निगम अधिकारी को उनके द्वारा बल्ले से सरेआम पीटे जाने की घटना की ओर स्पष्ट इशारा किया है। भाजपा विधायक का बयान बताता है कि बल्ला कांड में गिरफ्तारी के बाद जेल से जमानत पर छूटने के बावजूद उन्हें कोई सबक नहीं मिला है।" कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, "राजनीति में चाल, चरित्र और चेहरे का जुमला उछालने वाली भाजपा ने बल्ला कांड में आकाश के खिलाफ अब तक कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है। इससे यही लगता है कि भाजपा को अपने जन प्रतिनिधियों की सार्वजनिक अराजकता स्वीकार्य है।"
आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब इंदौर से विधयाक आकाश विजयवर्गीय मीडिया की सुर्खियां बटोरते नजर आए हैं। इससे पहले 26 जून को अपनी टीम के साथ जर्जर मकान को ढहाने के लिए पहुंचे नगर निगम अधिकारी धीरेंद्र बायस की आकाश आकाश ने बैट से पिटाई की थी। जिसके बाद निगम अधिकारी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इसके लिए आकाश विजयवर्गीय को जेल जाना पड़ा था।